आखिर आत्मसमर्पण करने वाले नक्सलियों को क्या-क्या सुविधाएं देती है सरकार? समिति की बैठक में मिली जानकारी

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बैठक करते डीसी

पश्चिमी सिंहभूम में डीसी मनीष कुमार ने आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए सरकारी योजनाओं का लाभ देने के निर्देश दिए हैं.

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पश्चिमी सिंहभूम समाहरणालय में बुधवार को आत्मसमर्पित नक्सलियों के पुनर्वास को लेकर जिला स्तरीय समिति की बैठक हुई. बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त मनीष कुमार ने की. इसमें आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में लौटे लोगों को सरकार की प्रत्यार्पण एवं पुनर्वास नीति के तहत मिलने वाली सुविधाओं की समीक्षा की गई.

उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि जो लोग पुनर्वास के लिए पात्र हैं, उन्हें सरकारी योजनाओं और सुविधाओं का लाभ समय पर और पारदर्शी तरीके से मिले. उन्होंने कहा कि आत्मसमर्पण करने वाले लोगों को दोबारा हिंसा की राह पर जाने के बजाय सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जिंदगी जीने का मौका देना सरकार की पुनर्वास नीति का मुख्य उद्देश्य है.

रोजगार और स्वरोजगार से जोड़ने पर जोर

बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि आत्मसमर्पित लोगों को सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उन्हें रोजगार, स्वरोजगार और कौशल प्रशिक्षण से भी जोड़ा जाए. उनकी रुचि और योग्यता के अनुसार प्रशिक्षण और रोजगार के अवसर तलाशने को कहा गया.

आईटीडीए को पात्र लाभुकों को विभागीय योजनाओं से जोड़ने और आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया. जिला उद्योग केंद्र को स्वरोजगार और उद्यमिता से जुड़ी योजनाओं की जानकारी देने को कहा गया. वहीं आरसेटी को लाभुकों को कौशल विकास और स्वरोजगार से जुड़े प्रशिक्षण से जोड़ने का निर्देश दिया गया.

दस्तावेज और पुलिस सत्यापन जल्द पूरा करने का निर्देश

उपायुक्त ने अधिकारियों से कहा कि पात्र लाभुकों के दस्तावेज और अन्य जरूरी सत्यापन की प्रक्रिया जल्द पूरी की जाए. पुलिस विभाग को आवश्यक पुलिस सत्यापन कराने तथा पुनर्वास प्रक्रिया में प्रशासन के साथ समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया.

पंचायती राज विभाग को पंचायत और प्रखंड स्तर पर दस्तावेजों के सत्यापन में सहयोग करने तथा पात्र लोगों को स्थानीय विकास और आजीविका योजनाओं से जोड़ने को कहा गया.

बैंक खाते से लेकर सरकारी योजनाओं तक मिलेगा लाभ

अग्रणी बैंक प्रबंधक को आत्मसमर्पित लोगों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने और जरूरत के अनुसार बैंक खाते खुलवाने में सहयोग करने का निर्देश दिया गया. पात्र लोगों को स्वरोजगार और आजीविका के लिए बैंकिंग योजनाओं से जोड़ने पर भी जोर दिया गया. समाज कल्याण विभाग को आत्मसमर्पित लोगों और उनके परिवारों को पात्रता के अनुसार सामाजिक सुरक्षा और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की दिशा में काम करने को कहा गया.

उपायुक्त मनीष कुमार ने सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने का निर्देश देते हुए कहा कि पुनर्वास की प्रक्रिया का उद्देश्य आत्मसमर्पित लोगों को कौशल, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा और सम्मानजनक जीवन से जोड़ना है.


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सुनील कुमार सिन्हा

लेखक के बारे में

By सुनील कुमार सिन्हा

सुनील कुमार सिन्हा वर्ष 1998 से पत्रकारिता के क्षेत्र में सक्रिय हैं. उन्हें विशेष रूप से रेल एवं अन्य समसामयिक खबरों की रिपोर्टिंग में विशेषज्ञता प्राप्त है. उन्होंने स्नातक (ग्रेजुएशन) की शिक्षा प्राप्त की है. अपने लंबे अनुभव, निष्पक्ष दृष्टिकोण और तथ्यपरक रिपोर्टिंग के माध्यम से उन्होंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी एक विश्वसनीय पहचान बनाई है.

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