25 साल बाद भी चालू नहीं हुई अबरख खदान
इटखोरी : प्रखंड के शहरजाम व सिरिया जंगल में अबरख(माइका) का अकूत भंडार है. लगभग 25 साल पहले यहां अबरख खदान का पता चला था. मगर स्थानीय सांसद, विधायक व राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ध्यान नहीं देने के कारण अभी तक खदान चालू नहीं हो सकी है. उक्त जंगलों में जमीन खोदने के […]
इटखोरी : प्रखंड के शहरजाम व सिरिया जंगल में अबरख(माइका) का अकूत भंडार है. लगभग 25 साल पहले यहां अबरख खदान का पता चला था. मगर स्थानीय सांसद, विधायक व राज्य सरकार द्वारा इस दिशा में ध्यान नहीं देने के कारण अभी तक खदान चालू नहीं हो सकी है.
उक्त जंगलों में जमीन खोदने के दौरान ग्रामीणों को अबरख होने का पता चला था. इसकी सूचना अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों को भी दी गयी. मगर किसी ने ध्यान नहीं दिया. लगभग 20 साल पूर्व यहां व्यापक पैमाने पर अबरख का अवैध उत्खनन होता था. बाद में स्थानीय ग्रामीणों व वन विभाग ने उत्खनन पर रोक लगा दी.
सात साल पहले भी कोडरमा के कुछ तस्करों द्वारा गुपचुप तरीके से खुदाई करायी गयी थी. एक सामाजिक कार्यकर्ता सुधांशु सुमन ने दो माह पूर्व केंद्रीय मंत्री श्रीप्रकाश जायसवाल को खदान से अवगत कराया था. मगर अब तक किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं हुई है.
– विजय शर्मा –
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