रैयतों के आंदोलन की वजह से एनटीपीसी को प्रतिदिन करोड़ों का हो रहा है नुकसान, चौथे दिन भी बंद रहा कार्य

Updated at : 19 Nov 2021 2:13 PM (IST)
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रैयतों के आंदोलन की वजह से एनटीपीसी को प्रतिदिन करोड़ों का हो रहा है नुकसान, चौथे दिन भी बंद रहा कार्य

रैयतों के आंदोलन के कारण एनटीपीसी परियोजना चौथे दिन गुरुवार को भी बंद रही. एनटीपीसी का काम पूरी तरह ठप है. मजदूर अपने गांव लौट रहे हैं.

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टंडवा : रैयतों के आंदोलन के कारण एनटीपीसी परियोजना चौथे दिन गुरुवार को भी बंद रही. एनटीपीसी का काम पूरी तरह ठप है. मजदूर अपने गांव लौट रहे हैं. बताया गया कि काम बंद होने के बाद मजदूरों को भुगतान नहीं किया जाता है, जिसे लेकर मजदूर लौट रहे हैं. पावर प्लांट निर्माण में पांच हजार से अधिक मजदूर काम करते हैं.

आंदोलन की वजह से परियोजना निर्माण पर ग्रहण लगता दिख रहा है, जिसकी चिंता एनटीपीसी प्रबंधन को सताने लगी है. मजदूरों के लौटने से पावर प्लांट निर्माण, टाउनशिप, डैम समेत सभी निर्माण कार्य प्रभावित है. एनटीपीसी यूनिट वन से 2022 के प्रथम तिमाही में उत्पादन का लक्ष्य रखा गया था. बंदी से पावर प्लांट का निर्माण कार्य कई माह पीछे चला जायेगा.

पावर प्लांट निर्माण में आंध्र प्रदेश, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, बिहार, ओड़िशा, पश्चिम बंगाल समेत कई प्रदेश के लोग काम करते हैं. इधर आंदोलनरत रैयतों का आमरण अनशन छठे दिन भी जारी रहा. अनशनकारी तिलेश्वर साव, अजीत नायक, महेश महतो व सुबाशो देवी के स्वास्थ्य की जांच की गयी. अनशनकारियों के रक्तचाप में उतार चढ़ाव हो रहा है. अनशनकारियोंको धरना स्थल पर ही स्लाइन चढ़ाया जा रहा है.

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