बिहार में भ्रष्ट अफसरों पर एक्शन, एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर गिरी गाज, और कसेगा शिकंजा

Published by : Paritosh Shahi Updated At : 03 Jun 2026 4:28 PM

विज्ञापन

दिलीप जायसवाल

Bihar Revenue Department Action: बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भ्रष्टाचार और गड़बड़ियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तेज कर दी है. विभाग ने अलग-अलग जिलों में तैनात आठ अधिकारियों पर कार्रवाई शुरू की है.

विज्ञापन

Bihar Revenue Department Action: बिहार सरकार ने राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार पर रोक लगाने के लिए सख्त कदम उठाया है. विभाग ने राज्य के विभिन्न जिलों में तैनात आठ सर्किल ऑफिसर और राजस्व अधिकारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर दी है. यह कार्रवाई विभाग की भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति के तहत की गई है.

मंत्री की मंजूरी के बाद शुरू हुई कार्रवाई

राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कई विभागीय फाइलों पर कार्रवाई संबंधी प्रस्तावों को मंजूरी दी है. इसके तहत कुछ अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की गई है, कुछ पर आरोप तय किए गए हैं, कुछ की वेतन वृद्धि रोकने का निर्णय लिया गया है. कई मामलों की जांच के लिए विशेष समितियां भी गठित की गई हैं.

विभाग ने साफ कहा है कि सरकारी जमीन, दाखिल-खारिज, भूमि सुधार और राजस्व प्रशासन से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की लापरवाही या गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

पूर्व डेहरी सीओ पर रिकॉर्ड में गड़बड़ी का आरोप

रिटायर्ड पूर्व डेहरी सर्किल ऑफिसर सीमा रानी पर सरकारी जमीन के रिकॉर्ड में कथित हेरफेर और सरकारी भूमि के अवैध ट्रांसफर पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगा है. उन पर म्यूटेशन अपील के आदेशों को लागू नहीं करने और नियमों के विरुद्ध जाके एक कर्मचारी को लाभ पहुंचाने के आरोप भी लगे हैं. विभाग ने उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू करने का फैसला लिया है.

इटरही सीओ की वेतन वृद्धि रोकी गई

वर्तमान में बक्सर के इटरही सर्किल ऑफिसर और पूर्व औरंगाबाद राजस्व अधिकारी संतोष कुमार प्रीतम के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है. जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद उनकी एक वार्षिक वेतन वृद्धि रोक दी गई है. उन पर गैर-बंदोबस्ती जमीन को रैयती भूमि बताकर म्यूटेशन की अनुशंसा करने का आरोप था.

गोपालगंज के बरौली के पूर्व राजस्व अधिकारी विजय कुमार सिंह के खिलाफ भी आरोप तय कर दिए गए हैं. इसी वर्ष जनवरी में निगरानी विभाग ने उन्हें कथित रूप से रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था. फिलहाल वे निलंबित चल रहे हैं.

बियाडा की जमीन मामले की होगी जांच

पूर्व मोतीपुर सर्किल ऑफिसर रुचि कुमारी पर बिहार औद्योगिक क्षेत्र विकास प्राधिकरण (BIADA) की जमीन का अवैध तरीके से म्यूटेशन करने का आरोप है. मामले की जांच के लिए मुख्यालय स्तर पर दो सदस्यीय समिति बनाई गई है.

बेगूसराय के साहेबपुर कमाल के पूर्व प्रभारी सीओ और वर्तमान में सुपौल में अतिरिक्त जिला भूमि अर्जन पदाधिकारी चंदन कुमार पर बाढ़ राहत मद में 11.47 लाख रुपये की फाइनेंशियल इर्रेगुलैरिटीज का आरोप है. उनके खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है.

कई अन्य अधिकारियों पर भी कार्रवाई

बगहा-1 के सर्किल ऑफिसर उदय शंकर मिश्रा पर बिना फिजिकल वेरिफिकेशन के जमीन रिकॉर्ड में बदलाव कर म्यूटेशन एक्सेप्ट करने का आरोप लगा है. रामगढ़वा के सीओ राजा कुमार पर भ्रष्टाचार, बिचौलियों के माध्यम से रिश्वत लेने और भूमि सुधार से जुड़े मामलों का समय पर निपटारा नहीं करने के आरोप लगे हैं. रामनगर के पूर्व सीओ और वर्तमान में पश्चिम चंपारण भूमि अधिग्रहण कार्यालय में तैनात विनोद कुमार मिश्रा पर भी जमीन रिकॉर्ड में अनियमित बदलाव और गैर-बंदोबस्ती भूमि के मामलों में म्यूटेशन स्वीकृत करने का आरोप है.

बिहार की ताजा खबरों के लिए क्लिक करें

एक सप्ताह में 23 अधिकारियों पर कार्रवाई

राजस्व विभाग ने बीते एक सप्ताह में लगातार तीसरी बड़ी कार्रवाई की है. इससे पहले 27 मई को 14 अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई थी. 1 जून को सासाराम सदर के सर्किल ऑफिसर पर विभागीय कार्रवाई शुरू हुई थी. ताजा कार्रवाई के बाद एक सप्ताह के भीतर कुल 23 अधिकारियों पर कार्रवाई की जा चुकी है.

राजस्व मंत्री डॉ. दिलीप कुमार जायसवाल ने कहा कि सरकारी जमीन की सुरक्षा, पारदर्शी प्रशासन और लोगों को भ्रष्टाचार मुक्त सेवाएं देना सरकार की प्राथमिकता है. विभाग लगातार निगरानी कर रहा है और जहां भी गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी.

इसे भी पढ़ें: नीतीश कुमार की पार्टी ने रचा इतिहास, एक करोड़ पार पहुंची सदस्यों की संख्या

पटना में कोचिंग बवाल के बाद सरकार एक्शन में, नकेल कसने की तैयारी, मिथिलेश तिवारी ने किया ऐलान

विज्ञापन
Paritosh Shahi

लेखक के बारे में

By Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन