Bokaro News : रिटायर्ट कोल कर्मियों की चिकित्सा सुविधा के लिए एकमुश्त बड़े फंड की जरूरत

Bokaro News : कोल इंडिया. एमसीडब्ल्यूए-11 में गठित सब कमेटी की बैठक में उठा था मामला
Bokaro News : राकेश वर्मा, बेरमो. सीपीआरएमएसइ-एनई (आर) ( कंट्रीब्यूट्री पोस्ट रिटायरमेंट मेडिकल स्कीम) में फिलहाल एकमुश्त बड़े फंड की जरूरत है. इस मामले को मजदूर संगठन लगातार कोल इंडिया की कई अहम बैठकों में उठाते रहे हैं. एमसीडब्ल्यूए-11 में इसको लेकर सब कमेटी गठित की गयी थी. जिसमें कोल इंडिया के अधिकारी व मजदूर संगठन से जुड़े नेता शामिल हैं. इसकी एक बैठक भी हुई, जिसमें मजदूर संगठनों ने कहा कि सीपीआरएमएसई-एनई (आर) का फंड कैसे मजबूत हो, इसकी पूरी जिम्मेवारी प्रबंधन की है. कोल इंडिया प्रबंधन इस फंड में एकमुश्त बड़ी राशि दे, ताकि रिटायरमेंट कर्मियों को चिकित्सीय सुविधा में किसी तरह की दिक्कत नहीं हो.
कोल इंडिया में हर साल रिटायर हो रहे हैं 14-15 हजार कर्मी :
मालूम हो कि कोल इंडिया में हर साल करीब 14-15 हजार कर्मी रिटायर हो रहे हैं. वर्तमान में कोल इंडिया में कार्यरत कर्मियों की संख्या 2.09 लाख है, जबकि रिटायरमेंट कर्मियों की संख्या पांच लाख के करीब है. इसमें सीपीआरएमएसइ के मेंबरों की संख्या 1.5 लाख के आसपास है. शेष सीपीआरएमएस के मेंबर नहीं है.एमसीडब्ल्यूए-9 से चल रहा है सीपीआरएमएस :
वर्ष 2015 में एनसीडब्ल्यूए-9 से कोल इंडिया में सीपीआरएमएस लागू किया गया. उस समय इस स्कीम के तहत रिटायर होने वाले कर्मियों को 4 लाख (पति व पत्नी को दो-दो लाख) तक की चिकित्सीय सुविधा दिये जाने का प्रावधान था. इसके लिए रिटायर कर्मियों को इस स्कीम में 20 हजार रुपये एकमुश्त देना पड़ता था. उस समय इसके लगभग तीन हजार ही सेवानिवृत कर्मी सदस्य थे. वर्ष 2017 में एनसीडब्ल्यूए-10 में सीपीआरएमएस को मजदूर संगठनों व कोल इंडिया प्रबंधन के बीच बनी सहमति के बाद रिवाइजड कराया गया. इसके तहत रिटायर होने वाले कर्मियों को सीपीआरएमएस ट्रस्टी में बतौर एकमुश्त 40 हजार रुपये जमा करने के बाद उन्हें आठ लाख (पति व पत्नी को चार-चार लाख) तक की चिकित्सीय सुविधा मिलनी है. उस समय कोल इंडिया के रेगूलर कर्मियों को भी कहा गया कि वे भी 20 किश्त में हर माह दो-दो हजार करके 40 हजार इस स्कीम में जमा कर सकते हैं.मजदूरों को भी मिले 25 लाख तक के इलाज की सुविधा : लखनलाल
एटक नेता व जेबीसीसीआइ सदस्य लखनलाल महतो का कहना है कि सीपीआरएमएसई-एनई (आर) में कोल इंडिया प्रबंधन एकमुश्त बड़ी राशि दे. ताकि रिटायर कर्मियों की चिकित्सीय सुविधा में किसी तरह का रुकावट पैदा नही हो. वह कहते हैं कि हमलोग चाहते हैं कि जितना कोल अधिकारी का मेडिकल सुविधा (25 लाख तक) उतनी ही सुविधा कोयला मजदूरों को भी मिले.
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