लाखों खर्च के बाद भी नतीजा शून्य

देवघर : विश्व प्रसिद्ध श्रवणी मेले में बाबाधाम आनेवाले शिवभक्तों को शिवगंगा के गंदा पानी में ही डुबकी लगानी पड़ेगा. मेला शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन का सब दावा एक -एक कर फेल होने लगा है. तीन दिन की बारिश में ही हरिहरबाड़ी कॉलोनी का गंदा पानी शिवगंगा में प्रवेश करने लगा है. […]
देवघर : विश्व प्रसिद्ध श्रवणी मेले में बाबाधाम आनेवाले शिवभक्तों को शिवगंगा के गंदा पानी में ही डुबकी लगानी पड़ेगा. मेला शुरू होने से पहले ही जिला प्रशासन का सब दावा एक -एक कर फेल होने लगा है. तीन दिन की बारिश में ही हरिहरबाड़ी कॉलोनी का गंदा पानी शिवगंगा में प्रवेश करने लगा है.
ड्रेनेज सिस्टम ठीक नहीं रहने से आस-पास के मुहल्लों का गंदा पानी हरिहरबाड़ी कॉलानी में जमाव होकर सीधे शिवगंगा में जा रहा है. इससे भक्तों की आस्था पर चोट पहुंच रही है. छतीसी का पानी जोरिया के माध्यम से शिवगंगा में आता था. इसके बंद होने के बाद से शिवगंगा का पानी लगातार गंदा होता जा रहा है.
लाखों खर्च के बाद नतीजा शून्य : हर साल शिवगंगा सफाई के नाम पर लाखों रुपये खर्च होते हैं. इसमें जिला प्रशासन से लेकर मंदिर प्रबंधन बोर्ड तक महती भूमिका निभा चुकी है. कभी गंदगी साफ करनेवाली मछली छोड़ी गयी. कभी फिल्ट्रेशन प्लांट लगाया गया. यहां तक कि पानी साफ करनेवाला केमिकल भी दिया गया. वर्तमान समय में निगम के निर्देश पर पीएचइडी पाइप के माध्यम से पानी भरायी का काम कर रही है.
खत्म हो गयी पूर्व की व्यवस्था : पूर्व की व्यवस्था ठीक थी. पहले छतीसी तालाब से ओवर फ्लो होकर जोरिया के माध्यम से सीधे शिवगंगा में जल आता था. शिवगंगा में पानी अधिक होने पर गणोश कला मंदिर के पास स्थित निकासी खोल दिया जाता था. वह सीधे मानसरोवर में चला जाता था. इससे शिवगंगा व मानसरोवर दोनों तालाबों में सालोंभर पर्याप्त पानी रहता था.
क्या कहते हैं निगम सफाई इंचार्ज : अजय पंडित उर्फ टुल्लु ने बताया कि उन्होंने बारिश शुरू होने के 25 दिन पहले ही निगम सीइओ को कॉलोनी की संभावित समस्या से अवगत करा दिया है. निगम की ओर से कॉलोनी के लिए तीन स्टॉफ नियमित रूप से रखा गया है. पानी का निकासी नहीं रहने से सब मेहनत बेकार हो रहा है.
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