पेड़ के नीचे रखे-रखे कबाड़ बन रही 17 लाख की बाइक एंबुलेंस
Author Prabhat khabar digital desk
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देवघर : स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता व रखरखाव के अभाव में बाइक एंबुलेंस कबाड़ बन रहे हैं. श्रावणी मेले के बाद से ही पांच बाइक एंबुलेंस को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने खुले आसमान के नीचे रख दिया गया है. धूप व बरसात में उक्त सभी बाइक एंबुलेंस पेड़ के नीचे ही पड़े रहे. सभी […]
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देवघर : स्वास्थ्य विभाग की उदासीनता व रखरखाव के अभाव में बाइक एंबुलेंस कबाड़ बन रहे हैं. श्रावणी मेले के बाद से ही पांच बाइक एंबुलेंस को सिविल सर्जन कार्यालय के सामने खुले आसमान के नीचे रख दिया गया है. धूप व बरसात में उक्त सभी बाइक एंबुलेंस पेड़ के नीचे ही पड़े रहे.
सभी पांच बाइक एंबुलेंस पर पेड़ के पत्ते गिरकर जमे हुए हैं. इन गाड़ियों पर से जमे पेड़ के पत्तों की गंदगी भी कोई हटाने वाला नहीं है. रखे-रखे इन सभी बाइक एंबुलेंस के पार्टस-पुर्जे खराब होंगे तो इसका जिम्मेवार कौन होगा?
17 लाख में खरीदा था आइओसीएल ने इन एंबुलेंस को: इन पांच बाइक एंबुलेंस को आइओसीएल (इंडियन ऑयल कॉरपोरेशन लि) कंपनी ने सीएसआर मद से 17 लाख में खरीदी थी. एमओयू के तहत जिला प्रशासन के माध्यम से आइओसीएल द्वारा इन सभी बाइक एंबुलेंस को स्वास्थ्य विभाग के जिम्मे सौंपा था.
सावन मेले में कांवरियों को स्वास्थ्य सुविधा के लिए रूट लाइनिंग से लाने-ले जाने में बाइक एंबुलेंस बड़ा ही कारगर साबित हुआ. सावन मेले के बाद स्वास्थ्य विभाग द्वारा सिविल सर्जन कार्यालय के पास लाकर इन सभी बाइक एंबुलेंस को पेड़ के नीचे बाहर में ही छोड़ दिया गया है.
पाइपलाइन एरिया के सात गांव की सेवा के लिए मिली थी बाइक एंबुलेंस : आइओसीएल टर्मिनल के सीनियर मैनेजर सुनील कुमार सिंह से मिली जानकारी के मुताबिक पाइपलाइन एरिया के सात गांव बदलाडीह, नवाडीह, शंकरपुर, मथुरापुर, साधुजोर, तिलजोरी व दोंगी गांव में बाइक एंबुलेंस की सेवा दिलाने का था.
इसलिए जिला प्रशासन के माध्यम से सभी बाइक एंबुलेंस स्वास्थ्य विभाग को सौंपा गया था. इन सभी बाइक एंबुलेंस के रखरखाव, मेंटेनेंस की जिम्मेवारी स्वास्थ्य विभाग की है. चालक भी उन्हें ही बहाल करना है और इन गांवों के ग्रामीणों को बाइक एंबुलेंस का लाभ दिलाना है.
कल ही भेजेंगे पोषक क्षेत्र में : सिविल सर्जन
सिविल सर्जन डॉ विजय कुमार ने पूछने पर बताया कि प्रधान लिपिक के तबादले के कारण एमओयू नहीं देख सके हैं. कल ही एमओयू निकलवाएंगे और जिस गांव के लिए एमओयू हुआ है, उस पोषक क्षेत्र में सभी एंबुलेंस को भेज देंगे.
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