Bokaro News : सीसीएल चलाती थी आधा दर्जन स्कूली बसें, अब एक भी नहीं

Published at :08 Feb 2025 10:34 PM (IST)
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Bokaro News : सीसीएल चलाती थी आधा दर्जन स्कूली बसें, अब एक भी नहीं

Bokaro News : राजकीयकृत रामबिलास 10 प्लस टू इंटरमीडिएट रोजगारोन्मुखी विद्यालय की छात्राओं के लिए सीसीएल द्वारा आधा दर्जन स्कूली बसें चलायी जाती थी. लेकिन वर्ष 2015 के पहले सीसीएल ने यह सुविधा पूरी तरह बंद कर दी.

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राकेश वर्मा, बेरमो : राजकीयकृत रामबिलास 10 प्लस टू इंटरमीडिएट रोजगारोन्मुखी विद्यालय पूरे बेरमो प्रखंड में एकमात्र सरकारी विद्यालय है, जहां प्लस टू (इंटर) तक की पढ़ाई की सुविधा है. यहां दूर-दराज से छात्र-छात्राएं पढ़ाई करने आते हैं. फिलहाल छात्र-छात्राओं की संख्या लगभग डेढ़ हजार है. कभी इस विद्यालय की छात्राओं के लिए सीसीएल द्वारा आधा दर्जन स्कूली बसें चलायी जाती थी. लेकिन वर्ष 2015 के पहले सीसीएल ने ये सुविधा पूरी तरह बंद कर दी. कुछ दिनों तक सीसीएल की एक बस फुसरो स्थित भरत सिंह पब्लिक स्कूल के बच्चों के लिए चलायी जाती थी, उससे फुसरो, मकोली आदि से इस विद्यालय के इंटर के छात्र-छात्राओं को भी आवागमन की सुविधा मिलती थी. लेकिन धीरे-धीरे इस बस की सुविधा भी बंद कर दी गयी. फिलहाल विद्यालय की सैकड़ों छात्राएं रोजाना 10 किमी तक की दूरी तय कर आती हैं. वहीं कुछ छात्राएं ऑटो से तो कुछ परिजन के साथ दोपहिया वाहन से स्कूल आना-जाना करती हैं. सैकडों छात्राएं करगली-जरीडीह मुख्य मार्ग से होकर पैदल आवागमन करती है तो कई फुसरो-बरकाकाना रेल मार्ग के किनारे-किनारे होकर आना-जाना करती हैं. इस विद्यालय में बेरमो के जरीडीह बाजार, संडे बाजार, कुरपनिया, खासमहल, गांधीनगर, चलकरी, बेरमो सीम, जवाहरनगर, रामनगर, सुभाषनगर, मकोली, सिंह नगरी फुसरो आदि से विद्यार्थी आते हैं.

सीसीएल द्वारा प्रदत्त सभी स्कूल बसों का परिचालन बंद हो जाने के बाद एक बार पूर्व प्राचार्य बिनोद सिंह के नेतृत्व में शिक्षकों का प्रतिनिधिमंडल सीसीएल के तत्कालीन महाप्रबंधक से मिला था और बसों का परिचालन शुरू कराने का आग्रह किया था. महाप्रबंधक ने आश्वासन भी दिया था, लेकिन आज तक वह पूरा नहीं हुआ. शिक्षकों के अनुसार गिरिडीह के पूर्व सांसद रवींद्र कुमार पांडेय ने अपने संसदीय कार्यकाल में इस विद्यालय को एक स्कूल बस दी थी. कुछ साल तक इसका परिचालन सुचारू रूप से होता रहा. लेकिन रखरखाव के अभाव में वर्ष 2020 से बस का परिचालन बंद हो गया. फिलहाल यह बस स्कूल के गैराज में खड़ी है. जरीडीह बाजार की कई छात्राओं ने कहा कि अब तो पैदल ही स्कूल आना और जाना पड़ता है. कई बार समय पर स्कूल नहीं पहुंच पाते हैं. मुख्य सड़क से होकर पैदल चलने के दौरान दुर्घटना का भय बना रहता है.

इन रूटों पर होता था बसों का परिचालन

संडेबाजार, जरीडीह बाजार, कुरपनिया, गांधीनगर मार्ग : दो बसेंसुभाषनगर, रामनगर, जवाहरनगर मार्ग : एक बस

चलकरी मार्ग : एक बसमकोली-फुसरो मार्ग : दो बसें

कई विद्यालयों के लिए हायरिंग में चलती हैं 09 बसें

जानकारी के अनुसार सीसीएल बीएंडके एरिया में फिलहाल हायरिंग पर विभिन्न स्कूल व कॉलेज के लिए करीब नौ बसों का रोजाना परिचालन होता है. झब्बू सिंह महिला कॉलेज, कार्मल स्कूल करगली, संत अन्ना विद्यालय कुरपनिया, कृष्णा सुदर्शन सेंट्रल स्कूल गांधीनगर, पिट्स माॅडर्न स्कूल गोमिया, डीएवी स्वांग, केंद्रीय विद्यालय बोकारो थर्मल, भरत सिंह पब्लिक स्कूल फुसरो के लिए इन बसों का परिचालन होता है. इसमें बीएंडके एरिया अंतर्गत एकेके परियोजना से दो, बोकारो कोलियरी से चार तथा करगली कोलियरी से तीन बसों का संचालन किया जाता है.

विभिन्न स्कूल व कॉलेजों के लिए कई बसों का परिचालन होता है. रामबिलास उवि की छात्राओं के लिए बस जाती है या नहीं, फाइल देखने के बाद ही कह सकते है.

अमरेश कुमार, डिप्टी मैनेजर (इएंडएम), सीसीएल बीएंडके एरियाहर तीन माह पर वेलफेयर कमेटी की बैठक होनी चाहिए, लेकिन डेढ़ साल से बैठक नहीं हुई है. पूर्व की बैठक में बसों का परिचालन विभिन्न स्कूलों के लिए समान रूप से नहीं होने का मामला उठाया गया था. कई बसों का कागजात सही नहीं है, इसकी भी जांच होनी चाहिए.

सुजीत कुमार घोष, सदस्य, बीएंडके एरिया वेलफेयर कमेटी

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