इनोवेशन. देवघर के सुमित ने इजाद किया लेजर सिक्योरिटी सिस्टम, सीमा पर पलक झपकते ही ढेर हो जायेंगे घुसपैठिये

Updated:
विज्ञापन

देवघर: भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी आतंकी व बांग्लादेशी घुसपैठिये बड़ी समस्या हैं. उन्हें रोकने के लिये हर साल सुरक्षा पर पैसा पानी की तरह बहा दिया जाता है. आये दिन सीमा पर भारतीय सैनिक शहीद होते हैं. इससे निपटने का सस्ता उपाय खोजने का दावा किया है देवघर के रिखिया रोड स्थित बलसरा […]

विज्ञापन
देवघर: भारत की अंतरराष्ट्रीय सीमा पर पाकिस्तानी आतंकी व बांग्लादेशी घुसपैठिये बड़ी समस्या हैं. उन्हें रोकने के लिये हर साल सुरक्षा पर पैसा पानी की तरह बहा दिया जाता है. आये दिन सीमा पर भारतीय सैनिक शहीद होते हैं. इससे निपटने का सस्ता उपाय खोजने का दावा किया है देवघर के रिखिया रोड स्थित बलसरा के रहने वाले सुमित सिन्हा ने. उन्होंने जुगाड़ से सीमा सुरक्षा की नयी तकनीक विकसित की है. सुमित ने एक लेजर सिक्युरिटी सिस्टम तैयार किया है.

इस तकनीक से लेजर लाइट के जरिये पूरी सुरक्षा व्यवस्था को संचालित किया जा सकता है. इस लेजर लाइट की रेंज 10 किलोमीटर है. मशीन व लेजर लाइट के बीच अगर कोई वस्तु या जीव क्रॉस करता है तो स्वचालित तरीके से पता चल जायेगा. अगर सीमा पर दुश्मन लाइट व मशीन के बीच क्रॉस करने का प्रयास करता है तो ऑटोमेटिक गन के जरिये उसे शूट कर सकते हैं. बगैर इजाजत के लेजर लाइट को क्रॉस नहीं किया जा सकता है. इस तकनीक का इस्तेमाल सीमा सुरक्षा के अलावा कई अन्य सुरक्षा कार्यों में भी कर सकते हैं. सुमित के अनुसार इस तकनीक को तैयार करने में दो महीने लगे. इसमें लकड़ी व तार समेत कई इलेक्ट्रॉनिक्स वस्तुओं का इस्तेमाल हुआ है. इसमें अधिक खर्च नहीं हुआ.

आर्थिक तंगी बन रही बाधा : सुमित इस तकनीक को और ज्यादा विकसित करना चाहते हैं. उनकी नयी खोज की परियोजना काफी खर्चीली है. उन्हें आर्थिक मदद की जरूरत है. उनके परिवार के पास इतने पैसे नहीं कि अनुसंधान की सामग्री खरीदी जा सके. सुमित देवघर कॉलेज, देवघर में 12वीं कक्षा के विज्ञान का छात्र हैं. वह मूल रुप से बिहार के जमुई जिले के बोधवन तालाब के रहने वाले हैं. सुमित के पिता अंजनी सिन्हा फर्नीचर की दुकान चलाते हैं. मां बबीता सिन्हा गृहिणी हैं. सुमित अंतरिक्ष वैज्ञानिक बनना चाहते हैं.
रिमोट से पावर कंट्रोल की बनायी थी तकनीक : सुमित का पहला अनुसंधान प्रोजेक्ट पावर चिप था. इसके इस्तेमाल से 220 वॉट से लेकर 33,000 वॉट तक की बिजली को एक मोबाइल से जोड़ कर पावर को कनेक्ट व डिस्कनेक्ट कर सकते हैं. यही नहीं इस चिप का प्रयोग जेनरेटर सहित अन्य इलेक्ट्रोनिक्स गैजेट्स में भी कर सकते हैं. इसका रेंज अनलिमिटेड है. इसे विश्व के किसी भी कोने से कंट्रोल किया जा सकता है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola