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Chaibasa News : जिले में अवैध बालू लदे पांच ट्रैक्टर जब्त, कारोबारियों में हड़कंप

Updated at : 20 Dec 2024 12:13 AM (IST)
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Chaibasa News : जिले में अवैध बालू लदे पांच ट्रैक्टर जब्त, कारोबारियों में हड़कंप

अवैध बालू के उठाव पर पेनाल्टी वसूलने के साथ कंप्लेन केस होगा : खनन विभाग

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चाईबासा.पश्चिमी सिंहभूम में बालू के अवैध उत्खनन के खिलाफ चलाये जा रहे अभियान से बालू के कारोबारियों में हड़कंप मचा है. गुरुवार को जिले के आनंदपुर, चक्रधरपुर व ओडिशा सीमावर्ती मझगांव प्रखंड क्षेत्र से कुल पांच ट्रैक्टर बालू जब्त किये गये हैं. यह कार्रवाई उपायुक्त कुलदीप चौधरी द्वारा जिला अंतर्गत अवैध खनन, भंडारण व परिवहन पर पूर्ण रूपेण अंकुश लगाने के लिए दिये गये निर्देश के आलोक में की गयी है. इस संबंध में जिला खनन पदाधिकारी मेघलाल टुडू ने बताया कि एक दिन पूर्व भी मझगांव से बालू लदा ट्रैक्टर जब्त किया गया था. अवैध कारोबारियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है व पेनाल्टी वसूलने के साथ कंप्लेन केस भी किया जायेगा.

बालू लदे ट्रैक्टर से स्कूली बच्चों में बना रहता है भय

इधर, कार्रवाई होते ही अवैध बालू के कारोबारी पैरवी लगाते रहे, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. अंत में बालू लदे पांचों ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया. वहीं, प्रशासनिक कार्रवाई के बाद आम लोगों ने भी राहत महसूस की है. मालूम हो कि सुबह चार बजते ही बालू लदे ट्रैक्टर सड़कों पर गरजने लगते थे. बालू के अवैध कारोबारियों द्वारा नदी से बालू का उठाव कर विभिन्न गांवों और मोहल्ले से गुजरते हुए मुख्य मार्ग तक आ जाता था. इससे खासकर अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से डरने लगे थे.

चाईबासा में रोज बेचा जाता है 40- 50 ट्रैक्टर बालू

जानकारी के अनुसार, पिछले करीब पांच साल से बालू उठाव व कारोबार बेरोकटोक जारी था. इस कार्रवाई से पूर्व जिले में रोजाना करीब 100 ट्रैक्टर बालू का अवैध उठाव किया जा रहा है. केवल चाईबासा में ही 40- 50 ट्रैक्टर बालू का खपत हो रहा था. बालू का कारोबार अवैध रूप से होने के कारण इसकी कीमत भी काफी बढ़ा दी गयी थी. स्थिति यह बन गयी थी कि चाईबासा में प्रति ट्रैक्टर 3500 से 4000 रुपये बिक रही थी, जबकि जमशेदपुर में बालू की दर बढ़कर 6500- 8000 प्रति ट्रैक्टर हो गया था. जमशेदपुर में मकान बना रहे एक व्यक्ति ने बताया कि पतला दाना वाला बालू 6000- 6500 व मोटा बालू 8000 रुपये प्रति टैक्टर बिकने लगा था, जिसमें बालू के अलावा ट्रांसपोर्टिंग चार्ज भी जुड़ा होता था.

कार्रवाई से सरकारी निर्माण पर भी पड़ रहा असर

बालू के खिलाफ शुरू की गयी कार्रवाई का साइड इफेक्ट भी सामने आने लगा है. इससे सरकारी निर्माण कार्य प्रभावित होने लगा है. पुल- पुलिया और सरकारी भवन निर्माण के लिए संवेदकों और कारीगरों को बालू नहीं मिल पा रहा है. शहर के वार्ड संख्या दो में बन रहे कल्वर्ट निर्माण और सड़क ढलाई का काम रुक गया है. वहीं, बालू के कारोबारियों ने प्रति ट्रैक्टर बालू की दर 500 रुपये बढ़ा दिये हैं. सूत्रों के अनुसार, बालू के काले कारोबार की अब रात में करने की योजना बनायी गयी है. विदित हो कि केवल शहर में ही नगर परिषद की करीब तीन करोड़ की योजनाएं संचालित हैं, जिसमें नाली, सड़क और कल्वर्ट आदि शामिल हैं.

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