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देवघर : नाबालिग साइबर अपराधी भी उड़ा रहे खाते से पैसे

Updated at : 08 Jan 2019 6:46 AM (IST)
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देवघर : नाबालिग साइबर अपराधी भी उड़ा रहे खाते से पैसे

संजीत मंडल देवघर : जामताड़ा जिले का करमाटांड़ इलाका. इस नाम को शायद ही कोई राज्य होगा, जहां की पुलिस नहीं जानती होगी. करमाटांड़ थाना क्षेत्र में लगभग 150 गांव हैं. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 100 से ज़्यादा गांवों के नौजवान साइबर अपराध से जुड़ चुके हैं. 12 से 25 साल के करीब 80 […]

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संजीत मंडल
देवघर : जामताड़ा जिले का करमाटांड़ इलाका. इस नाम को शायद ही कोई राज्य होगा, जहां की पुलिस नहीं जानती होगी. करमाटांड़ थाना क्षेत्र में लगभग 150 गांव हैं. पुलिस के आंकड़ों के मुताबिक 100 से ज़्यादा गांवों के नौजवान साइबर अपराध से जुड़ चुके हैं.
12 से 25 साल के करीब 80 प्रतिशत युवा इस सिंडिकेट से जुड़े हैं. 1500 से अधिक युवाओं का सिंडिकेट चल रहा है. यह सिंडिकेट अब पुलिस के भय से देवघर, गिरिडीह, धनबाद, बोकारो व झारखंड के अन्य जिले से अॉपरेट कर रहे हैं. क्योंकि देश के कोने-कोने से पुलिस जामताड़ा और करमाटांड़ पहुंचती है.
लेकिन आश्चर्य की बात यह है कि साइबर अपराध से पैसे उड़ाने के इस सिंडिकेट में अब नाबालिग भी काफी संख्या में जुड़े हैं. संताल परगना की बात करें, तो सिर्फ देवघर जिले में जनवरी-2018 से दिसंबर तक 176 साइबर अपराधी पुलिस के हत्थे चढ़े हैं, जिसमें से 24 नाबालिग हैं. जिन्हें जुवेनाइल कोर्ट ने रिमांड होम भेजा है.
अभी तो सीखा ही था, पकड़े गये : अभी हाल ही में देवघर जिले के मोहनपुर थाना क्षेत्र के मोरने गांव की झाड़ियों से दो नाबालिग साइबर अपराधी सहित छह को देवघर साइबर पुलिस ने नाटकीय ढंग से पकड़ा था.
दोनों नाबालिग से जब पुलिस ने पूछताछ की, तो उसने साइबर अपराध की दुनिया में आने की पूरी बात बतायी. मिंटू और बंटी (काल्पनिक नाम) दोनों की उम्र तकरीबन 16-17 वर्ष है. उन दोनों के बात करने का तरीका बिल्कुल दिल्ली के स्टाइल वाला, हिंदी का उच्चारण इतना शुद्ध कि पढ़े-लिखे भी न बोल पायें.
एंड्राइड मोबाइल तो ऐसे अॉपरेट करते हैं जैसे कोई बड़ा एक्सपर्ट कर रहा हो. दोनों बच्चों ने पुलिस को बताया कि गांव के ही एक भैया से उन लोगों ने मोबाइल से ठगी का तरीका सीखा. अब तक दोनों ने करीब 30 लोगों को फोन करके ठगी की कोशिश की. यह सब वह अपने गांव मोरने की झाड़ियों के पास बैठकर ही किया करता था. इसी क्रम में पुलिस ने वहां छापेमारी की और पकड़े गये.
मिंटू और बंटी (काल्पनिक नाम) ने कहा कि घर में भी सभी बड़े कहते थे कि गांव के कुछ लड़के मोबाइल की तकनीक से अच्छा कमा रहे हैं, तुम भी सीख लो और कुछ करो. अभी पूरा सीखे भी नहीं थे, कोई बड़ा हाथ भी नहीं मारे, पकड़े गये.
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जामताड़ा और अन्य जिले में टीन एजर्स (खासकर नाबालिग) साइबर क्राइम की दुनिया में धड़ल्ले से आ रहे हैं. यह अत्यंत ही चिंता का विषय है. जामताड़ा और देवघर जिले से तीन दर्जन से अधिक नाबालिगों की गिरफ्तारी हुई है.
इन्हें जुवेनाइल कोर्ट ने रिमांड होम भेजा है. बच्चों को इस क्राइम में उनके अभिभावक ही भेज रहे हैं, ऐसी खबरें भी आ रही है. इसलिए जामताड़ा और देवघर जिला प्रशासन से प्रमंडलीय बैठक में कहा गया है कि जनवरी में एक कार्यक्रम तैयार करें, जिसमें वैसे अभिभावकों की काउंसेलिंग की जायेगी, जो अपने बच्चों को इस दलदल में धकेल रहे हैं.
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