Bokaro News : जिला के पुराने सरकारी भवनों में नहीं है वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम

Published by : JANAK SINGH CHOUDHARY Updated At : 09 Jun 2026 12:09 AM

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Bokaro News : बोकारो जिला के अधिकतर पुराने सरकारी भवनों में वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम नहीं है.

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बोकारो जिला के नये प्रशासनिक भवनों में रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम (वर्षा जल संचयन) विकसित किया गया है. लेकिन अधिकतर पुराने सरकारी भवनों में यह सिस्टम नहीं है. डीसी कार्यालय में सिस्टम है. एसपी ऑफिस में आधा-अधूरा सिस्टम है. यहां छत से पानी सीधे जमीन पर गिरता है और ढलान होने के कारण पानी बह जाता है. सदर अस्पताल में निर्माण कार्य के कारण सिस्टम खराब है. चास के नये एसडीओ ऑफिस में सिस्टम है. वन विभाग के कार्यालय में भी सिस्टम डेवलप है. कई कार्यालयों में पेवर ब्लॉक के जरिये वर्षा जल संरक्षण की दिशा में काम हो रहा है. चास नगर निगम के नये कार्यालय में भी सिस्टम है. ग्रामीण क्षेत्रों में 4,427 सामुदायिक सोख्ता बनाया गया है.

बोकारो जिला में पेयजल समस्या व भूमिगत जलस्तर कम होने की समस्या नयी नहीं है. भूमिगत जल रिचार्ज संबंधित बातें होती है. बड़ी बैठकें होती हैं. योजनाएं बनती हैं. अगर योजनाएं धरातल पर उतरती तो भूमिगत जल रिचार्ज का आंकड़ा ऐसा नहीं होता. भारत सरकार की डायनेमिक ग्राउंड वाटर रिसोर्स की वर्ष 2023 की रिपोर्ट की माने तो बोकारो जिला की स्थिति बिगड़ती ही जा रही है. एक साल में भूजल की स्थिति में 8152.23 एचएएम की कमी आयी है. 2022 की रिपोर्ट की माने तो बोकारो जिला में 20653.26 एचएएम भविष्य उपयोग के लिए था. जबकि 2023 की रिपोर्ट में यह 12501.03 एचएएम हो गया है. 2022 के मुकाबले 2023 में 8986.74 एचएएम की कमी आयी है. 2023 में कुल 22520.76 एचएएम भूजल रिचार्ज हुआ है, जबकि 2022 में यह 31507.50 एचएएम था. 2023 की रिपोर्ट के अनुसार मानसून के समय में वर्षा से 18003.58 एचएएम व अन्य स्रोत से 1458.23 एचएएम भूजल रिचार्ज हुआ. जिला में सिंचाई के लिए 2393 एचएएम भूजल की खपत होती है.

मई में बिन मौसम हुई अधिक बारिश

मई माह में बोकारो जिला में बिना मौसम जम कर बारिश

हुई. औसत से 90 प्रतिशत अधिक वर्षा जिला में हुई. आमतौर पर

मई माह में 45.8 मिमी बारिश

होती है. लेकिन, 2026 में 87 मिमी बारिश

हुई. दामोदर नद में बने तेनुघाट डैम के फाटक तक खोलने पड़े. लेकिन, रिपोर्ट के अनुसार रेन वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम व्यवहारिकता में नहीं होने के कारण बहुत पानी भूमिगत नहीं हुआ.

हाथी क्षेत्र में वन विभाग चला रहा है विशेष अभियान

वन विभाग की ओर से वन भूमि में बारिश

का पानी रोकने के लिए खाई व मेड़ बनाया जाता है. मिट्टी का कटाव रोकने व बारिश

के पानी को रोक कर भूमिगत पानी को जमीन के अंदर पहुंचाने के लिए यह प्रक्रिया अपनायी जाती है. जिला के सभी वन क्षेत्र में 50 हजार से अधिक ट्रेंच बनाये गये हैं. इस साल जिला में 150 जगहों पर लूज बोल्डर डैम व चेकडैम का निर्माण विभाग की ओर से किया जा रहा है. खास कर

हाथी प्रभावित क्षेत्र में इस दिशा में विशेष अभियान

चलाया जा रहा है.

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