सफलता: पुलिस ने शिवगंगा लेन से गिरफ्तार सौरभ पलिवार उर्फ पांडेय बॉस से पूछताछ के बाद किया खुलासा, जुआ की चाल में खायी मात, तो मार दी गोली

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देवघर : प्रदीप कुमार ठाकुर हत्याकांड में गिरफ्तार शिवगंगा लेन निवासी सौरभ पलिवार उर्फ पांडेय बॉस को पुलिस ने रविवार को मीडिया के सामने लाया. पुलिस ने खुलासा किया कि जुआ की चाल में झंझट हुआ और मात खाने पर गुस्से में प्रदीप को गाेली मार दी. नगर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ दीपक […]

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देवघर : प्रदीप कुमार ठाकुर हत्याकांड में गिरफ्तार शिवगंगा लेन निवासी सौरभ पलिवार उर्फ पांडेय बॉस को पुलिस ने रविवार को मीडिया के सामने लाया. पुलिस ने खुलासा किया कि जुआ की चाल में झंझट हुआ और मात खाने पर गुस्से में प्रदीप को गाेली मार दी. नगर थाना में आयोजित प्रेसवार्ता में एसडीपीओ दीपक कुमार पांडेय ने यह जानकारी दी. उन्होंने बताया कि दीपावली की रात शिवगंगा लेन निवासी अजय झा की बाड़ी में दरवाजा बंद कर चबूतरा पर जुआ का खेल चल रहा था. जिसमें चाल को लेकर पांडेय बॉस व उसके रिश्ते में चाचा लगने वाले विकास पलिवार उर्फ भाकड़ की प्रदीप ठाकुर के साथ झंझट हो गयी.
जुआ के दौरान बैठे अन्य लोग प्रदीप का साथ देने लगे तो पांडेय बॉस को गुस्सा आ गया. इसके बाद उसके कहने पर विकास उर्फ भाकड़ ने पिस्टल कॉग कर थमाया और प्रदीप को सीने में पांडेय बॉस ने गोली मार दी. घटना के बाद दोनों वहां से साथ में भाग निकले. दोनों घटना के बाद भाग कर आसनसोल चले गये. वापस लौटने के लिए मधुपुर में ट्रेन से उतरे और साथ में किराये की गाड़ी से वापस लौट रहे थे. पुलिस ने इसकी गुप्त सूचना पाकर गुलीपाथर-कोरियासा मोड़ के समीप चेकिंग लगा रखी थी. इस दौरान पांडेय बॉस व भाकड़ को देशी पिस्तौल, दो जिंदा गोली के साथ पकड़ लिया. पूछताछ में पांडेय बॉस ने घटना में अपनी संलिप्तता कबूल करते हुए बताया कि इसी पिस्तौल से उसने प्रदीप को गोली मारी है.
पांडेय बॉस की निशानदेही पर पिस्तौल के साथ पकड़ाया चाउमीन दुकानदार
पांडेय बॉस की निशानदेही पर पुलिस की छापेमारी टीम ने रांगा मोड़ स्थित चाउमीन दुकान में छापेमारी की. वहां से दुकानदार गांधी चौक रोहिणी निवासी नंदलाल मंडल उर्फ नंदु को अवैध देशी ऑटोमेटिक पिस्तौल सहित जिंदा कारतूस के साथ पकड़ा. पांडेय बॉस, भाकड़ व नंदू की गिरफ्तारी के बाद नगर थाना में आर्म्स एक्ट के अलग-अलग दो मामले दर्ज कर पुलिस जांच-पड़ताल कर रही है.
कौन-कौन थे छापेमारी टीम में
एसडीपीओ ने बताया कि प्रदीप हत्याकांड के खुलासे के लिए नगर थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर विनोद कुमार व जसीडीह थाना प्रभारी सह इंस्पेक्टर एसके महतो के नेतृत्व में गठित विशेष टीम छापेमारी में जुटी थी. उक्त टीम में एसआइ कैलाश कुमार, एएसआइ एसके वाजपेयी, रामानुज सिंह, मदन चौधरी, हवलदार परमानंद मंडल व पुलिसकर्मी अखिल कुमार पांडेय शामिल थे.
रविंद्र आशुतोष को जानता भी नहीं है पांडेय बॉस
एसडीपीओ ने कहा कि अब तक के अनुसंधान में सामने आया है कि प्रदीप हत्याकांड में आरोपित बने बंपास टाउन निवासी रविंद्र सिंह व उसके पुत्र आशुतोष सिंह का पांडेय बॉस से कोई संपर्क नहीं है. उन दोनों को पांडेय बॉस उर्फ सौरभ पहचानता भी नहीं है.
2012 में देसी बम बनाने में पांडेय बॉस का उड़ा था हाथ
एसडीपीओ ने बताया कि पांडेय बॉस का अापराधिक इतिहास रहा है. 2012 में उसे अपराध के क्षेत्र में बबन पांडेय ने लाया था. उसी साल देशी बम बनाने में उसका बायां हाथ जख्मी हो गया और उस कांड में वह जेल भी गया था. चार माह बाद जेल से छूटने के बाद भाकड़, आशीष मिश्रा, छोटू शृंगारी, सौरभ शृंगारी व अन्य के साथ मिल कर शिवगंगा के समीप दुकानदारों से रंगदारी वसूलने लगा. 2013 में शिवगंगा के समीप मारपीट-रंगदारी के आरोप में राइफल-गोली के साथ पांडेय बॉस व भाकड़ पकड़ा गया था. 14 माह बाद जेल से निकलने के बाद फिर इन लोगों के साथ मिल कर अपराध करने लगा. अप्रैल 2017 में गांजा पीने के दौरान शिवगंगा श्मशान में हुए ऋषभ हत्याकांड में संलिप्त रहा तथा उक्त घटना में जेल भी गया. इधर, आठ दिन पहले जेल से छूटने के बाद प्रदीप कुमार ठाकुर की गोली मारकर हत्या कर दी.
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