महिलाओं की अंत:स्रावी ग्रंथियों से जुड़ी समस्या है पीसीओएस

Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 22 Apr 2024 12:24 AM

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महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है पीसीओएस का कारण : डॉ अनन्या

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महिलाओं में हाई ब्लड प्रेशर बन सकता है पीसीओएस का कारण : डॉ अनन्या

रंजीत कुमार, बोकारो. आधुनिक जीवन शैली की वजह से पैदा होने वाली स्वास्थ्य समस्याओं का सबसे ज्यादा असर महिलाओं की सेहत पर दिख रहा है. शहरों में रहने वाली ज्यादातर महिलाएं कामकाजी होती हैं. घर-बाहर की दोहरी जिम्मेदारियों की वजह से खुद पर ध्यान नहीं दे पातीं. ऐसे में युवावस्था में ही कई स्वास्थ्य समस्याएं परेशान करने लगती हैं. पीसीओएस की समस्या 18 से 30 वर्ष की युवतियों में तेजी से बढ़ रही है. इस उम्र में शरीर में सेक्स हॉर्मोस सबसे ज्यादा सक्रिय होते हैं. इन्हीं के असंतुलन की वजह से समस्या पैदा होती है. शुरुआती दौर में लक्षण पहचान में नहीं आते हैं. शादी के बाद जब समस्या का पता चलता है, तब तक काफी देर हो जाती है. ये बातें डॉ अनन्या प्रसाद ने को-ऑपरेटिव कॉलोनी स्थित कार्यालय में रविवार को ‘प्रभात खबर’ के साथ साझा कीं.

क्या है पीसीओएस समस्या :

डॉ अनन्या ने कहा : पीसीओएस महिलाओं की अंत:स्रावी ग्रंथियों से जुड़ी समस्या है. मानव शरीर में मौजूद अंत:स्रावी ग्रंथियों से कई तरह के हॉर्मोस का स्राव होता है. महिलाओं के शरीर में मुख्यत: एस्ट्रोजन व प्रोजेस्ट्रॉन नामक हार्मोन सक्रिय होते हैं. इसके अलावा उनमें आंशिक रूप से मेल हॉर्मोन टेस्टोस्टेरॉन का भी सिक्रिसन होता है. हॉर्मोन का सिक्रिसन अधिक मात्रा में होने लगता है. इससे ओवरी में एग्स बनने व बाहर निकलने की प्रक्रिया में रुकावट पैदा होती है. ऐसी स्थिति में कुछ एग्स गांठ जैसा रूप धारण कर लेते हैं. जिनके भीतर तरल पदार्थ भरा होता है. इसी अवस्था को पीसीओएस यानी पॉलिसिस्टिक ओवेरियन सिंड्रोम कहा जाता है.

पीसीओएस होने की वजह :

जिन महिलाओं का शुगर लेवल व ब्लडप्रेशर ज्यादा होता है. वे आसानी से पीसीओएस की शिकार हो जाती हैं. जिनका कोलेस्ट्रॉल लेवल बढ़ा रहता है. वे भी इसकी चपेट में आ जाती है. इसके अलावा शारीरिक गतिविधियों व एक्सरसाइज की कमी, अनियमित दिनचर्या, मानसिक तनाव, खानपान में अनियमितता, भोजन में मीठे व वसा युक्त पदार्थों की अधिकता व अनुवांशिकता प्रमुख कारण हैं, जो बांझपन की समस्या को जन्म देती है.

पीसीओएस का प्रमुख लक्षण :

पीरियड्स में अनियमितता, ज्यादा ब्लीडिंग का होना, वजन बढ़ने की समस्या,

अंगुलियों, चेहरे, पेट व पीठ पर अवांछित बाल, अनावश्यक थकान का होना, डिप्रेशन व चिड़चिड़ापन का होना, अनिद्रा का शिकार होना

कैसे करें पीसीओएस से बचाव :

मोटापा से बचने का प्रयास, नियमित एक्सरसाइज करना, छोटी दूरी के लिए पैदल चलें, दिनचर्या के कार्य खुद से करें, जंक फूड का प्रयोग न करें, कोल्डड्रिंक्स का प्रयोग कम, मलाई रहित दूध-दही का प्रयोग.

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