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Bokaro News: गोदाम भरे, मिल से उठाव ठप, पैक्सों का चक्कर काट रहे किसान

Updated at : 03 Feb 2026 10:52 PM (IST)
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Bokaro News: गोदाम भरे, मिल से उठाव ठप, पैक्सों का चक्कर काट रहे किसान

Bokaro News: कसमार प्रखंड सहित पूरे जिले में धान खरीद व्यवस्था गंभीर संकट से जूझ रही है, किसानों में नाराजगी व निराशा.

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कसमार, कसमार प्रखंड सहित पूरे बोकारो जिले में धान खरीद व्यवस्था इन दिनों गंभीर संकट से जूझ रही है. विभिन्न पैक्स (प्राथमिक कृषि साख समितियों) के गोदाम पूरी तरह भर जाने से किसानों से धान की खरीद लगभग बंद हो चुकी है. हालत यह है कि किसान रोजाना धान लेकर क्रय केंद्रों तक पहुंच रहे हैं, लेकिन जगह नहीं होने की बात कहकर उन्हें लौटाया जा रहा है. इससे किसानों में भारी नाराजगी व निराशा देखी जा रही है.

पैक्स संचालकों के अनुसार एक महीने में बड़ी मात्रा में धान की खरीद तो हुई, लेकिन उसका उठाव संबंधित राइस मिलों द्वारा नहीं किये जाने से गोदाम खाली नहीं हो पा रहे हैं. खासकर पनास राइस मिल, रामगढ़ द्वारा धान उठाव नहीं किये जाने को लेकर अधिकांश पैक्स संचालक परेशान हैं. हिसीम पैक्स के संचालक लालदेव महतो ने बताया कि उनके गोदाम में करीब 7000 क्विंटल धान जमा हो चुका है. कई बार मिल प्रबंधन से संपर्क करने के बावजूद कोई सकारात्मक पहल नहीं हो रही है. उन्होंने कहा कि 15 दिसंबर से खरीद शुरू हुई थी, लेकिन अब तक मात्र पांच ट्रक यानी लगभग 1200 क्विंटल धान का ही उठाव किया गया है, जबकि उन्हें 10000 क्विंटल तक धान खरीद का लक्ष्य मिला था. यह भी चिंता जताई कि गोदामों में लंबे समय तक धान पड़े रहने से उसके खराब होने का खतरा बना हुआ है. इसके अलावा जंगली हाथियों के कारण नुकसान की आशंका भी बनी रहती है. यही स्थिति हरनाद, बगदा समेत अन्य पैक्सों की भी बताई जा रही है. पैक्स संचालकों ने बताया कि उनके गोदाम में लगभग चार हजार क्विंटल धान भरा पड़ा है. मिल से उठाव नहीं होने के कारण ऑनलाइन प्रक्रिया भी पूरी नहीं हो पा रही है, क्योंकि नियम के अनुसार उठाव के बाद ही खरीद का डेटा ऑनलाइन दर्ज किया जाता है.

किसान मायूस

धान बिक्री के लिए परेशान किसान लगातार पैक्सों का चक्कर काट रहे हैं. किसान संतोष महतो, खगेंद्र महतो, छत्रु महतो और बबलू महतो ने बताया कि कई दिनों से वे धान लेकर केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन हर बार जगह नहीं होने का हवाला देकर लौटा दिया जा रहा है. किसानों का कहना है कि उन्हें खेती में भारी लागत लगी है और सरकारी दर पर धान बेचकर ही वे कर्ज चुकाने की उम्मीद कर रहे थे, लेकिन अब हालात ने उन्हें संकट में डाल दिया है.

बिचौलियों की चांदी

सरकारी खरीद व्यवस्था ठप पड़ने का सबसे बड़ा फायदा बिचौलिये उठा रहे हैं. गांव-गांव घूमकर ये लोग किसानों को बहलाकर औने-पौने दाम पर धान खरीद रहे हैं. कई किसान मजबूरी में समर्थन मूल्य से काफी कम कीमत पर धान बेचने को विवश हो रहे हैं. किसानों का कहना है कि यदि समय पर पैक्सों में खरीद चालू रहती, तो उन्हें निजी व्यापारियों के सामने झुकना नहीं पड़ता. स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि राइस मिलों द्वारा जल्द से जल्द धान उठाव की व्यवस्था कराई जाए, ताकि गोदाम खाली हों और किसानों को राहत मिल सके.

मामला संज्ञान में, आज होगी बैठक

बोकारो के जिला सहकारिता पदाधिकारी ऋतुराज कुमार प्रसाद ने बताया कि पैक्स गोदामों में जगह की कमी की समस्या संज्ञान में है. उन्होंने कहा कि बुधवार को जिला आपूर्ति पदाधिकारी की अध्यक्षता में पैक्स संचालकों की बैठक बुलायी गयी है, जिसमें धान उठाव और अतिरिक्त भंडारण की व्यवस्था पर विस्तृत चर्चा होगी. उन्होंने बताया कि जिन क्षेत्रों में सरकारी भवन खाली पड़े हैं, उन्हें अस्थायी भंडारण केंद्र के रूप में उपयोग में लाने पर विचार किया जा रहा है, ताकि किसानों से धान की खरीद दोबारा सुचारू रूप से शुरू की जा सके. इस बार अच्छी फसल हुई है और किसान धान बेचने को लेकर उत्साहित हैं.

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ANAND KUMAR UPADHYAY

लेखक के बारे में

By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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