चतरा में खाद्य सुरक्षा अधिनियम के सभी लंबित मामलों का निष्पादन, 20 मामलों में 20.24 लाख का जुर्माना

Published by : KumarVishwat Sen Updated At : 22 May 2026 8:28 PM

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चतरा के उपायुक्त रवि आनंद. फोटो: प्रभात खबर

Chatra News: चतरा में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम से जुड़े सभी लंबित मामलों का निष्पादन कर 20 मामलों में 20.24 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया. उपायुक्त रवि आनंद ने खाद्य प्रतिष्ठानों की नियमित जांच और नियम उल्लंघन करने वालों पर सख्त कार्रवाई जारी रखने का निर्देश दिया है. इससे जुड़ी खबर नीचे पढ़ें.

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चतरा से दीनबंधू और मो तसलीम की रिपोर्ट

Chatra News: झारखंड के चतरा जिले में खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम से जुड़े लंबित मामलों के निष्पादन में जिला प्रशासन को बड़ी सफलता मिली है. उपायुक्त रवि आनंद के निर्देश और लगातार मॉनिटरिंग के तहत अपर समाहर्ता अरविंद कुमार की अदालत ने जिले के सभी लंबित मामलों का शत-प्रतिशत निष्पादन कर दिया है. जिला प्रशासन के अनुसार कुल 20 मामलों में सुनवाई पूरी करते हुए संबंधित कारोबारियों और प्रतिष्ठानों पर कुल 20 लाख 24 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. प्रशासन का दावा है कि इस कार्रवाई के बाद जिले में खाद्य सुरक्षा अधिनियम से संबंधित अब कोई भी मामला लंबित नहीं बचा है.

जांच में सामने आई थीं कई अनियमितताएं

खाद्य सुरक्षा पदाधिकारी द्वारा प्रस्तुत प्रतिवेदन के आधार पर जिले के विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों और कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. जांच के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आई थीं. अधिकारियों के अनुसार कुछ प्रतिष्ठानों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई. इसके अलावा खाद्य उत्पादों की लेबलिंग में गड़बड़ी, आवश्यक जानकारी का अभाव और खाद्य सुरक्षा अधिनियम के नियमों का पालन नहीं करने जैसे मामले भी उजागर हुए थे. प्रशासन ने इन मामलों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की थी, जिसके बाद न्यायालय में सुनवाई पूरी कर जुर्माना लगाया गया.

5 हजार से लेकर 4.90 लाख तक का जुर्माना

अपर समाहर्ता की अदालत ने मामले की गंभीरता और नियम उल्लंघन के आधार पर अलग-अलग प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया. अधिकारियों के अनुसार कुछ मामलों में पांच हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया, जबकि गंभीर मामलों में चार लाख 90 हजार रुपये तक का जुर्माना निर्धारित किया गया. प्रशासन का कहना है कि इस कार्रवाई का उद्देश्य सिर्फ दंड देना नहीं बल्कि खाद्य कारोबारियों को नियमों के प्रति जागरूक करना भी है. अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.

उपायुक्त रवि आनंद ने दिए सख्त निर्देश

उपायुक्त रवि आनंद ने कहा कि आम लोगों के स्वास्थ्य के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जा सकता. उन्होंने संबंधित अधिकारियों को नियमित रूप से जांच अभियान चलाने और खाद्य प्रतिष्ठानों की निगरानी बढ़ाने का निर्देश दिया है. उन्होंने स्पष्ट कहा कि जो भी कारोबारी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के नियमों का उल्लंघन करते पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. उपायुक्त ने अधिकारियों को बाजारों, होटल, मिठाई दुकानों और खाद्य उत्पादों की बिक्री करने वाले प्रतिष्ठानों की नियमित जांच सुनिश्चित करने को कहा है.

लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन पर जोर

अपर समाहर्ता अरविंद कुमार ने बताया कि न्यायालय स्तर पर लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता दी गई. इसी के तहत सभी मामलों की सुनवाई पूरी कर निष्पादन किया गया. उन्होंने कहा कि प्रशासन की कोशिश है कि भविष्य में खाद्य सुरक्षा से जुड़े मामलों का शीघ्र निपटारा हो ताकि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ समय पर कार्रवाई की जा सके. अरविंद कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि आगे भी खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम का कड़ाई से पालन कराया जाएगा. नियमों की अनदेखी करने वाले कारोबारियों पर विधिसम्मत कार्रवाई लगातार जारी रहेगी.

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उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य सुरक्षा पर प्रशासन का फोकस

जिला प्रशासन का मानना है कि खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों का सख्ती से पालन होने से उपभोक्ताओं को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी. हाल के दिनों में खाद्य पदार्थों में मिलावट और गुणवत्ता को लेकर बढ़ती शिकायतों के बीच प्रशासन की यह कार्रवाई अहम मानी जा रही है. प्रशासन ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी खाद्य प्रतिष्ठान में गड़बड़ी या मिलावट की जानकारी मिले तो इसकी सूचना संबंधित विभाग को दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके.

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लेखक के बारे में

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कुमार विश्वत सेन प्रभात खबर डिजिटल में डेप्यूटी चीफ कंटेंट राइटर हैं. इनके पास हिंदी पत्रकारिता का 25 साल से अधिक का अनुभव है. इन्होंने 21वीं सदी की शुरुआत से ही हिंदी पत्रकारिता में कदम रखा. दिल्ली विश्वविद्यालय से हिंदी पत्रकारिता का कोर्स करने के बाद दिल्ली के दैनिक हिंदुस्तान से रिपोर्टिंग की शुरुआत की. इसके बाद वे दिल्ली में लगातार 12 सालों तक रिपोर्टिंग की. इस दौरान उन्होंने दिल्ली से प्रकाशित दैनिक हिंदुस्तान दैनिक जागरण, देशबंधु जैसे प्रतिष्ठित अखबारों के साथ कई साप्ताहिक अखबारों के लिए भी रिपोर्टिंग की. 2013 में वे प्रभात खबर आए. तब से वे प्रिंट मीडिया के साथ फिलहाल पिछले 10 सालों से प्रभात खबर डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. इन्होंने अपने करियर के शुरुआती दिनों में ही राजस्थान में होने वाली हिंदी पत्रकारिता के 300 साल के इतिहास पर एक पुस्तक 'नित नए आयाम की खोज: राजस्थानी पत्रकारिता' की रचना की. इनकी कई कहानियां देश के विभिन्न पत्र-पत्रिकाओं में प्रकाशित हुई हैं.

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