पल भर में बुझ गया चिराग सड़क दुर्घटना. मां-बाप के धरे रह गये सारे अरमान
Edited by Prabhat Khabar Digital Desk
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एक सप्ताह पूर्व ही बड़े बेटे ने इंजीनियर बन कर नौकरी में दिया था योगदान माता-पिता के सामने बहुत बड़ा दुख आया, छोटा बेटा भी नहीं बच सका देवघर : बीएसएनएल दुमका में कार्यरत साकेत बिहार बरमसिया मुहल्ला निवासी मकेश्वर मंडल का हंसता-खिलता परिवार का चिराग ही पल भर में बुझ गया. सारे अरमान उनके […]
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एक सप्ताह पूर्व ही बड़े बेटे ने इंजीनियर बन कर नौकरी में दिया था योगदान
माता-पिता के सामने बहुत बड़ा दुख आया, छोटा बेटा भी नहीं बच सका
देवघर : बीएसएनएल दुमका में कार्यरत साकेत बिहार बरमसिया मुहल्ला निवासी मकेश्वर मंडल का हंसता-खिलता परिवार का चिराग ही पल भर में बुझ गया. सारे अरमान उनके धरे रह गये और दोनों पुत्रों प्रभात व प्रशांत की सड़क दुर्घटना में मौत हो गयी. कभी वे सपनों में भी ऐसा सोच नहीं सके होंगे. एक सप्ताह पूर्व ही बड़ा बेटा प्रभात ने तपोवन के समीप सोलर पावर प्लांट में इंजीनियर बनकर नौकरी शुरू की थी. प्रभात बड़े ही सौम्य व शांत स्वभाव का था. साथियों ने बताया कि कभी उसने किसी से ऊंची अदब में बात नहीं की. सभी के साथ वह बड़े ही अदब से पेश आते थे, इसलिए बड़े ही कम समय में वह सभी के बीच लोकप्रिय हो गया था.
दुर्घटना की खबर सुन कर किसी को विश्वास ही नहीं हो रहा था कि पिता पर एक साथ महज कुछ पल में इतने बड़े दुख का पहाड़ गिर गया है. हादसे की खबर सुन कर मकेश्वर कुंडा स्थित मेधा सेवा सदन अन्य परिजनों, संबंधियों के साथ पहुंचे. पुत्रों की लाश देख कर उनकी आंखों के आंसू भी सूख गये. एकटक दोनों पुत्रों की लाश देखते रहे और उनकी जुबान से कोई शब्द भी कहने को नहीं बचा. कहते हैं कि मकेश्वर के जिंदगी भर की कमाई संपत्ति धरी की धरी रह गयी और दोनों पुत्र माता-पिता को छोड़कर चल बसे. घटना से परिजनों सहित उसके संबंधियों व मुहल्ले में भी शोक की लहर व्याप्त है. वहीं प्रभात के सहकर्मी भी इस दुख को सहन करने लायक नहीं हैं. घटना के बाद से ही उसके सभी सहकर्मी शव के पास ही जमे रहे.
पुलिस वाले क्यों नहीं हो रहे हैं कड़क
लगातार सड़क दुर्घटना में बिना हेलमेट वालों की मौत हो रही है और पुलिस वाले क्यों नहीं इसके प्रति कड़क हो रहे हैं. पुलिस हर दिन चेकिंग अभियान चलाती है, किंतु बिना हेलमेट वालों से एक सौ से तीन सौ रुपये तक की फाइन वसूलकर सिर्फ खानापूर्ति करती है. बिना हेलमेट वालों को पुलिस कभी न ही समझाती है और न ही उसके साथ कड़ाई में पेश आती है.
पांच दिनों में सड़क हादसे में 10 की गयी जान
आंकड़ों पर ध्यान दें तो इस सप्ताह पांच दिनों के अंदर सड़क दुर्घटना में 10 से अधिक लोगों की जान जा चुकी है. एक ही दिन सड़क दुर्घटना में मथुरापुर के समीप तीन लोगों की मौत हो गयी थी. इसके बाद बाइपास सर्कुलर रोड पर हर्ष की मौत ट्रक से कुचलकर हुई. सीमावर्ती इलाके में सरैयाहाट थाना क्षेत्र के एक अधेड़ की मौत मंगलवार को हो गयी. गुरुवार को ट्रक से टकराकर मोहनपुर थाना क्षेत्र के एक युवक की मौत हुई. वहीं स्कूटी से गिरकर पालोजोरी थाना क्षेत्र में सारठ की एक युवती की मौत हो गयी. वहीं शनिवार को कुंडा थाना क्षेत्र में सगे भाइयों व सारठ थाना क्षेत्र में भी एक युवक की मौत हुई है.
प्रभात अपील
फास्ट ड्राइविंग न करें
ट्रिपल लोड नहीं चलें
हेलमेट पहन कर ही बाइक चलायें
ट्रैफिक नियमों का पालन करें
शराब या नशा का सेवन करके वाहन न चलायें
वाहन के कागजात व लाइसेंस अपने साथ रखें
वाहन चलाते समय मोबाइल का प्रयोग न करें
ईयर फोन लगाकर ड्राइव न करें
हेलमेट पहने होते तो बच सकती थी भाइयों की जान
घटना सुन कर अस्पताल पहुंचे सभी लोगों के मुंह पर एक ही बात थी कि अगर हेलमेट पहना होता तो प्रभात व प्रशांत बच सकते थे. दोनों भाइयों में से किसी ने हेलमेट नहीं लगाया था. अगर प्रभात व प्रशांत हेलमेट पहना रहता तो सिर में इतनी गंभीर चोट नहीं लगती.
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