ग्रामीण उन्नत स्वच्छता में चंद्रपुरा नंबर वन, चास फिसड्डी

Author C p singh|Edited by Pradip Kumar Mahto
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ग्रामीण उन्नत स्वच्छता में चंद्रपुरा नंबर एक, चास फिसड्डी

बोकारो के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता को लेकर चंद्रपुरा प्रखंड अव्वल है, जबकि चास प्रखंड का प्रदर्शन सबसे खराब रहा है। जानें पूरी रिपोर्ट।

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संवाददाता, बोकारो: जिला के ग्रामीण क्षेत्रों का स्वच्छता के मामले में प्रदर्शन अच्छा है. जिला में 691 गांव हैं. इनमें से 670 गांव ओडीएफ प्लस घोषित हुए हैं. लेकिन ओडीएफ प्लस मॉडल के मामले में जिला के गांवों का प्रदर्शन औसत है. इस पैमाने में 217 गांवों ने उपस्थिति दर्ज की है. इनमें से फर्स्ट वेरिफिकेशन में 47 गांव पास हुए हैं. वहीं सेकेंड वेरिफिकेशन में दो गांवों को मंजूरी मिली है.ओडीएफ प्लस मॉडल मामले में जिला का चंद्रपुरा प्रखंड का प्रदर्शन सबसे अच्छा है, जबकि चास प्रखंड का प्रदर्शन सबसे खराब है. चंद्रपुरा में 31 गांव हैं, इनमें से 14 ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित हुए हैं. इनमें से नौ गांव वेरिफाइड हुए व पहले वेरिफिकेशन में भी नौ गांवों को जगह मिली है. चास प्रखंड में 138 गांव हैं. इनमें से 18 ओडीएफ प्लस मॉडल घोषित किये गये हैं. इनमें से एक गांव भी वेरिफाइड नहीं है.

2026-27 में गति है सुस्त जिला के 691 गांवों मे से 670 ओडीएफ प्लस घोषित किये गये हैं. यह आंकड़ा वित्तीय वर्ष 2025-26 में भी इतना ही था. चालू वित्तीय वर्ष 2026-27 में एक भी गांव ओडीएफ प्लस नहीं बना. दूसरी तरफ ओडीएफ प्लस मॉडल गांव की बात करें तो चालू वित्तीय वर्ष में 213 गांव इस श्रृंखला में हैं. जबकि, 2025-26 में यह आंकड़ा 211 था. यानी तीन माह में मात्र दो गांव ही इस चरण में कदम बढ़ा पाये हैं. अपशिष्ट प्रबंधन में भी आंकड़ा 670 गांवों से आगे नहीं बढ़ पाया है. ड्रेनेज फैसिलिटी का आंकड़ा 934 से बढ़ कर 935 हो पाया है. प्रखंड

प्रखंड (Block)कुल गांवओडीएफ मॉडल घोषित गांववैरिफाइडफर्स्ट वेरिफिकेशन
चंद्रपुरा311499-
पेटरवार6427129-
कसमार662193-
बेरमो211555-
नावाडीह7432108-
जरीडीह431544-
गोमिया1313697-
चंदनकियारी1233522-
चास1381800

ओडीएफ प्लस मॉडल सबसे उन्नत व परिपक्व चरण है. इसमें गांव ओडीएफ स्थिति बनाये रखने के साथ-साथ ठोस व तरल कचरा प्रबंधन का पूर्ण पालन करना होता है. इसके अतिरिक्त, यहां दृश्य स्वच्छता मसलन, पानी का जमाव न होना, खुले में कचरा व प्लास्टिक का ढेर न होना होना जरूरी है. सार्वजनिक स्थानों पर स्वच्छता संदेश प्रदर्शित होने चाहिए. इसके कारण ओडीएफ प्लस मॉडल गांव बनने में समय लगता है.

राम प्रवेश राम, कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता प्रमंडल (चास)


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