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लुप्तप्राय अजगर के लिए मोहनपुर बना महफूज, एक वर्ष में निकले पांच अजगर

Updated at : 25 Oct 2018 5:32 AM (IST)
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लुप्तप्राय अजगर के लिए मोहनपुर बना महफूज, एक वर्ष में निकले पांच अजगर

देवघर : मोहनपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में पिछले एक वर्ष के दौरान पांच अजगर निकल आया है. अजगर अचानक निकलकर सड़क पर आ जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन चुका है. हर ढाई से तीन माह में एक अजगर निकल रहा है. एक वर्ष पहले घोरमारा में अजगर निकला, उसके बाद ताराबाद, मोहनपुर बाजार […]

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देवघर : मोहनपुर प्रखंड के विभिन्न गांवों में पिछले एक वर्ष के दौरान पांच अजगर निकल आया है. अजगर अचानक निकलकर सड़क पर आ जाने से अफरा-तफरी का माहौल बन चुका है. हर ढाई से तीन माह में एक अजगर निकल रहा है. एक वर्ष पहले घोरमारा में अजगर निकला, उसके बाद ताराबाद, मोहनपुर बाजार में दो अजगर अलग-अलग दिनों में निकला.
मंगलवार को रिखिया के समीप बाबूडीह गांव में अजगर निकल आये. इस दौरान वन विभाग को सूचना दिये जाने के बाद भी समय पर टीम नहीं आती है. मंगलवार को बाबूडीह में ग्रामीणों को अजगर पकड़कर थाने के हवाले करना पड़ा. पुलिस भी कोई रिस्क लेने को तैयार नहीं थी. रात 10 बजे वन विभाग की टीम आयी व अजगर को दूर जंगल में छोड़ा गया.
अजगर के संरक्षण को लेकर देवघर में वन विभाग की कोई ठोस योजना नहीं है. वनों की कटाई की वजह से अजगर से जीव-जंतु वनों से बाहर निकल रहे हैं, लेकिन वन विभाग इसे बचाने की दिशा में योजनाएं तय नहीं कर पा रही है. आबादी वाले क्षेत्र में कई बार रात में अजगर पकड़े जाने पर लोगों को रात भर संरक्षित कर रखना पड़ता है, वन विभाग टीम आराम से सुबह आती है और साथ ले जाती है. विभाग को सुरक्षित ढंग से अजगर को सौंपने वाले युवकों को विभाग प्रोत्साहन या पुरस्कार भी नहीं देती है. रांची में वन विभाग द्वारा अजगर जैसे विशाल सांप के संरक्षण की व्यवस्था है, लेकिन देवघर में नहीं बन पायी.
कहते हैं डीएफओ
अजगर हो या कोई भी जंगली जानवर बगैर छेड़छाड़ के नुकसान नहीं पहुंचाता है. अजगर घने जंगल व पानी का किनारा समेत झाड़ियों में भी रहता है. अगर अजगर सड़क पर आता है तो वापस उसे झाड़ियों की ओर घुमा देना चाहिए. यह कोई नुकसान नहीं पहुंचायेगा. इसके प्रति विभाग लोगों में जागरूकता पैदा करेगी. देवघर में अजगर के संरक्षण की व्यवस्था नहीं है. इसे जंगल में ही छोड़ा जाता रहा है. रांची में संरक्षण की व्यवस्था है, योजना बनाने के लिए विभाग के उच्चाधिकारियों वार्ता करनी होगी.
प्रेमजीत आनंद, डीएफओ, देवघर
रांची में है स्नैक एक्वेरियम
तेजी से हो रही जंगलों की कटाई के कारण सांप आबादी वाले क्षेत्रों में आ जा रहे हैं. अजगर के पकड़े जाने पर इसे वापस जंगल में छोड़ दिया जाता है, जबकि रांची में स्नैक एक्वेरियम है.
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