ePaper

आतिशबाजी के साथ तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव संपन्न

Updated at : 22 Feb 2026 9:30 PM (IST)
विज्ञापन
आतिशबाजी के साथ तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव संपन्न

अंतिम दिन स्टेज पर उत्तर और दक्षिण का दिखा अनूठा संगम

विज्ञापन

अंतिम दिन स्टेज पर उत्तर और दक्षिण का दिखा अनूठा संगम प्रतिनिधि, इटखोरी मां भद्रकाली मंदिर परिसर में आयोजित तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव रंग बिरंगे आतिशबाजी के साथ शनिवार की देर रात संपन्न हुआ. उपायुक्त कीर्तिश्री जी ने कार्यक्रम के सफल समापन पर कहा कि सभी नागरिकों के साथ मंदिर प्रबंधन समिति, रैयत, प्रशासन की टीम, मजिस्ट्रेट, पुलिस पदाधिकारी, पुलिस कर्मी, ट्यूरिज्म कर्मी, जनप्रतिनिधियों के साथ मीडिया कर्मियों का सराहनीय सहयोग रहा. उन्होंने सभी को धन्यवाद दीं. वहीं एसपी ने कहा कि महोत्सव कार्यक्रम में तैनात पुलिस पदाधिकारियों व कर्मियों ने कड़ी मेहनत की. उन्हें तीन दिनों का पीएल की मांग कर इसे दिलाऊंगा. समापन कार्यक्रम के मौके पर सिमरिया विधायक कुमार उज्ज्वल, पूर्व मंत्री सत्यानंद भोक्ता उपस्थित थे. अंतिम रात सांस्कृतिक कार्यक्रम में उत्तर व दक्षिण भारत के कला का अनूठा संगम दिखा. भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी ने भोजपुरी गीतों पर दर्शकों का खूब मनोरंजन किया, तो वहीं तमिलनाडु के कलाकारों ने अपने लोक परंपरा का जलवा बिखेरा. महोत्सव के अंतिम दिन शनिवार को भी देर रात तक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया. जिसमें साक्षी प्रिया दुबे, गोंड नृत्य दल, सुखराम पाहन व उनके दल द्वारा मुंडारी नृत्य, तमिलनाडु का भरतनाट्यम व थापाट्टम प्रस्तुत किया गया. भोजपुरी गायिका कल्पना पटवारी, बॉलीवुड गायक रवि त्रिपाठी व राहुल किस्सू के गाने व डांस पर लोगों को खूब झुमाया. सुरों की मल्लिका आसाम की रहने वाली सुप्रसिद्ध गायिका कल्पना पटवारी ने अपनी सुरीली आवाज से दर्शकों को खूब झुमायी. उन्होंने स्तुति ओम जयंती मंगला काली भद्रकाली कपलानी से शुरुआत की. इसके बाद छठ गीत मारबो रे सुगवा धानुक से, सुगा गिरे मुरक्षाय, उ से सुगनी जे रोयली वियोग से, आदिति होय न सहाय, भोजपुरी गाना बाबा दिहलें टिकवा, बाबा दिहलें नथिया, सेहुर हम तेजब, बलमुआ केसे छोटी नंनदी हमार जिया, चार महिनवा गर्मी के दिनवा, गर्मी के दिनवा हटा लें पसींनवा, होली गीत होलिया खेले रामालला सिया निकले अवध की ओर के अलावें देख तानी मीठी-मीठी मुस्की, कहवा से पाइले एइसन सुरतिय हो, हांथ में मेहंदी मांग में सिन्दूरवा बर्बादी कजरवा, प्यार में पागल, कौन दिशा में ले के चलो रे बटोहिया, हमको मिली हैं ये घड़ियां जी भर के देख लें समेत कई गीत व गाने गायीं. तीन दिवसीय राजकीय इटखोरी महोत्सव के अंतिम रात मेला देखने के लिए काफी भीड़ जुटा, मंदिर के रास्ते में लोग रेंग रेंगकर चल रहे थे ,पूरा रास्ता जाम लगा था. वहीं मृणाली आखोरी ने तू जिसको मिल जाए तो हो जाए मालामाल, जिस रास्ते से तू गुजरे ओ फूलों से भर जाए,चांदी जैसा रंग है तेरा, रसके कमर मजा आ गया…. रवि त्रिपाठी ने तुम जैसे दोस्तों का सहारा है दोस्तों ये दिल तुम्हारा प्यार का मारा है दोस्तो….,बनता है मेरा काम तुम्हारे काम से होता है मेरा नाम तुम्हारे काम से….,सब मिल के नाचो गाओ सब मिल के मौज करो, नाचेंगे सब मिल के जीजा हो या साला….,ओम नमः शिवाय बम भोले बम यही ओ मंत्र है यही ओ तंत्र… व बॉलीवुड गायक किस्सू राहुल ने अपने टीम के साथ रात को आऊंगा मैं, तुझे ले जाऊंगा मैं, फ़िल्म दिखाऊंगा मैं, सैर कराऊंगा मैं, मुझसे शादी करोगी, लड़की दीवानी लगी लड़का दीवाना गाना गाया. स्थानीय कलाकार आरती ने भी हारमोनियम पर अपने बेहतर प्रस्तुति दी. सभी कलाकारों को मोमेटों व मां भद्रकाली का प्रतीक चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया.

विज्ञापन
Akarsh Aniket

लेखक के बारे में

By Akarsh Aniket

Akarsh Aniket is a contributor at Prabhat Khabar.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola