आज भी हक व अधिकार के लिए संघर्ष कर रहीं हैं महिलाएं

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जायेगा. महिला दिवस आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों व योगदान को याद कर लोगों तक पहुंचाना तथा लैंगिक समानता, महिलाओं के सामने आनेवाली चुनौतियों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना है.
चतरा. अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस आठ मार्च को मनाया जायेगा. महिला दिवस आयोजित करने का उद्देश्य महिलाओं की उपलब्धियों व योगदान को याद कर लोगों तक पहुंचाना तथा लैंगिक समानता, महिलाओं के सामने आनेवाली चुनौतियों को लेकर समाज में जागरूकता बढ़ाना है. सभी महिलाओं व लड़कियों के लिए अधिकार, समानता व सशक्तिकरण विषय पर शुक्रवार को ग्रामोदय चेतना केंद्र में प्रभात खबर द्वारा परिचर्चा का आयोजन किया गया. मौके पर महिलाओं नें अपनी बातें खुल कर रखी. उन्होंने कहा कि आज भी महिलाएं को पूरी तरह से आजादी नहीं मिल पायी है. हक व अधिकार लेने के लिए संघर्ष कर रहीं हैं.
कानून व्यवस्था महिलाओं के पक्ष में नहीं : डॉ सबिता
ग्रामोदय चेतना केंद्र की सचिव डॉ सबिता बनर्जी ने कहा कि आजादी के इतने साल के बाद भी महिलाओं के अधिकार की बात की जाती है, जो बड़ी विडंबना है. देश के कानून व्यवस्था महिलाओं के पक्ष में नहीं है. महिलाओं को लेकर सामाजिक व राजनीतिक सोच बदलनी होगी, तभी महिलाओं को सम्मान व अधिकार मिल पायेगा. धर्म के ठेकेदारों ने महिलाओं के साथ अन्याय किया है, कोई भी अनुष्ठान पुरुषों के लिए होता है.
महिलाओं को पूरी आजादी मिलना चाहिए : अनिता यादव
गंधरिया पंचायत के मुखिया अनिता यादव ने कहा कि पंचायती राज व्यवस्था में महिलाओं को बराबरी का दर्जा नहीं दिया गया. महिलाओं को पूरी आजादी मिलना चाहिए. महिलाओं के लिए सुरक्षा की व्यवस्था हो, ताकि निर्भिक होकर पुरुष के समान हर क्षेत्र में बढ़ चढ़कर काम कर सके. महिलाओं को जागरूक करने की आवश्यकता है. जागरूक होने के बाद ही महिलाएं अपने हक व अधिकार ले सकेगी.
महिलाएं सशक्त होकर काम करे : श्वेता सिन्हा
लेखिका श्वेता सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को मानसिकता बदलने की आवश्यकता है. महिलाओं के अधिकार व सम्मान से वंचित करने में केवल पुरुष ही दोषी नहीं है, इसके लिए महिलाओं को सशक्त होकर काम करना होगा. सामाजिक अवधारणा बनी हुई हैं कि महिलाएं पुरुषों की तुलना कम आंका जाता है. जबकि महिलाएं सभी क्षेत्रो में अपनी पहचान बना रही हैं. पुरुषों के साथ कदम से कदम मिला कर चल रही है.महिलाओं को नहीं मिला बराबरी का अधिकार : इंदु सिन्हा
इंदु सिन्हा ने कहा कि महिलाओं को बराबरी का अधिकार नहीं मिला है. आज महिलाएं अपनी हक के लिए लड़ रही है. देश में हर रोज युवती व महिलाओं के साथ दुष्कर्म समेत अन्य घटना घट रही है. सुरक्षा नहीं मिल पा रहा है. दोषियों पर कठोर कार्रवाई नहीं मिल पा रही है, जिससे महिलाओं के साथ शोषण व अत्याचार करनेवालों की संख्या बढ़ती जा रही है. महिलाएं सशक्त होगी, तभी पुरूष उन्हें सम्मान देंगे.महिलाएं अधिकारों से वंचित है : मुनीता देवी
शिक्षिका मुनीता देवी ने कहा कि महिलाएं आज अधिकारों से वंचित है. महिलाओं को पुरुष के समान पूरा अधिकार नहीं मिला है, जिससे वे कई क्षेत्रों में विकास से वंचित है. महिलाओं को पुरुष के साथ कदम से कदम मिला कर चलने में और सशक्त करने की आवश्यकता है. ताकि हर क्षेत्र में महिलाएं पुरुष से टक्कर दे सके. महिलाओं को भी एक-दूसरे को सम्मान देने की आवश्यकता है.महिला शिक्षित व जागरूक हो : लालती देवी
लालती देवी ने कहा कि जागरूकता के अभाव में महिलाएं अपने अधिकार नहीं ले पा रही है. महिलाएं शिक्षित व जागरूक होगी, तभी अधिकार व सम्मान मिलेगा. संविधान में महिलाओं को बराबर का अधिकार मिला है, लेकिन आज भी महिलाओं को संविधान के अनुसार अधिकार व सम्मान नहीं मिल पा रहा है. महिलाएं घर से बाहर निकल कर हर क्षेत्र में अपनी भूमिका निभायें, ताकि पुरुषों की तुलना महिलाओं की आजादी मिल पाये.
डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar News Desk
यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




