बोकारो थर्मल, राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री रघुवर दास बुधवार को नावाडीह प्रखंड अंतर्गत पेंक नारायणपुर थाना क्षेत्र के कड़रूखुटा पहुंचे. उनके साथ पूर्व नेता प्रतिपक्ष अमर बाउरी, पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय, लक्ष्मण नायक, जयदेव राय, श्रवण सिंह, जिप अध्यक्ष सुनीता देवी भी थे. श्री दास ने आठ मई को हुए दुष्कर्म के प्रयास मामले में गांव की आदिवासी महिला से घटना की जानकारी ली तथा पुलिसिया कार्रवाई से अवगत हुए. महिला ने कहा कि घटना की जानकारी परिजनों को दी तो आक्रोश में युवक की पिटाई की गयी. पुलिस द्वारा उसे हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसकी मौत हो गयी. बाद में पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि अकेली महिला ने साहस का परिचय देकर अपनी आबरू बचायी. इसके बाद हुई घटना आक्रोश का परिणाम है. मारपीट करने वाले गांव के लोगों में मुस्लिम समुदाय के भी लोग थे. लेकिन सूबे के एक मंत्री ने घटना को तूल दिया और घटना को मॉब लिंचिंग बना दिया. घटना मॉब लिंचिंग है या नहीं, इसका फैसला कोर्ट करेगा. मंत्री ने दुष्कर्म का प्रयास करने वाले के परिवार को चार लाख रुपया मुआवजा दिया. एक लाख रुपया सीएम हेमंत सोरेन से और एक लाख रुपया कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा दिये जाने की घोषणा की. मृतक के परिवार को स्वास्थ्य विभाग में आउटसोर्स में नियोजन तथा आवास देने की भी घोषणा की गयी. यह न्यायसंगत नहीं है. पीड़ित आदिवासी महिला को भी मुआवजा मिलना चाहिए था. लेकिन मंत्री व सरकार ने ऐसा नहीं किया. मंत्री ने जब पेंक का दौरा किया तो उन्हें महिला से भी मिलना चाहिए था. सरकार प्रावधान के तहत अविलंब पीड़ित महिला को चार लाख रुपया मुआवजा दे. उक्त महिला के साथ झारखंड के सभी आदिवासी हैं. आदिवासी सीएम के रहते आदिवासियों पर अत्याचार हो रहा है. इन्हें न्याय नहीं मिल रहा है.
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य से प्रत्येक वर्ष 33 हजार बच्चियों का पलायन हो रहा है. इसे सीएम रोक पाने में विफल हैं. सरकार भेदभाव की नीति के तहत कार्य कर रही है. राज्य में भ्रष्टाचारियों की सरकार है. सीओ से लेकर सीएमओ तक के सभी कार्यालय भ्रष्टाचार में आकंठ डूबे हुए हैं. सीएम के करीबी रहे भ्रष्टाचारी आइएएस अधिकारी जेल जा रहे हैं. राज्य में जब-जब कांग्रेस, राजद व झामुमो की सरकार रही है, राज्य शर्मसार हुआ है. मौके पर बेरमो प्रखंड प्रमुख गिरिजा देवी, सीपी सिंह, भैरव महतो, प्राण गोपाल सेन, ईश्वर चंद्र प्रजापति, महादेव राम, सीमा देवी, हरेराम यादव, विक्की साव, मिथिलेश शर्मा, प्रफुल्ल ठाकुर सहित अन्य लोग मौजूद थे.मारपीट की शिकार आदिवासी महिलाओं से भी मिले
ललपनिया. पूर्व मुख्यमंत्री रघुवीर दास ललपनिया भी पहुंचे और लुगुबुरू घांटा बाड़ी धोरोमगाढ़ में मत्था टेका. इसके बाद अइयर गांव पहुंचे. यहां आठ मई को भूमि विवाद में आदिवासी महिलाओं के साथ कुछ लोगों द्वारा की गयी मारपीट की घटना की जानकारी ली. पड़ित महिलाओं के परिवारों से कहा कि उपायुक्त से मिले. अगर वहां कोई नहीं सुनता है तो घेराव करें. हम सभी साथ खड़े हैं. इससे पूर्व होसिर में भाजपा ओबीसी मोर्चा के राष्ट्रीय सदस्य देवनारायण प्रजापति के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

