पुलिस-प्रशासन फेल, रेत मफिया का चल रहा खेल, देवघर में डंपिंग, बिहार में स्मगलिंग
Updated at : 25 Nov 2018 8:40 AM (IST)
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आशीष कुंदन, देवघर : बालू उठाव पर एनटीजी की रोक हटते ही देवघर में बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से शुरू हो गया है. देवघर जिले में अब भी कोई वैध बालू घाट नहीं है, बावजूद अहले सुबह से ट्रैक्टर पर बालू की अवैध ढुलाई शुरू हो जाती है. अवैध बालू को रिखिया थाना क्षेत्र […]
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आशीष कुंदन, देवघर : बालू उठाव पर एनटीजी की रोक हटते ही देवघर में बालू का अवैध कारोबार धड़ल्ले से शुरू हो गया है. देवघर जिले में अब भी कोई वैध बालू घाट नहीं है, बावजूद अहले सुबह से ट्रैक्टर पर बालू की अवैध ढुलाई शुरू हो जाती है. अवैध बालू को रिखिया थाना क्षेत्र के अलग-अलग तीन स्थानों पर अवैध रूप से डंप किया जा रहा है.
वहीं डंप स्थल पर रात के अंधेरे में जेसीबी से ट्रक पर बालू लोड कर बिहार भेजा जाता है. यह सबकुछ पुलिस व खनन विभाग की नाक के नीचे हो रहा है. इससे इन्कार नहीं किया जा सकता कि पुलिस व खनन विभाग के गठजोड़ से रेत माफिया यह अवैध कारोबार काफी दिनों से कर रहे हैं. एक रात में इन स्थलों से चार ट्रक बालू अवैध तरीके से बिहार जा रहा है और इससे रेत माफिया को हर दिन माेटी कमाई हो रही है.
क्या कहते हैं खनन पदाधिकारी
शुक्रवार से ही सूचना मिल रही है. मामले को लेकर एसडीओ साहब से विचार-विमर्श किये हैं. स्थल की जानकारी लेकर रंगेहाथ ट्रक पर बालू लाेड करते पकड़ने की योजना बना रहे हैं. बहुत जल्द मामले में कार्रवाई होगी.
राजेश कुमार, डीएमओ देवघर
रेत माफिया के डर से कोई मुंह नहीं खोलता
रेत माफिया का बोलबाला इस कदर है कि डर के मारे कोई मुंह भी नहीं खोल पाता हैं. अगर कोई शिकायत की हिम्मत जुटाये तो भी किसके पास? दिखावे के लिए लीला मंदिर के आगे मुख्य पथ पर हाइवे पेट्रोलिंग भी रहती है और वहां पुलिस के साथ रेत माफिया भी अड्डाबाजी करते हैं. जिस स्थल पर पुलिस और रेत माफिया खड़े रहते हैं, वहां से महज दो सौ गज आगे ही देवघर-दुमका मुख्य पथ के किनारे एक ही स्थल पर अलग-अलग दो जगह बालू डंप किया जाता है. जिस जगह पर बालू का अवैध डंप होता है वह स्थल देवघर-दुमका मुख्य पथ के समीप आमगाछी मोड़ के निकट सिंगारडीह में है.
मोड़ से महज दो सौ गज आगे एक पॉल्ट्री फॉर्म के पीछे के खाली मैदान व बगल के गड्ढे में दिनभर ट्रैक्टर से अवैध बालू गिराया जाता है. यह रिखिया थाना क्षेत्र में पड़ता है. इसके अलावा रिखिया थाना क्षेत्र के ही मलहरा गांव के आगे तालाब के पास इंट भट्ठे से छिपाकर भी एक स्थल पर अवैध बालू डंप होता है.
20 हजार रुपये में एक ट्रक बालू जाता है बिहार
एक ट्रक बालू 20 हजार रुपये में बिहार भेजा जाता है. एक रात में चार ट्रक अवैध बालू इन स्थलों से बिहार निकलता है. चार ट्रक बालू से 80 हजार रुपये की कमाई होती है. प्रति ट्रैक्टर बालू 1200 से 1500 रुपये में बिकता है. अवैध कारोबार करने वाले खुद के ट्रैक्टर से बालू उठाकर नदी से एक जगह रखते हैं और रात में ट्रक पर लोड कराते हैं.
एक ट्रक पर आठ से 10 ट्रैक्टर बालू खपता है. इस प्रकार प्रतिदिन 40 ट्रैक्टर अवैध बालू बिहार जा रहा है. महीनों में यह अवैध कारोबार करोड़ों में चल रहा है. सूत्रों की मानें, तो इस अवैध कमाई में रेत माफिया थाना से लेकर प्रशासन तक को भी शेयर देकर मैनेज करते हैं. यही वजह है कि पुलिस-प्रशासन के स्तर से इस पर कोई कार्रवाई जल्दी नहीं होती है. बिना बालू घाट के डाक हुए अहले सुबह से दिनभर खुलेआम कैसे ट्रैक्टरों से अवैध बालू का परिवहन होता है और पुलिस व खनन विभाग मौन है.
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