Bokaro News : एसपी कार्यालय के कई अधिकारी और कर्मी रडार पर

Published by :JANAK SINGH CHOUDHARY
Published at :29 Apr 2026 11:46 PM (IST)
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Bokaro News : एसपी कार्यालय के कई अधिकारी और कर्मी रडार पर

‍Bokaro News : बोकारो एसपी कार्यालय के कई अधिकारी और कर्मी सीआइडी के रडार पर हैं.

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बोकारो ट्रेजरी से रिटायर हवलदार उपेंद्र सिंह सहित राम नरेश सिंह, एस कुमार, राजेंद्र कुमार, अनिल सिंह, एके देवी, ललिता सिंह, स्मिता मिंज के नाम पर 10 करोड़ रुपये से अधिक की अवैध निकासी हुई. मुख्य आरोपी एसपी कार्यालय के सस्पेंड लेखपाल कौशल कुमार पांडेय को छह अप्रैल को जेल भेजा जा चुका है. जांच का जिम्मा सीआइडी रांची ने संभाला है. सीआइडी ने बोकारो एसपी कार्यालय के कई अधिकारियों और कर्मियों को रडार पर रखा है. 26 अप्रैल से लगातार तीन दिनों तक सीआइडी की टीम रांची से बोकारो आयी. बोकारो एसपी कार्यालय के लेखा शाखा में कार्यरत एएसआइ अशोक भंडारी व एक होमगार्ड जवान सतीश कुमार को गिरफ्तार कर रांची ले गयी. दोनों पर मुख्य आरोपी कौशल कुमार पांडेय का सहयोग करने का आरोप है. दोनों के बैंक खाता से ट्रेजरी घोटाले की राशि का ट्रांजेक्शन हुआ है. सीआइडी टीम एसपी कार्यालय के लेखा शाखा सहित ट्रेजरी में भुगतान से जुड़े सभी तरह के मैन्युअल रिकार्ड की जांच कर रही है. इसके अलावे दोनों जगहों पर उपलब्ध डिजिटल उपकरणों को भी खंगाला जा रहा है. तीन साल से जमे वित्तीय कार्य से जुड़े कर्मियों की समीक्षा कर तबादला करें वेतन मद में कोषागार के माध्यम से अवैध निकासी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए मुख्य सचिव अविनाश कुमार ने सभी उपायुक्तों को सख्त निर्देश जारी किये हैं. एक ही कार्यालय में लंबे समय से पदस्थापित कर्मियों की समीक्षा कर तीन वर्ष से अधिक समय से जमे वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मियों का अनिवार्य रूप से स्थानांतरण करने को कहा है. मुख्य सचिव ने पत्र में कहा है कि विभिन्न जिलों में वेतन मद से अवैध निकासी की गंभीर अनियमितताएं सामने आयी हैं. जांच में कर्मचारी विवरण में छेड़छाड़, फर्जी दस्तावेजों के आधार पर निकासी और राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर किये जाने जैसे मामले उजागर हुए हैं. इन गड़बड़ियों की रोकथाम और वित्तीय प्रणाली को सुदृढ़ करने के लिए वरीय लेखा सहायक, लेखा सहायक, लेखा अधीक्षक, लेखापाल और विपत्र लिपिक जैसे वित्तीय कार्यों से जुड़े कर्मियों की पदस्थापन अवधि की समीक्षा का निर्देश दिया गया है. तीन वर्ष से अधिक समय से एक ही कार्यालय में कार्यरत कर्मियों का अनिवार्य तबादला किया जायेगा. पत्र में यह भी स्पष्ट किया गया है कि संविदा और एकमुश्त मानदेय पर कार्यरत कंप्यूटर ऑपरेटरों को वित्तीय कार्यों से दूर रखा जाये. मुख्य सचिव ने सभी जिलों से इन निर्देशों के अनुपालन पर विस्तृत प्रतिवेदन 30 मई तक वित्त विभाग को उपलब्ध कराने को कहा है. सरकार के इस कदम को वित्तीय अनियमितताओं पर लगाम लगाने और पारदर्शिता बढ़ाने की दिशा में अहम माना जा रहा है.

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