ePaper

बड़कागांव से अलग होकर 1977 में अस्तित्व में आयी थी सिमरिया सीट, जानें इस विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

Updated at : 22 Nov 2019 2:06 AM (IST)
विज्ञापन
बड़कागांव से अलग होकर 1977 में अस्तित्व में आयी थी सिमरिया सीट, जानें इस विधानसभा क्षेत्र का लेखा-जोखा

दीनबंधु कुल वोटर 327325 पुरुष वोटर 172640 महिला वोटर 154685 चतरा : सिमरिया विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वर्तमान विधायक गणेश गंझु को भाजपा ने इस बार टिकट नहीं दिया. सिमरिया विधानसभा सीट 1977 में बड़कागांव से अलग होकर बनी थी. तब से लेकर अब तक इस सीट पर 14 चुनाव हो […]

विज्ञापन

दीनबंधु

कुल वोटर

327325

पुरुष वोटर

172640

महिला वोटर

154685

चतरा : सिमरिया विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित है. वर्तमान विधायक गणेश गंझु को भाजपा ने इस बार टिकट नहीं दिया. सिमरिया विधानसभा सीट 1977 में बड़कागांव से अलग होकर बनी थी. तब से लेकर अब तक इस सीट पर 14 चुनाव हो चुके हैं. पहला विधायक 1977 में जेएनपी पार्टी से उपेंद्रनाथ दास चुने गये थे. श्री दास चार बार यहां के विधायक बने. तीन बार भाजपा से जीते. श्री दास के निधन के बाद 2008 में उपचुनाव हुआ था. इसमें भाकपा के रामचंद्र राम विजयी हुए थे.

1980 और 1985 में कांग्रेस से ईश्वरी राम पासवान (दो बार) चुने गये. दोनों बार एकीकृत बिहार में मंत्री बने. इसके बाद 1990 उपेंद्रनाथ दास ने भाकपा के रामचंद्र राम को 11964 मतों से हराया था. 1995 के चुनाव में उपेंद्रनाथ ने रामचंद्र को 2134 मतों से पराजित किया था. 2000 में राजद के योगेंद्र बैठा ने भाजपा के उपेंद्रनाथ दास को 5549 वोटों से हराया. 2005 के चुनाव में भाजपा के उपेंद्रनाथ दास ने भाकपा के रामचंद्र राम को 7420 मतों से शिकस्त दी थी.

2008 के उपचुनाव में भाकपा के रामचंद्र राम ने जेवीएम प्रत्याशी जयप्रकाश सिंह भोगता को 6748 मतों से हराया था. 2009 के चुनाव में जेवीएम के जयप्रकाश सिंह भोगता ने जेएमएम के गणेश गंझु को 8025 वोटों से पछाड़ा था. 2014 के चुनाव गणेश गंझु जेवीएम से लड़े. श्री गंझु ने भाजपा के सुजीत भारती को 15640 मतों से हराया. वर्ष 2008 से भाजपा एक बार भी नहीं जीती. जेवीएम दो बार जीत दर्ज किया.

कई सड़कें बनीं, पुल का निर्माण हुआ

विधायक गणेश गंझु ने कहा कि सिमरिया विधानसभा क्षेत्र में जो कार्य 20 वर्षों में नहीं हुए, उसे पांच साल में कर दिखाया. क्षेत्र में कई सड़कें बनीं और पुल का निर्माण कराया गया. गांव-गांव में बिजली पहुंची.

पांच वर्षों में कुछ भी नहीं हुआ : मनोज

2014 के चुनाव में दूसरे स्थान पर रहने वाले भाजपा प्रत्याशी सुजीत भारती के इंकार के बाद तीसरे स्थान पर आये मनोज चंद्रा ने कहा कि पांच वर्षों में किसी क्षेत्र में कोई विकास नहीं हुआ. सड़क, स्वास्थ्य, सिंचाई का हाल बेहाल है.

पिछले तीन चुनाव का रिकॉर्ड

2005

जीते : उपेंद्र नाथ दास, भाजपा

प्राप्त मत : 31858

हारे : रामचंद्र राम, भाकपा

प्राप्त मत : 24438

तीसरे स्थान : योगेंद्र नाथ बैठा, राजद

प्राप्त मत : 17859

2009

जीते : जय प्रकाश सिंह भोक्ता, झाविमो

प्राप्त मत : 34007

हारे : गणेश गंझू, झामुमो

प्राप्त मत : 25982

तीसरे स्थान : सत्यानंद भोक्ता, भाजपा

प्राप्त मत : 25613

2014

जीते : गणेश गंझू, झाविमो

प्राप्त मत : 67404

हारे : सुजीत कुमार भारती, भाजपा

प्राप्त मत : 51764

तीसरे स्थान : मनोज कुमार चंद्रा, राजद

प्राप्त मत : 26560

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए

मयूरहंड में अब तक सड़क नहीं बनी, वर्षों पुरानी है मांग

पावर ग्रिड चालू नहीं हो सका, कई इलाकों में िबजली नहीं

िकसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज की मांग पूरी नहीं

तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए

पत्थलगड्डा के बकुलिया नदी में पुल का निर्माण नहीं

हर्षनाथपुर से लोबगा सड़क का निर्माण अब तक अधूरा

पत्थलगड्डा

सिमरिया व लावालौंग सब स्टेशन चालू नहीं

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola