Chaibasa News : चक्रधरपुर में छह जुलाई को निकलेगा मुहर्रम जुलूस, 11 अखाड़े होंगे शामिल

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Chaibasa News : चक्रधरपुर में छह जुलाई को निकलेगा मुहर्रम जुलूस, 11 अखाड़े होंगे शामिल

अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी ने जुलूस के रूटों का किया निरीक्षण

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चक्रधरपुर .चक्रधरपुर में इस वर्ष छह जुलाई को मुहर्रम का जुलूस निकलेगा. इसमें शहर व ग्रामीण क्षेत्र से 11 अखाड़े शामिल होंगे. इसमें 9 अखाड़े शहरी क्षेत्र और 2 अखाड़े ग्रामीण क्षेत्र के हैं. शहरवासी इस परंपरागत आयोजन को बड़ी उत्सुकता और श्रद्धा के साथ तैयारी कर रहे हैं. नगरवासी इस ऐतिहासिक आयोजन में भाग लेकर न केवल श्रद्धा प्रकट करेंगे, बल्कि अपनी सांस्कृतिक विरासत को भी जीवंत रखेंगे. जुलूस को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी श्रुति राजलक्ष्मी और अन्य अधिकारियों ���े जुलूस के रूट का निरीक्षण किया. बिजली तारों की स्थिति को सुधारने के निर्देश दिये.

शहरी क्षेत्र के अखाड़े दिखायेंगे करतब.

शहरी क्षेत्र के सभी अखाड़े अपने-अपने मोहल्लों से जुलूस निकालेंगे. नगर के मुख्य चौक एवं पवन चौक में एकत्र होकर झांकियां, ताशा, लाइटिंग और अन्य पारंपरिक प्रस्तुतियों के माध्यम से अपने हुनर का प्रदर्शन करेंगे. आयोजन के उपरांत ये सभी अखाड़े अपने स्थान को लौटेंगे. ग्रामीण क्षेत्र के दो अखाड़े चोंगासाईं और सिमीदीरी दोनों सिमीदीरी उर्दू मध्य विद्यालय के पास मैदान में एकत्र होकर पारंपरिक औजारों जैसे बरछा, भाला, तलवार, ढाल, बाना आदि से कलात्मक खेलों का प्रदर्शन करेंगे. यहां के खिलाड़ी इन पारंपरिक युद्ध कलाओं में विशेष निपुणता रखते हैं.

प्रशासनिक तैयारी पूरी, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद.

जुलूस को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित बनाने के लिए प्रशासन द्वारा पुलिस बल, दंडाधिकारियों और कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की गई है. मुख्य चौक, पवन चौक एवं भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सीसीटीवी कैमरे, ड्रोन से निगरानी और अतिरिक्त सुरक्षाकर्मी लगाये जा रहे हैं. त्योहार को लेकर लोगों में खासा उत्साह देखा जा रहा है.

शहरी क्षेत्र के प्रमुख अखाड़े और उनके खलीफा

– दंदासाईं अखाड़ा : खलीफा मो जावेद : यह अखाड़ा राजकाल से ही प्रथम स्थान पर रहता है. इसकी ताशा और झांकियां लोगों के बीच विशेष आकर्षण का केंद्र रहती हैं.

– बांग्लाटांड़ अखाड़ा : खलीफा तौसीफ अख्तर : यह शहर की सबसे बड़ी आबादी वाला अखाड़ा है. इसका जुलूस परंपरागत और काफी लंबा होता है.

– पुराना वार्ड संख्या 10 अखाड़ा : खलीफा मोहम्मद नदीम : अपनी सजावटी झांकियों के लिए यह अखाड़ा प्रसिद्ध है.

– लोको चांदमारी अखाड़ा : खलीफा मनव्वर खान

– चांदमारी अखाड़ा : खलीफा सरवर निहाल : इनदोनों अखाड़ों की लाइटिंग और सजावट पूरे शहर में अग्रणी है.

– सौदागर पट्टी अखाड़ा : खलीफा मो तारिक अनवर

– ग्वाला पट्टी अखाड़ा : खलीफा मो आजाद गद्दी : दोनों अखाड़े परंपराओं का पालन करते हुए अनुशासित और प्रभावशाली उपस्थिति दर्ज कराते हैं.

– पापड़हाता अखाड़ा : खलीफा एजाज खान : यह छोटा मोहल्ला होते हुए भी पूरी शान और व्यवस्था से भागीदारी करता है.

– पोटका अखाड़ा : खलीफा मो शाहनवाज : शहर से लगभग 4 किलोमीटर दूर स्थित यह अखाड़ा कम आबादी में भी हर वर्ष पूरी परंपरा के साथ शामिल होता है.

– चोंगासाईं अखाड़ा : खलीफा मो जाकिर

– सिमीदीरी अखाड़ा : खलीफा आफताब आलम

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Atul Pathak

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