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Bokaro News : करगली अस्पताल की इमरजेंसी सेवा होगी शिफ्ट

Updated at : 15 Apr 2025 12:06 AM (IST)
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Bokaro News : करगली अस्पताल की इमरजेंसी सेवा होगी शिफ्ट

Bokaro News : सीसीएल अंतर्गत बीएंडके एरिया के करगली रीजनल अस्पताल की इमरजेंसी सेवा बगल के सेंट्रल हॉस्पिटल ढोरी में अस्थायी रूप से शिफ्ट होगी.

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राकेश वर्मा, बेरमो : सीसीएल अंतर्गत बीएंडके एरिया के करगली रीजनल अस्पताल की इमरजेंसी सेवा बगल के सेंट्रल हॉस्पिटल ढोरी में अस्थायी रूप से शिफ्ट होगी. इस संबंध में सीसीएल के सीएमएस डॉ रतनेश जैन ने 10 अप्रैल को ऑफिस आर्डर जारी किया है. 15 अप्रैल से इमरजेंसी सेवा केंद्रीय अस्पताल ढोरी में उपलब्ध होगी. करगली रीजनल अस्पताल के एरिया मेडिकल ऑफिसर केंद्रीय अस्पताल ढोरी के चीफ मेडिकल ऑफिसर के साथ इमरजेंसी सेवा के तहत स्टाफ, इक्यूपमेंट व अन्य रिसोर्स को लेकर को-ऑर्डिनेट करेंगे. पूरी शिफ्टिंग की रिपोर्ट 20 अप्रैल तक प्रस्तुत करने को कहा गया है. करगली रीजनल अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बंद हो जाने के बाद अब ट्रामा, हार्ट अटैक, सर्जरी, मेडिसिन सहित कई तरह की इमरजेंसी सेवा का लाभ बीएंडके एरिया के कोल कर्मियों तथा गैर कोल कर्मियों को नहीं मिल पायेगा. अब यह सारी इमरजेंसी सेवा के लिए ढोरी सेंट्रल हॉस्पीटल जाना पड़ेगा. पूर्व में

बंद हो चुका है बोकारो कोलियरी का गांधीनगर अस्पताल

मालूम हो कि सात-आठ साल पहले बीएंडके एरिया की बोकारो कोलियरी में छह दशक पुराना गांधीनगर अस्पताल को बंद कर यहां खासमहल से कृष्णा सुदर्शन सेंट्रल स्कूल को शिफ्ट कर दिया गया था. जबकि गांधीनगर अस्पताल की जगह बोकारो कोलियरी ऑफिस के निकट एक डिस्पेंसरी खोल दी गयी. फिलहाल यहां दो चिकित्सक पदस्थापित हैं. इसके अलावा एरिया अंतर्गत जवाहरनगर डिस्पेंसरी है, जहां एक भी चिकित्सक नहीं है. करगली रीजनल अस्पताल के ही चिकित्सक वहां बैठते हैं. खासमहल डिस्पेंसरी को बंद कर दिया गया.

करोड़ों रुपये के मुनाफे में है एरिया, पर अस्पताल में सुविधाएं घटीं

बीएंडके एरिया कोयला उत्पादन में पूरे सीसीएल में चौथा स्थान रखता है. चालू वित्तीय वर्ष में एरिया का उत्पादन लक्ष्य 10.5 मिलियन टन है. एरिया करोड़ों रुपये के मुनाफे में चल रहा है. लेकिन एक-एक कर यहां के अस्पतालों को डिस्पेंसरी बना दिया जा रहा है और डिस्पेंसरी बंद हो रही है. करगली रीजनल अस्पताल पर एरिया की 50 हजार से ज्यादा की आबादी चिकित्सा सेवा के लिए निर्भर है, लेकिन अब यहां न तो एक्सरे व इसीजी हो रहा है और न ही अब इमरजेंसी सेवा का लाभ मिलेगा. इस एरिया में कोल कर्मियों की संख्या दो हजार से ज्यादा है.

मात्र तीन चिकित्सकों के भरोसे चल रहा रीजनल अस्पताल

फिलहाल करगली रीजनल अस्पताल मात्र तीन चिकित्सक के भरोसे चल रहा है. इसमें एरिया मेडिकल ऑफिसर डॉ संतोष कुमार, डॉ ए ए कुजूर और डॉ मुकेश रामू दास हैं. डॉ संतोष 31 अक्टूबर 2025 को सेवानिवृत्त हो जायेंगे. अस्पताल के तीन चिकित्सक पीजी की पढ़ाई करने के लिए स्टडी लीव पर चले गये हैं. इसमें डॉ रश्मि राशि नालंदा मेडिकल कॉलेज एमडी एनसथेसिया की पढ़ाई करने, डॉ प्रिया रानी जयपुर एमडी की पढ़ाई करने तथा डॉ इंद्र भूषण सिंह बीसीसीएल में पीजी (डीएनबी) की पढ़ाई करने गये हैं. संभवत: चिकित्सकों की कमी को देखते हुए इस अस्पताल में इमरजेंसी सेवा बंद करने का निर्णय लिया गया है. एनसीडीसी के समय से संचालित यह अस्पताल 50 बेड का है. यहां एक बडा ऑपरेशन थियेटर है. ऑर्थो का ओटी है. एक्स-रे विभाग में एक कर्मी है, जिन्हें ट्रेंड किया जा रहा है. इसीजी में एक केटेगेरी वन मजदूर को ट्रेंड किया जा रहा है. लेब्रोरेट्री में तीन टेक्निशियल हैं. इस अस्पताल के अधीन चार एबुलेंस है, जिसमें से दो अस्पताल के लिए तथा दो माइंस के लिए हैं.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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JANAK SINGH CHOUDHARY

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