Bokaro News : जब-जब धर्म की हानि होती है, प्रभु अवतार लेते हैं : राजन जी महाराज
Updated at : 29 Mar 2025 10:16 PM (IST)
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Bokaro News : सेक्टर चार मजदूर मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा का तीसरा दिन, प्रभु राम के जन्मोत्सव पर चर्चा, कथा सुनने के लिए उमड़ रही श्रद्धालुओं की भीड़
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बोकारो, जब-जब धर्म की हानि होती है. सज्जनों पर दुर्जन की ओर से अपराध बढ़ता है, गौ-माता व प्रकृति पर अत्याचार होता है, तब-तब प्रभु अवतार लेकर सज्जनों की पीड़ा हरते हैं. ये बातें राजन जी महाराज ने कही. सेक्टर चार स्थित मजदूर मैदान में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के तीसरे दिन शनिवार को राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम जन्मोत्सव की चर्चा की.
कथावाचक राजन जी महाराज ने कहा कि माता पार्वती ने पिछले जन्म यानी सती जन्म के संशय को मिटाने के लिए महादेव से प्रभु महिमा के बारे में पूछा. महादेव ने माता पार्वती के संशय को संवाद स्वरूप में लिया और उनके हर सवाल का जवाब दिया. महादेव कहते हैं कि एक गंगा मेरे जटा में है, जो तट पर रहने वाले लोगों का उद्धार करता है. एक गंगा मुख से राम महिमा कथा के रूप में निकलेगी, जिससे पुरी दुनिया का कल्याण होगा. माता पार्वती को राम महिमा कथा सुनाने के पहले उनका धन्यवाद किया, कारण यह कि माता पार्वती के कारण राम महिमा कथा को कालांतर में आमलोग भी सुनकर मुक्त होंगे.गरगा समेत नदियों को गंदा करना पाप
कथावाचक राजन जी ने कहा कि भगवान ने प्रकृति ब्रह्मांड बनाया है. प्रकृति के अनुकूल रहने वाले सज्जन पुरुष पर ही प्रभु कृपा होती है. लेकिन, प्रकृति को गंदा करने वाले पर भगवान नाराज होते हैं. बोकारो की गरगा नदी गंदी है. इसे साफ रखने की जिम्मेदारी सभी की है. जैसे घर को साफ रखते हैं, उसी तरह नगर-समाज व नदी धरोहर को साफ रखें, यही भगवान की सेवा है.भगवान को जानने के लिए मानने का भाव हो
राजन जी महाराज ने कहा कि प्रभु भजन का यह मतलब नहीं होता है कि दिन-रात मंदिर में ही बैठे रहें. बल्कि प्रभु भजन का मतलब होता है कि सांसारिक जीवन को जीते हुए मन मंदिर में प्रभु को बसायें. कई लोग प्रभु को जानने की कोशिश करते हैं, तरह-तरह के तर्क करते हैं, लेकिन भगवान को जानने के लिए मानने का भाव होना चाहिए. प्रभु को मानने का भाव जागते ही, प्रभु को जाना जा सकता है.मुझे कौन पूछता था तेरी बंदगी से पहले…
राजन जी महाराज ने राम कथा वाचन के दौरान प्रभु चरण में अनेकों भाव गीत प्रस्तुत किये. मुझे कौन पूछता था, तेरी बंदगी से पहले, दुनिया में सुंदर-सुंदर फूल खिलाने वाला कौन है-सबकुछ करता फिर भी मौन है, राजाजी खजनवा देद-रानी जी गहनवा दे द, बड़ा निक लागे राघव जी के गउवां आदि गीत से प्रभु चरण में उपस्थिति दर्ज की. भक्ति के इस रस में श्रद्धालुओं ने जमकर गोता लगाया. बीच-बीच में जय श्री राम व हर-हर महादेव के उद्घोष से वातावरण उत्साहित हो रहा था.आज होगा बाल लीला कथा का वाचन
श्रीराम कथा आयोजन समिति बीरेंद्र कुमार चौबे ने बताया कि 30 अप्रैल को बाल लीला कथा का वाचन होगा. शनिवार को प्रभु जन्मोत्सव को लेकर पंडाल को बैलून, प्राकृतिक सौंदर्य फूल व अन्य साधनों से सजाया गया था. कथा श्रवण के लिए बोकारो व चास समेत जिला से लोग आ रहे हैं. लगभग 30 हजार लोगों की उपस्थिति हुई.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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