अनदेखी : सरकार कर रही खर्च, बगैर योजना के विभाग कर रही काम बिना रास्ते के बना दी करोड़ों की बिल्डिंग

Updated at : 22 Jul 2018 8:43 AM (IST)
विज्ञापन
अनदेखी : सरकार कर रही खर्च, बगैर योजना के विभाग कर रही काम बिना रास्ते के बना दी करोड़ों की बिल्डिंग

मधुपुर : बिना योजना के विभाग कैसे काम करती है इसकी बानगी मधुपुर में आसानी से देखी जा सकती है. छात्रों के लिए करोड़ों खर्च कर मधुपुर में केंद्रीय विद्यालय पॉलिटेक्निक कॉलेज तो बना दिया गया. लेकिन, विभाग यहां तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बना सकी है. वहीं चेतनारी में भी करोड़ों की लागत […]

विज्ञापन

मधुपुर : बिना योजना के विभाग कैसे काम करती है इसकी बानगी मधुपुर में आसानी से देखी जा सकती है. छात्रों के लिए करोड़ों खर्च कर मधुपुर में केंद्रीय विद्यालय पॉलिटेक्निक कॉलेज तो बना दिया गया. लेकिन, विभाग यहां तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बना सकी है. वहीं चेतनारी में भी करोड़ों की लागत से बने मधुपुर उपकारा जाने के लिए विभाग ने रास्ता नहीं बनाया है. तीनों सरकारी भवन बनने के बाद भी इन भवनों तक जाने के लिए रास्ता नहीं बनाया जाना यह दिखाता है कि विभाग कैसे बिना प्लानिंग के भवन बनाकर केवल अपनी पीठ थपथपा रही है. अधिकारी भी इस मामले में अपनी गंभीरता नहीं दिखा रहे. बिना रास्ता बनाये भवन बनाना तो वैसा ही है जैसे बीच समंदर में बिना जहाज के टापू पर जाना.

पॉलिटेक्निक कॉलेज व केंद्रीय विद्यालय जाने का रास्ता नहीं
बावन बीघा से पॉलिटेक्निक कॉलेज व केंद्रीय विद्यालय जाने वाले पहुंच पथ कच्ची व अत्यंत जर्जर है. जिसके कारण छात्र-छात्राओं को काफी परेशानी हो रही है. बावन बीघा तक पक्की सड़क है. लेकिन उसके बाद राजाभिटा स्थित दोनों कॉलेज तक पहुंचने वाला तीन किलोमीटर रास्ता अत्यंत जर्जर व खराब है. 25.44 करोड़ की लागत से पॉलिटेक्निक कॉलेज व छात्रावास बनाया गया है. यहीं 14 करोड़ खर्च करके केंद्रीय विद्यालय का भी निर्माण किया गया है. लेकिन सड़क जैसे-तैसे छोड़ दी गयी. तीन किमी सड़क विभाग ने बनानी तक उचित नहीं समझी. हर दिन छात्र-छात्राएं कच्ची सड़क के सहारे ही कॉलेज तक पहुंचते हैं. सड़क की स्थिति बरसात में और भी खराब हो गयी है. कॉलेज तक जाने के लिए एकमात्र सड़क होने के कारण लोग मजबूर हैं. पॉलिटेक्निक व केंद्रीय विद्यालय के अलावे अस्थायी रूप से पॉलिटेक्निक परिसर में झारखंड सरकार द्वारा कौशल विकास केंद्र भी चल रहा है.

मधुपुर उपकारा आने-जाने की भी सड़क नहीं , इसी रास्ते से आते-जाते हैं कैदी वाहन , सुरक्षा की दृष्टि से सुरक्षित नहीं
चेतनारी स्थित मधुपुर उपकारा तक पहुंचने वाली सड़क का निर्माण अब तक नहीं कराया गया है. कैदियों को प्रतिदिन कैदी वाहन से कच्ची सड़क के सहारे अदालत में पेशी के लिए लाया जाता है. उपकारा निर्माण के बाद सड़क का निर्माण नहीं कराये जाने से कच्ची सड़क के माध्यम से ही कैदी वाहन व अधिकारियों का आना-जाना होता है. सुरक्षा की दृष्टि से इस रास्ते से कैदियों से भरा वाहन लाना ले जाना सही नहीं है. सबसे अधिक परेशानी बरसात के समय होती है. बरसात में यह रास्ता पूरी तरह से कीचड़मय हो जाता है. कैदी वाहन सुरक्षित उपकारा तक पहुंचाना मुश्किल हो जाता है.

कहते हैं जेल अधीक्षक

जेल अधीक्षक कुमार चंद्र शेखर ने बताया कि सडक निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण कर डीपीआर तैयार किया जा रहा है. जल्द ही सडक निर्माण कार्य प्रारंभ कराया जायेगा.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola