देवघर : श्रावणी मेले में नहीं लगने दी जायेगी अस्थायी दुकानें
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 25 Apr 2018 5:29 AM
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देवघर : श्रावणी व भादो मेले में अस्थायी दुकानें शिवगंगा व आसपास के इलाके में पुलिस प्रशासन नहीं लगने देगी. पुलिस का मानना है कि इन दुकानों से रंगदारी वसूली होती है और वर्चस्व को लेकर आपस में स्थानीय टीनेजर्स गोली तक चलाते हैं. हाल के वर्षों में श्रावणी व भादो मेले के दौरान दुकानों […]
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देवघर : श्रावणी व भादो मेले में अस्थायी दुकानें शिवगंगा व आसपास के इलाके में पुलिस प्रशासन नहीं लगने देगी. पुलिस का मानना है कि इन दुकानों से रंगदारी वसूली होती है और वर्चस्व को लेकर आपस में स्थानीय टीनेजर्स गोली तक चलाते हैं.
हाल के वर्षों में श्रावणी व भादो मेले के दौरान दुकानों से रंगदारी वसूली के सिलसिले में दर्जनभर से अधिक एफआइआर नगर थाने में दर्ज हुए है. उन रिकॉर्ड्स के आधार पर एसपी ने निगम के सीइओ को पत्र लिखकर सहयोग मांगा था. एसपी ने पत्र में जिक्र किया था कि शिवगंगा के शांति अखाड़ा के सामने, श्मशान से गणेश कला मंदिर तक, मानसिंघी ओवरब्रिज से संस्कृत पाठशाला तक, लक्ष्मीपुर चौक से रानी साहेब दीवार तक व कांवर संघ के गेट तक सावन-भादो मेले में अस्थायी दुकानें लगती है. साथ ही खाद्य व अन्य सामग्री के ठेके के लिए भी वर्चस्व की लड़ाई होती है. ग्रुपों के बीच आपसी तनाव व गैंगवार तक की स्थिति बनती है.
पिछले श्रावणी में नहीं हुई थी बंदोबस्ती
नगर निगम के सीइओ ने एसपी के पत्र के जवाब में पत्र भेजा है. जिसमें कहा है कि श्रावणी मेला-2017 में कांवरियों की सुविधाओं को ध्यान में रखते हुए अस्थायी दुकानों की बंदोबस्ती नहीं करायी गयी थी. वहीं सड़क किनारे दुकानें लगाने की अनुमति भी नहीं दी गयी थी. श्रावणी मेला-2018 में भी बंदोबस्ती नहीं करायी जायेगी और सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति भी नहीं दी जायेगी. अगर किसी व्यक्ति व समूह द्वारा अवैधानिक वसूली की जाती है, तो कानूनन सख्ती बरतते हुए इसे बंद कराने से निगम को कोई आपत्ति नहीं होगी.
आशीष मिश्रा, बाबा परिहस्त, मनी व गोलू वसूलते हैं रंगदारी
एसपी के पत्र में जिक्र है कि श्रावणी व भादो मेले में अस्थायी दुकानों से आशीष मिश्रा, बाबा परिहस्त, मनी व गोलू आदि ग्रुप के सदस्य रंगदारी वसूलते हैं. अस्थायी दुकानों से 40-50 हजार तक की वसूली होती है. मेला के अंत तक 40-50 लाख की अवैध वसूली की जाती है. शिवगंगा व आसपास सड़क किनारे अस्थायी दुकानें लगने से कांवरियों को आने-जाने में कठिनाई होती है. विधि-व्यवस्था के दृष्टिकोण से शिवगंगा के चारों तरफ दुकानें नहीं लगनी चाहिए. ऐसे में वैकल्पिक व्यवस्था कर दुकानों को अन्यत्र शिफ्ट कराया जाये. एसपी ने पत्र संताल परगना के आयुक्त सहित डीआइजी व डीसी को भी भेजा है.
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