देवघर : सेवा, एकता व सद्भावना ही भक्ति का मार्ग

Updated at : 09 Dec 2018 10:29 AM (IST)
विज्ञापन
देवघर : सेवा, एकता व सद्भावना ही भक्ति का मार्ग

देवघर : रिखियापीठ में शतचंडी महायज्ञ सह सीता कल्याणम् का शुभारंभ शनिवार को हुआ. सुबह में स्वामी निरंजनानंद जी व स्वामी सत्संगीजी की उपस्थिति में काशी के पंडितों ने गुरु पूजा की व देवी दुर्गा की स्थापना पूजा के बाद अरणी से अग्नि प्रज्वलित कर महायज्ञ की शुरुआत हुई. पांच दिवसीय इस अनुष्ठान में नफरत […]

विज्ञापन
देवघर : रिखियापीठ में शतचंडी महायज्ञ सह सीता कल्याणम् का शुभारंभ शनिवार को हुआ. सुबह में स्वामी निरंजनानंद जी व स्वामी सत्संगीजी की उपस्थिति में काशी के पंडितों ने गुरु पूजा की व देवी दुर्गा की स्थापना पूजा के बाद अरणी से अग्नि प्रज्वलित कर महायज्ञ की शुरुआत हुई. पांच दिवसीय इस अनुष्ठान में नफरत व क्रोध को भूलाकर भक्ति की रसधार में डूबने व एकता बनाये रखने का संदेश दिया गया.
इस यज्ञ में भक्ति की परिभाषा सेवा, एकता व सद्भावना के रूप में दी गयी. अनुष्ठान में दुनिया के कोने-काेने से कुल 60 देशों के श्रद्धालु पहुंचे हैं. विदेशी भक्त भी पाठी के रूप में संस्कृत में देवी दुर्गा सप्तशती का पाठ शुरू किया. पूरी दुनिया में सेवा, प्रेम व दान का संदेश देने के लिए यज्ञ का ध्वजारोहण किया गया. कन्याओं ने मां भगवती व श्रीराम की भक्ति में कीर्तन में देश-विदेश के भक्तों को झुमाया. यज्ञ के दौरान हजारों लोगों के बीच देवी का प्रसाद के रूप में अन्न, वस्त्र व बरतन वितरण किया गया.
भक्ति को एक विचार में नहीं बांध सकते : स्वामी निरंजनानंद : स्वामी निरंजनानंद जी ने कहा कि 1995 से परमगुरु स्वामी सत्यानंदजी ने शतचंडी महायज्ञ की शुरुआत रिखियापीठ में की है. इस यज्ञ में देवी मां मुख्य अतिथि हैं, जो भी संदेश देंगे पूरा होगा. देवी की कृपा से कष्ट दूर होते हैं. यज्ञ के दो रूप आराधना व विधि है. आराधना भाव से अर्पण करने पर मनोकामना पूरी होती है. भक्ति को एक विचार में नहीं बांध सकते हैं.
ऋषियों ने भक्ति को अनेक रूप में परिभाषित किया है. पहला रूप भक्त, दूसरा रूप भक्ति का मार्ग व तीसरा भक्ति योग है. तीनों गुणों को समझने पर संपूर्ण भक्ति की प्राप्ति होती है. स्वामी सत्यानंदजी ने जन्म से भक्ति मार्ग अपनाया था, उन्होंने अपने गुरु के चरणों में सिर झुका कर अपने जीवन भक्ति प्रज्वलित किया था व अपने इष्ट व आराध्य से प्रति क्षण जुड़ गये.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola