प्रधानाचार्यों की बैठक में नैतिक व आध्यात्मिक शिक्षा पर जोर

Updated at : 27 Apr 2024 9:46 PM (IST)
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प्रधानाचार्यों की बैठक में नैतिक व आध्यात्मिक शिक्षा पर जोर

अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में शनिवार को नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के लिए कस्तूरबा संकुल के छह विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों की बैठक हुई

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फुसरो. अनपति देवी सरस्वती शिशु विद्या मंदिर फुसरो में शनिवार को नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा के लिए कस्तूरबा संकुल के छह विद्यालयाें के प्रधानाचार्यों की बैठक हुई. शुभारंभ उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी, प्रधानाचार्य पंकज कुमार मिश्रा, आचार्या भगवंती नोनिया, आचार्य दिवाकर पांडेय एवं अभिभावकों ने भारत माता के चित्र पर दीप प्रज्वलित व पुष्प अर्पित कर किया. यहां अभिभावकों ने अपने-अपने विचार रखे. अभिभावकों ने गोष्ठी की सराहना की. जिसमें इस सत्र में नैतिक एवं आध्यात्मिक शिक्षा को स्कूल में किस प्रकार क्रियान्वित किया जाये, यह योजना बनायी गयी. ढोरी विद्या मंदिर के प्रधानाचार्य परमानंद सिंह ने कहा कि जीवन में बिना कहे करने की आदत डालने से जीवन में सफलता बहुत जल्दी मिलती है. विद्यालय की आचार्या भगवंती नोनिया ने कहा कि अभिभावकों के व्यस्त जीवन में कुछ समय निकाल कर बच्चों के साथ बिताने की कोशिश करनी चाहिए. कार्यक्रम में कक्षा अष्टम से दशम तक के लगभग 80 अभिभावकों ने भाग लिया. उपाध्यक्ष रामनरेश द्विवेदी ने सभी अभिभावकों से अपील की कि इस समय बच्चों में ट्यूशन को लेकर अजीब सा होड़ मची है. इस पर रोक लगाने की आवश्कता है. मौके पर गणेश कुमार पाल, मंटू गिरी, प्रदीप कुमार, झरना चटर्जी आदि मौजूद थे.

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