शिक्षा विभाग में लिपिक की चल रही मर्जी !

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स्थायी व प्रतिनियोजित लिपिक के बाद भी लिपिक संतोष का कर दिया गया प्रतिनियोजन बीस सूत्री मंत्री व उपायुक्त द्वारा जांच के आदेश दिये जाने के बाद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के गड़बड़ी से संबंधित महत्वपूर्ण फाइल लिपिक द्वारा खंगाला गया देवघर : अवर प्रमंडल शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित लिपिक संतोष कुमार दास […]

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स्थायी व प्रतिनियोजित लिपिक के बाद भी लिपिक संतोष का कर दिया गया प्रतिनियोजन

बीस सूत्री मंत्री व उपायुक्त द्वारा जांच के आदेश दिये जाने के बाद भी जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के गड़बड़ी से संबंधित महत्वपूर्ण फाइल लिपिक द्वारा खंगाला गया
देवघर : अवर प्रमंडल शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में पदस्थापित लिपिक संतोष कुमार दास की प्रतिनियुक्ति विद्यालय उप निरीक्षक कार्यालय गोड्डा कर दी गयी. क्षेत्रीय शिक्षा उप निदेशक संताल परगना दुमका द्वारा जारी कार्यालय आदेश में कहा गया है कि जिला शिक्षा पदाधिकारी गोड्डा के पत्रांक 986 दिनांक 16.06.2017 के अनुरोध एवं कार्यालय में महत्वपूर्ण कार्यों का समय पर निष्पादन के लिए प्रतिनियोजित किया गया है. कार्यालय आदेश के माध्यम से प्रतिनियोजित लिपिक संतोष कुमार दास का वेतनादि का भुगतान अनुपस्थिति विवरणी के आधार पर उनके मूल पद से देय का निर्देश दिया गया.
साथ ही नियंत्री पदाधिकारी को निर्देश दिया गया कि लिपिक को प्रतिनियोजित स्थान पर योगदान देने के लिए शीघ्र विरमित करते हुए अनुपालन प्रतिवेदन भेजना सुनिश्चित करें. ऐसे में सवाल उठना लाजिमी हो गया कि जब संतोष कुमार दास का स्थानांतरण जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय से तीन माह पहले ही अवर प्रमंडल शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय देवघर किया गया था. तो महज डेढ़ माह बाद ही इनका प्रतिनियोजन विद्यालय उप निरीक्षक कार्यालय गोड्डा क्यों कर दिया गया. जबकि विद्यालय उप निरीक्षक कार्यालय में लिपिक का एक ही पद है. जिसमें पहले से ही एक स्थायी लिपिक कार्यरत थे. एक अतिरिक्त लिपिक पहले से ही उस कार्यालय में प्रतिनियोजित थे. ऐसे में एक पद के विरुद्ध तीसरे लिपिक का प्रतिनियोजन क्यों जरूरी हो गया. संतोष दास के प्रतिनियोजन का कारण उच्च न्यायालय से संबंधित मामले का निष्पादन बताया गया है. जबकि विद्यालय उप निरीक्षक कार्यालय में उच्च न्यायालय का कोई मामला ही नहीं है. विद्यालय उप निरीक्षक कार्यालय का जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में मर्ज होने के कारण लिपिक संतोष कुमार दास द्वारा इसका लाभ उठाते हुए जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय की कई महत्वपूर्ण फाइलों को खंगाला. इसमें फाइल की जांच का आदेश बीस सूत्री मंत्री और उपायुक्त द्वारा दिया गया था.
लिपिक संतोष कुमार दास का प्रतिनियोजन एक माह पहले ही खत्म कर दिया गया है. वो मूल कार्यालय में लौट गये हैं. जिला शिक्षा पदाधिकारी के अनुरोध पर प्रतिनियोजन किया गया था.
– अशोक कुमार शर्मा, आरडीडीइ, संताल परगना दुमका
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