Chaibasa News : धर्म की रक्षा को गुरु तेगबहादुर ने शहादत दी
Published by : AKASH Updated At : 28 Dec 2025 12:15 AM
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चाईबासा : गुरुद्वारा नानक दरबार में हर्षोल्लास के साथ प्रकाश पर्व मना
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चाईबासा.
गुरुद्वारा नानक दरबार में हर्षोल्लास व आस्था के साथ शनिवार को गुरु गोविंद सिंह का प्रकाश पर्व मनाया गया. गुरुवार को आरंभ किये गये गुरु ग्रंथ साहिब का अखंड पाठ आज समाप्त हुआ. इसके उपरांत बच्चे-बच्चियों द्वारा कविता पाठ किया गया. जमशेदपुर से आये हरमीत सिंह के कीर्तनी जत्थे ने मधुर आवाज में कीर्तन कर सभी को मंत्र मुग्ध किया. ग्रंथी प्रताप सिंह द्वारा अरदास की गयी. उसके उपरांत प्रसाद व लंगर वरताया गया. गुरुसिंह सभा के अध्यक्ष गुरमुख सिंह खोखर ने सभी को गुरु पर्व की बधाइयां दी. गुरमुख खोखर ने कहा कि गुरु गोविंद सिंह का जन्म पटना में हुआ था. जहां आज गुरुद्वारा तख्त हरिमंदिर साहिब स्थापित है. गुरु गोविंद सिंह ने दीन धर्म की खातिर अपना सब कुछ न्योछावर कर दिया. इसलिए उन्हें सरवंशदानी भी कहा जाता है. उनके पिता गुरु तेग बहादुर ने जबरन धर्म परिवर्तन को नकारते हुए दिल्ली के चांदनी चौक में धर्म की रक्षा के लिए शहादत दी. गुरु गोविंद सिंह के चारों साहिबजादों ने तत्कालीन सम्राटों के जोर के आगे ना झुक कर धर्म परिवर्तन को नकारते हुए अपनी शहादत दी. गुरु गोविंद सिंह की माता ने भी धर्म की रक्षा की खातिर बलिदान दिया. प्रकाश पर्व को संपन्न कराने में गुरुसिंह सभा, स्त्री सत्संग सभा व युवा खालसा के सदस्यों का सराहनीय योगदान रहा.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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