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Bokaro News: चुगला लगन बिताकऽ एलै ससुरारी...देने जइयौ भईया के आशीष हे मनमोहिनी सामा

Updated at : 05 Nov 2025 11:09 PM (IST)
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Bokaro News: चुगला लगन बिताकऽ एलै ससुरारी...देने जइयौ भईया के आशीष हे मनमोहिनी सामा

Bokaro News: मिथिलांचल में मनाये जाने वाला भाई-बहन के स्नेह का अतिपावन पर्व सामा-चकेवा बुधवार देर शाम बोकारो में संपन्न हुआ. मिथिला सांस्कृतिक परिषद के तत्वावधान में सेक्टर-4ई स्थित मिथिला अकादमी पब्लिक स्कूल में सामा-चकेवा पर्व का आयोजन हुआ.

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परम्परानुसार समदाओन आदि भावपूर्ण पारंपरिक गीतों के साथ सामा-चकेवा को भावनीभी विदाई दी गयी. विभिन्न भागों से पहुंची महिलाओं ने मिट्टी निर्मित सामा-चकेवा की विधियां पूरी की. सामा-चकेवा, सतभइया, बृंदावन, चुगला, ढोलिया बजनिया, बन तितिर, पंडित और अन्य मूर्तियों के खिलौने वाले डाला को लेकर महिलायें जुटीं और सन (पटुआ) से बने चुगला को जलाया. उसका मुंह झुलसाया. इसके बाद उन्हें सामूहिक रूप से विसर्जित किया.

सामचक-सामचक अईह हो जोतिला खेत में बसिह हे… गाम के अधिकारी तोहें बड़का भैया हो

मिथिला महिला समिति की अध्यक्ष पूनम मिश्रा, सचिव आभा झा, किरण मिश्रा, डॉ मंजु झा, वीणा झा, जयंती पाठक, बीनू चौधरी, आशा झा, इंदिरा झा, प्रीति प्रिया, कमला झा, अलका झा, शिखा चौधरी, उपासना, ममता झा, पिंकी, आशा पाठक, लीला झा, मुन्नी झा, पूनम झा, अपर्णा, बिनीता राय, कंचन सिन्हा आदि ने सामा-चकेवा पर्व के गीत वृंदावन में आगि लागल कियो ने बुझाबै हे, चुगला लगन बिताकऽ एलै ससुरारी, देने जइयौ भईया के आशीष हे मनमोहिनी सामा, कोने भैया के धोतिया आकाश सूखे हे पाताल डोले, अरे भंवरा सामा जाई छै ससुरा किछु गहना दहिन, सामचक-सामचक अईह हो जोतिला खेत में बसिह हे, गाम के अधिकारी तोहें बड़का भैया हो, समदाओन बड़ा रे जतन सँ हम सामा बेटी पोसलौं, सेहो सामा सासुर जाई…गीतों की प्रस्तुति दी.

मिथिला के पारंपरिक पर्व-त्योहारों व कला-संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़े रखना है उद्देश्य : नीरज चौधरी

इसके पूर्व प्रारंभ में आगंतुकों का स्वागत परिषद् के सांस्कृतिक कार्यक्रम निदेशक अरुण कुमार पाठक ने किया. परिषद् के महासचिव नीरज चौधरी ने अपने संबोधन में कहा : मिथिला की महान लोक संस्कृति से जुड़े भाई-बहन के अटूट प्रेम का प्रतीक यह पर्व मात्र मिथिला में ही मनाये जाने की परंपरा रही है. इसकी चर्चा विष्णु-पुराण में भी मिलती है. मिथिला के पारंपरिक पर्व-त्योहारों व कला-संस्कृति से नई पीढ़ी को जोड़े रखने के उद्देश्य से परिषद् द्वारा विविध कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं. मिथिला सांस्कृतिक परिषद के अध्यक्ष जेपी चौधरी, मिथिला एकेडमी पब्लिक स्कूल के अध्यक्ष राजेंद्र कुमार सहित मिहिर झा राजू, अविनाश अवि, केसी झा, विजय कुमार झा, शंभु झा, सुनील मोहन ठाकुर, श्रवण कुमार झा, गोविन्द कुमार झा, गणेश झा, एके मिश्रा, विश्व नाथ झा, पशुपति झा, उमेश झा, विश्वनाथ गोस्वामी, नवीन कुमार झा, गिरिजानंद मिश्र आदि से उपस्थित थे.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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MAYANK TIWARI

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By MAYANK TIWARI

MAYANK TIWARI is a contributor at Prabhat Khabar.

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