Chaibasa News : कंपाउंडर के भरोसे मरीज, स्वीपर करता है दवा वितरण
Published by : ATUL PATHAK Updated At : 26 Aug 2025 11:25 PM
हाटगम्हरिया. आयुष्मान आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र खुद बीमार
हाटगम्हरिया. मंत्री दीपक बिरुवा के गृह प्रखंड में स्थित आयुष्मान आदर्श प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हाटगम्हरिया इन दिनों खुद बीमार है. आदर्श चिकित्सालय में एक भी डॉक्टर पदस्थापित नहीं हैं. ऐसे में मरीज व गर्भवती माताएं इलाज के लिए परेशान होती हैं. उन्हें दूरदराज जाना पड़ रहा है. इस समय क्षेत्र में मौसमी बुखार, खांसी व जुकाम के मामले घर-घर में है. अस्पताल में मरीज की लंबी कतार लग रही है. केंद्र में रोज लगभग 50 से 80 मरीज आते हैं. विवश होकर कंपाउंडर से इलाज कराते हैं. यहां स्वीपर दवा का वितरण करता है.
इलाज के लिए आने वाले लौट रहे वापस
अस्पताल में डॉक्टर नहीं मिलने पर कई मरीज बिना इलाज के लौट जा रहे हैं. ऐसी स्थिति में मरीज झोला छाप डॉक्टर के चंगुल में फंस रहे हैं या मेडिकल स्टोर से दवा लेकर खा रहे हैं. लोगों का कहना है कि सरकार चिकित्सा के नाम पर क्षेत्र में लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करने का दावा करती है. इसके बावजूद ग्रामीण क्षेत्र में मरीज को चिकित्सा सेवा का लाभ नहीं मिल पा रहा है. समय पर उचित चिकित्सा के अभाव में कई लोगों की मौत हो जा रही है. यह आदर्श स्वास्थ्य केंद्र एक स्वीपर के भरोसे चल रहा है. दवा वितरण भी वही करता है.महीना में चार दिन बाहर से आते हैं चिकित्सक
इस स्वास्थ्य केंद्र में चिकित्सक महीना में केवल चार दिन आते हैं. चिकित्सक नहीं रहने के कारण फार्मासिस्ट भी अक्सर गायब रहते हैं. फार्मासिस्ट की छुट्टी की स्वीकृति स्वीपर के हस्ताक्षर होती है. फार्मासिस्ट हमेशा किसी न किसी बहाने छुट्टी लेकर गायब रहता है. इसका खामियाजा क्षेत्र के गरीब जनता बुगतने को विवश हैं. पड़ताल में यह बात सामने आयी कि सोमवार को दिन के 12 बजे तक आदर्श अस्पताल में डाॅक्टर, फार्मासिस्ट, स्वीपर सब नदारद थे.प्रभारी चिकित्सक के दर्शन हो रहे दुर्लभ
बताया जाता है कि वर्तमान प्रभारी चिकित्सक दिनेश सावैंया की यहां पोस्टिंग हुई है. वह एक दिन भी नहीं आये हैं. इन दिनों क्षेत्र में वायरल बीमारी का प्रकोप चल रहा है. इस कारण प्रत्येक अस्पताल में डाॅक्टर का रहना अत्यंत जरूरी है.कोट
मौसमी बुखार से क्षेत्र जकड़ा हुआ है. इस परिस्थिति में भी प्रखंड मुख्यालय के अस्पताल में चिकित्सक का नहीं रहना चिंता का विषय है. इस बात से मंत्री महोदय को अवगत कराया जायेगा. यदि एक सप्ताह के भीतर किसी चिकित्सक की प्रतिनियुक्ति नहीं की जाती है, तो यह जनआंदोलन का रूप ले सकता है.उमेश प्रसाद गुप्ता
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