Chaibasa News : सदर के इमरजेंसी में नहीं मिला बेड, घर से खाट लाकर कराया गया इलाज

Published by : AKASH Updated At : 13 Aug 2025 11:49 PM

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बरसाती बीमारियों के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. चाईबासा सदर अस्पताल में बेड फुल हो गये हैं.

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चाईबासा.

बरसाती बीमारियों के कारण इन दिनों मरीजों की संख्या बढ़ गयी है. चाईबासा सदर अस्पताल में बेड फुल हो गये हैं. मंगलवार की रात में 70 वर्षीय मोरन पुरती उर्फ कृष्णा को अस्पताल में लाया गया. बेड पुल होने के कारण स्ट्रेचर पर इलाज किया गया. इसकी जानकारी मिलने पर मंझारी प्रखंड के जिला परिषद सदस्य माधव चंद्र कुंकल खाट लेकर अस्पताल पहुंचे गये. मरीज को स्ट्रेचर से उतार कर खाट पर लिटाया गया. उसका उपचार किया गया. ज्ञात हो कि सदर प्रखंड के टेकराहातु गांव निवासी 70 वर्षीय मोरन पुरती को मंगलवार की शाम इलाज के लिए सदर अस्पताल लाया गया. इमरजेंसी में बेड नहीं होने के कारण स्ट्रेचर पर इलाज किया जा रहा था.

राज्य में आम लोगों का इलाज भगवान भरोसे

कुंकलश्री कुंकल ने कहा कि पश्चिमी सिंहभूम जिला हर साल करोड़ों रुपये का राजस्व देता है. करोड़ों रुपये डीएमएफटी मद में जमा है. इसके बावजूद जिले के सबसे बड़े अस्पताल में बेड की कमी है. मंत्री व विधायक को एयरलिस्ट कर दिल्ली के महंगे प्राइवेट अस्पतालों में इलाज कराया जाता है. झारखंड के गरीब और आम जनता को बेड नहीं मिल पाता है. उन्होंने बताया कि इमरजेंसी के बरामदे में जमीन पर लिटाकर मरीजों को सेलाइन चढ़ाया जा रहा है. किसी को स्ट्रेचर पर, तो किसी को व्हील चेयर पर बैठाकर इलाज किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार सिर्फ बिल्डिंग बनाने को विकास समझ रही है. राज्य में गरीब आदमी का इलाज भगवान भरोसे है.

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