होर्मुज नाकाबंदी पर भड़का ईरान, कहा- हमारी मिसाइलों के निशाने पर अमेरिकी युद्धपोत

Published by : Pritish Sahay Updated At : 16 Apr 2026 6:02 PM

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स्ट्रेट ऑफ होर्मुज, फोटो- एएनआई

Iran US Ceasefire: होर्मुज पर अमेरिकी नाकाबंद से नाराज ईरान ने सख्त चेतावनी दी है. ईरान ने कहा है कि हमारे मिसाइल लॉन्चर अमेरिकी युद्धपोतों पर निशाना साधे हुए हैं, हम उन सभी को डुबो देंगे.

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Iran US Ceasefire: ईरान के सर्वोच्च नेता के सैन्य सलाहकार मोहसेन रेजाई ने कहा है कि अगर अमेरिकी नौसैनिक से ईरान को सीधा खतरा होता है, तो तेहरान पूरी तरह से तैयार है. ईरानी सरकारी मीडिया प्रेस टीवी के अनुसार एक इंटरव्यू में रेजाई ने कहा कि दबाव बढ़ाना जरूरी है. उन्होंने दावा किया कि ईरान के मिसाइल लॉन्चर अमेरिकी युद्धपोतों पर निशाना साधे हुए हैं और जरूरत पड़ने पर हमला कर उन्हें डुबो दिया जाएगा.

ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी पर रेजाई ने कहा कि अमेरिका का यह प्रयास भी पूरी तरह विफल होगा. ईरान ऐसी कार्रवाइयों का जवाब अच्छी तरह से दे सकता है. प्रेस टीवी के हवाले से उन्होंने कहा- जिस तरह अमेरिका को होर्मुज को खोलने के प्रयास में ऐतिहासिक हार का सामना करना पड़ा, उसी तरह नौसैनिक नाकाबंदी में भी उसकी विफलता तय है.

जवाब देने के लिए ईरान के पास पूरी क्षमता- रेजाई

रेजाई ने कहा कि ईरान के सशस्त्र बल अमेरिका की नाकाबंदी को सफल नहीं होने देंगे. उन्होंने दावा किया कि तेहरान के पास जवाब देने के लिए बेहद ताकतवर क्षमता मौजूद है. ईरान की ओर से यह बयान उस समय आया है जब अमेरिकी केंद्रीय कमान (CENTCOM) ने कहा कि ईरान के बंदरगाहों की पूरी नाकाबंदी कर दी गई है. अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट सहित अन्य प्रमुख रास्तों पर कब्जा जमा लिया है.

रेजाई ने यह भी आरोप लगाया कि अमेरिका ने इजराइल के साथ मिलकर पहले से ही ईरान के खिलाफ सैन्य योजना बनाई थी. उन्होंने कहा कि इस योजना में इस्फहान में पैराट्रूपर्स भेजकर यूरेनियम सामग्री कब्जे में लेने की कोशिश भी शामिल थी. हालांकि इन दावों की पुष्टि नहीं हुई है.

यूएन प्रस्ताव के बिना युद्धविराम नहीं- ईरान ने साफ किया अपना रुख

मोहसेन रेजाई ने कहा कि जब तक सभी शर्तें पूरी नहीं होतीं, तब तक युद्धविराम बढ़ाना ईरान के लिए फायदेमंद नहीं है. उनके मुताबिक, सभी समझौते पूरे हों और संयुक्त राष्ट्र में प्रस्ताव आए, तभी सीजफायर मायने रखेगा. उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने मानवीय कारणों से अस्थायी युद्धविराम माना है और अमेरिका से बातचीत में पूरी सावधानी जरूरी है.

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ईरान और अमेरिका के बीच इस्लामाबाद में हुई थी वार्ता

इससे पहले 11-12 अप्रैल को इस्लामाबाद में अमेरिका-ईरान वार्ता का पहला दौर युद्ध के स्थायी समाधान के मकसद से हुआ था, लेकिन परमाणु कार्यक्रम और होर्मुज स्ट्रेट जैसे जटिल मुद्दों पर मतभेद बना रहा और कोई समझौता नहीं हो सका. इसके बाद अमेरिका ने ईरान के समुद्री मार्गों की नाकेबंदी लागू की. होर्मुज ईरान और ओमान के बीच स्थित करीब 55 किलोमीटर चौड़ा बेहद महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग है, जिसके जरिए करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल का व्यापार होता है.

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प्रीतीश सहाय, इन्हें इलेक्ट्रॉनिक और डिजिटल मीडिया इंडस्ट्री में 12 वर्षों से अधिक का अनुभव है. ये वर्तमान में प्रभात खबर डॉट कॉम के साथ डिजिटल कंटेंट प्रोड्यूसर के रूप में कार्यरत हैं. मीडिया जगत में अपने अनुभव के दौरान उन्होंने कई महत्वपूर्ण विषयों पर काम किया है और डिजिटल पत्रकारिता की बदलती दुनिया के साथ खुद को लगातार अपडेट रखा है. इनकी शिक्षा-दीक्षा झारखंड की राजधानी रांची में हुई है. संत जेवियर कॉलेज से ग्रेजुएट होने के बाद रांची यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की डिग्री हासिल की. इसके बाद लगातार मीडिया संस्थान से जुड़े रहे हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत जी न्यूज से की थी. इसके बाद आजाद न्यूज, ईटीवी बिहार-झारखंड और न्यूज 11 में काम किया. साल 2018 से प्रभात खबर के साथ जुड़कर काम कर रहे हैं. प्रीतीश सहाय की रुचि मुख्य रूप से राजनीतिक खबरों, नेशनल और इंटरनेशनल इश्यू, स्पेस, साइंस और मौसम जैसे विषयों में रही है. समसामयिक घटनाओं को समझकर उसे सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाने की इनकी हमेशा कोशिश रहती है. वे राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति से जुड़े मुद्दों पर लगातार लेखन करते रहे हैं. इसके साथ ही विज्ञान और अंतरिक्ष से जुड़े विषयों पर भी लिखते हैं. डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने कंटेंट प्लानिंग, न्यूज प्रोडक्शन, ट्रेंडिंग टॉपिक्स जैसे कई क्षेत्रों में काम किया है. तेजी से बदलते डिजिटल दौर में खबरों को सटीक, विश्वसनीय और आकर्षक तरीके से प्रस्तुत करना पत्रकारों के लिए चुनौती भी है और पेशा भी, इनकी कोशिश इन दोनों में तालमेल बनाते हुए बेहतर और सही आलेख प्रस्तुत करना है. वे सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की जरूरतों को समझते हुए कंटेंट तैयार करते हैं, जिससे पाठकों तक खबरें प्रभावी ढंग से पहुंच सकें. इंटरनेशनल विषयों में रुचि होने कारण देशों के आपसी संबंध, वार अफेयर जैसे मुद्दों पर लिखना पसंद है. इनकी लेखन शैली तथ्यों पर आधारित होने के साथ-साथ पाठकों को विषय की गहराई तक ले जाने का प्रयास करती है. वे हमेशा ऐसी खबरों और विषयों को प्राथमिकता देते हैं जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय लिहाज से महत्वपूर्ण हों. रूस यूक्रेन युद्ध, मिडिल ईस्ट संकट जैसे विषयों से लेकर देश की राजनीतिक हालात और चुनाव के दौरान अलग-अलग तरह से खबरों को पेश करते आए हैं.

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