चंपुआ: 24 घंटे में 222.2 मिमी हुई बारिश, 35 घरों में घुसा पानी
बारिश से नुकसान
चंपुआ में 24 घंटे में हुई 222.2 मिमी बारिश ने मचाई तबाही. 35 घर ढहे, फसलें बर्बाद और सरकारी दफ्तरों में भरा पानी. प्रशासन राहत कार्य में जुटा.
चंपुआ में लगातार हुई भारी बारिश ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है. पिछले 24 घंटे में यहां 222.2 मिमी बारिश दर्ज की गई. तेज बारिश के कारण चंपुआ ब्लॉक के अलग-अलग इलाकों में करीब 35 घर तबाह होने की सूचना है. कई सरकारी कार्यालयों में पानी भर गया है, जबकि खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान हुआ है.
चंपुआ तहसीलदार सत्यब्रत साहू ने बताया कि कम दबाव के क्षेत्र के प्रभाव से इलाके में भारी बारिश हुई. गुरुवार रात करीब 3.30 बजे शुरू हुई बारिश लगभग 9 घंटे तक लगातार जारी रही. लगातार बारिश के कारण नदी, नहर, तटबंध और तालाबों का जलस्तर बढ़ गया. कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति पैदा हो गई.
कई इलाकों में घर तबाह
भारी बारिश से चंपुआ तहसील के कई राजस्व क्षेत्रों में नुकसान हुआ है. चंपुआ, चिमिला, रिमुली, करंजिया, भुईनपुर, भंडा और ज्योतिपुर समेत कई इलाकों में करीब 35 घरों के क्षतिग्रस्त या पूरी तरह तबाह होने की जानकारी सामने आई है.
प्रशासन की ओर से प्रभावित इलाकों में नुकसान का आकलन किया जा रहा है. अधिकारियों के मुताबिक सर्वे पूरा होने के बाद घरों के नुकसान का आंकड़ा और बढ़ सकता है.
बारिश में जिन परिवारों के घर तबाह हो गए हैं, उन्हें तत्काल राहत देने के लिए चंपुआ प्रशासन ने राजस्व निरीक्षकों को प्रभावित परिवारों तक पॉलीथीन पहुंचाने के निर्देश दिए हैं.
सरकारी कार्यालयों में भरा पानी
भारी बारिश का असर सरकारी कार्यालयों पर भी पड़ा है. पहाड़ी सिंचाई विभाग के कार्यालय में करीब एक फुट पानी भर गया. वहीं, एकीकृत बाल विकास परियोजना कार्यालय में करीब दो फुट तक पानी घुस गया.
पानी भरने की सूचना मिलने के बाद लोकल नोटिफाइड एरिया काउंसिल और चंपुआ फायर सर्विस विभाग की टीम मौके पर पहुंची. टीम ने कार्यालयों से पानी निकालने का काम किया.

अस्पताल में मरीजों की संख्या बढ़ी
लगातार बारिश के बाद चंपुआ सब-डिस्ट्रिक्ट अस्पताल में मरीजों की संख्या अचानक बढ़ गई. अस्पताल में बेड की कमी के कारण मरीजों को बरामदे में रखकर इलाज करने की स्थिति बन गई.
स्थानीय स्तर पर स्वास्थ्य विभाग से मामले का संज्ञान लेने और अस्पताल में अतिरिक्त बेड समेत जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की जा रही है.
धान की फसल पानी में बही
भारी बारिश ने किसानों की परेशानी भी बढ़ा दी है. करीब एक सप्ताह पहले खेतों में की गई धान की रोपाई बारिश के पानी में बह गई. लगातार बारिश के कारण खेतों में पानी भरने से नई फसल को भारी नुकसान हुआ है.
सब्जी की खेती पर भी अतिवृष्टि का असर पड़ा है. किसान लागो कराई ने बताया कि लगातार बारिश के कारण उनका सब्जी बागान पूरी तरह जलमग्न हो गया.
बारिश से बैंगन, टमाटर, साग, भिंडी, मिर्च, बंदगोभी और फूलगोभी समेत कई सब्जियों की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है. किसानों के सामने अब फसल नुकसान की भरपाई और आगे की खेती को लेकर बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है.

प्रभावित परिवारों के लिए आवास की मांग
बारिश में घर गंवाने वाले परिवारों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत पक्के घर उपलब्ध कराने की मांग उठ रही है. स्थानीय लोगों का कहना है कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत देने के साथ उनके पुनर्वास की भी व्यवस्था की जानी चाहिए.
चंपुआ में भारी बारिश के बाद प्रशासन के सामने राहत और पुनर्वास की बड़ी चुनौती है. एक तरफ घर गंवाने वाले परिवारों को मदद की जरूरत है, तो दूसरी तरफ किसानों की बर्बाद हुई फसलों का आकलन कर उन्हें उचित सहायता देने की मांग भी तेज हो रही है.
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