मंईयां सम्मान योजना के लाभुक इस नंबर से रहें सतर्क, साइबर हैकर्स की है नजर, प्रशासन ने जारी किया अलर्ट

Updated:
विज्ञापन

झारखंड में मंईयां सम्मान योजना के नाम पर ठगी

Jharkhand Cyber Crime News: बोकारो के पिंड्राजोरा में मंईंया सम्मान योजना के नाम पर मोबाइल नंबर 7024887455 से साइबर ठगी का मामला सामने आया है. बोकारो के चास बीडीओ प्रदीप कुमार ने आधार कार्ड और सत्यापन से जुड़ी किसी तरह की जानकारी न देने की अपील की.

विज्ञापन

बोकारो से ब्रह्मदेव की रिपोर्ट

Jharkhand Cyber Crime News, बोकारो : बोकारो के पिंड्राजोरा क्षेत्र में इन दिनों राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘मंईयां सम्मान योजना’ के नाम पर बड़े पैमाने पर साइबर ठगी का प्रयास किए जाने का मामला सामने आया है. शातिर ठगों द्वारा योजना की लाभार्थी महिलाओं को फोन कर उनके आवेदन या सत्यापन (Verification) में गड़बड़ी होने का झूठा झांसा दिया जा रहा है. ठग बेहद शातिराना अंदाज में स्थानीय प्रखंड कार्यालय (Block Office) के अधिकारियों का नाम लेकर ग्रामीण महिलाओं को भ्रमित कर रहे हैं और उनके आधार कार्ड की गोपनीय जानकारी सहित पैसों की मांग कर रहे हैं. इस नए पैंतरे से क्षेत्र में हड़कंप मच गया है और कई परिवार इस जालसाजी का शिकार होने से बचे हैं.

‘सत्यापन’ के नाम पर मांगा जा रहा है पैसा

मिली जानकारी के अनुसार, रविवार को क्षेत्र की कई महिलाओं के पास 7024887455 नंबर से संदिग्ध कॉल आया. कॉल करने वाले अज्ञात व्यक्ति ने खुद को मंईयां सम्मान योजना से जुड़े संबंधित सरकारी विभाग का अधिकारी बताते हुए महिलाओं से कहा कि आपके खाते और योजना के सत्यापन में बड़ी समस्या आ गई है. ठग ने डराते हुए कहा कि यदि इसका तुरंत समाधान नहीं किया गया, तो योजना की अगली किस्त रोक दी जाएगी. इस गड़बड़ी को ठीक करने के एवज में महिलाओं से उनके आधार कार्ड की पूरी डिटेल मांगी गई और साथ ही मोबाइल फोन के माध्यम से तुरंत कुछ रुपये भेजने का दबाव भी बनाया गया.

Also Read: जमशेदपुर में ब्रेन मलेरिया को लेकर एक्टिव हुआ प्रशासन, DC ने अस्पतालों का जायजा लेकर दिए सख्त निर्देश

चास बीडीओ बोले- ‘पूरी तरह फर्जी हैं ऐसे फोन कॉल’

इस संवेदनशील मामले की जानकारी मिलते ही चास के प्रखंड विकास पदाधिकारी (BDO) प्रदीप कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया है. उन्होंने आधिकारिक बयान जारी करते हुए इसे पूरी तरह फर्जी कॉल और साइबर ठगी का सुनियोजित प्रयास बताया है. बीडीओ ने स्पष्ट किया कि मंईयां सम्मान योजना के सत्यापन, सुधार या किसी भी अन्य प्रशासनिक प्रक्रिया के लिए प्रखंड कार्यालय अथवा सरकार की किसी भी एजेंसी की ओर से कभी भी फोन नहीं किया जाता है. न ही किसी लाभार्थी से आधार कार्ड जैसी गोपनीय जानकारी या रुपयों की मांग की जाती है. सरकारी योजनाएं पूरी तरह पारदर्शी और निःशुल्क हैं.

दस्तावेज या बैंक डिटेल किसी से न करें साझा

बीडीओ प्रदीप कुमार ने क्षेत्र के सभी लाभुकों, महिलाओं एवं आम नागरिकों से पुरजोर अपील करते हुए कहा है कि यदि कोई भी व्यक्ति चास प्रखंड कार्यालय या किसी अन्य सरकारी विभाग का नाम लेकर आपके दस्तावेज, बैंक खाता संबंधी जानकारी, आधार कार्ड, ओटीपी (OTP) या पैसों की मांग करता है, तो उस पर कतई भरोसा न करें. उन्होंने कहा कि सजगता ही साइबर अपराध से बचने का एकमात्र उपाय है. आम लोग ऐसे किसी भी संदिग्ध कॉल आने पर अपनी कोई भी व्यक्तिगत या वित्तीय जानकारी साझा न करें और इसकी सूचना तुरंत स्थानीय पुलिस प्रशासन, प्रखंड कार्यालय या राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर दें, ताकि इन अपराधियों को समय रहते दबोचा जा सके.

Also Read: Lohardaga: 7.40 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो तस्कर गिरफ्तार, नकद और मोबाइल जब्त

विज्ञापन
समीर उरांव

लेखक के बारे में

By समीर उरांव

इंटरनेशनल स्कूल ऑफ बिजनेस एंड मीडिया से बीबीए मीडिया में ग्रेजुएट होने के बाद साल 2019 में भारतीय जनसंचार संस्थान दिल्ली से हिंदी पत्रकारिता में पीजी डिप्लोमा किया. 5 साल से अधिक समय से प्रभात खबर में डिजिटल पत्रकार के रूप में कार्यरत हूं. इससे पहले डेली हंट में बतौर प्रूफ रीडर एसोसिएट के रूप में काम किया. झारखंड के सभी समसामयिक मुद्दे खासकर राजनीति, लाइफ स्टाइल, हेल्थ से जुड़े विषयों पर लिखने और पढ़ने में गहरी रुचि है. तीन साल से अधिक समय से झारखंड डेस्क पर काम कर रहा हूं. फिर लंबे समय तक लाइफ स्टाइल के क्षेत्र में भी काम किया हूं. इसके अलावा स्पोर्ट्स में भी गहरी रुचि है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola