फर्जी जन्म प्रमाण पत्र मामले की राज्य स्तरीय टीम ने की जांच

प्रखंड के रामपुर, बभने व योगियारा पंचायतों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किये जाने के मामले की जांच तेज हो गयी है.
प्रतापपुर. प्रखंड के रामपुर, बभने व योगियारा पंचायतों में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी किये जाने के मामले की जांच तेज हो गयी है. गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा गठित तीन सदस्यीय राज्यस्तरीय जांच टीम प्रखंड कार्यालय पहुंचकर संबंधित अभिलेखों की जांच की. टीम का नेतृत्व अर्थ एवं सांख्यिकी निदेशालय के निदेशक कुमुद सहाय (आईएएस) कर रहे हैं. जांच के दौरान बीडीओ अभिषेक पांडेय, संबंधित पंचायतों के मुखिया, वर्तमान व पूर्व पंचायत सचिव, प्रखंड सांख्यिकी पदाधिकारी, आंगनबाड़ी सेविकाएं व कुछ वार्ड सदस्य उपस्थित रहे. टीम ने जन्म–मृत्यु पंजीकरण से जुड़े रजिस्टर जारी किये गये प्रमाण पत्रों की सूची और डिजिटल रिकॉर्ड की जांच की. साथ ही संबंधित कर्मियों से पूछताछ कर पूरी प्रक्रिया की जानकारी ली गयी. जांच टीम ने खासतौर पर कम आबादी वाली पंचायतों में बड़ी संख्या में जन्म प्रमाण पत्र जारी होने के कारणों की पड़ताल की. प्रारंभिक जांच में कुछ अनियमितताओं के संकेत मिलने की बात कही जा रही है. टीम यह भी देख रही है कि मामला केवल पंचायत स्तर तक सीमित है या इसके तार प्रखंड अथवा अन्य स्तरों तक जुड़े हैं. कुमुद सहाय ने बताया कि सभी तथ्यों की गंभीरता से जांच की जा रही है. विस्तृत रिपोर्ट संबंधित विभाग को सौंपी जायेगी. मालूम हो की प्रखंड के जोगियारा,बभने व रामपुर में कुल 15835 फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र बनाया गया था. इस फर्जी जन्म प्रमाण-पत्र के अखबार में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया था. जिसके बाद इस मामले को लेकर विधायक जनार्दन पासवान द्वारा विधानसभा में सवाल उठाए जाने के बाद सरकार ने जांच के आदेश दिये थे.
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