Bokaro News : बीएसएल में एक वर्ष में जल की कुल खपत में आयी कमी

Updated at : 07 Jan 2026 10:51 PM (IST)
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Bokaro News : बीएसएल में एक वर्ष में जल की कुल खपत में आयी कमी

Bokaro News : जल संरक्षण व पुनर्चक्रण में ऐतिहासिक उपलब्धि, दिसंबर-24 में जल खपत 99,86,400 घन मीटर से दिसंबर-25 में घट 72,81,600 घन मीटर हो गयी, मासिक जल दोहन में लगभग 27 प्रतिशत व ताजे जल की शुद्ध लागत में 55 प्रतिशत की गिरावट.

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बोकारो, बोकारो इस्पात संयंत्र ने जल संरक्षण व पुनर्चक्रण के क्षेत्र में उल्लेखनीय उपलब्धि दर्ज करते हुए संसाधन प्रबंधन की दिशा में एक नया मानक स्थापित किया है. जल प्रबंधन विभाग (डब्ल्यूएमडी) की ओर से निरंतर, सुनियोजित व प्रणालीगत पहलों के परिणामस्वरूप बीते एक वर्ष के दौरान ना केवल जल की कुल खपत में उल्लेखनीय कमी आयी, बल्कि ताजे जल की शुद्ध लागत में भी ऐतिहासिक गिरावट दर्ज की गयी है.

पिछले एक वर्ष के आंकड़ों के अनुसार दिसंबर 2024 में जहां कुल जल खपत 99,86,400 घन मीटर थी, वहीं दिसंबर 2025 में यह घटकर 72,81,600 घन मीटर रह गयी. यह मासिक जल दोहन में लगभग 27 प्रतिशत की प्रभावशाली कमी को दर्शाता है. उल्लेखनीय है कि इस अवधि में जल दरों में वृद्धि के बावजूद बीएसएल ने ताजे जल की शुद्ध लागत में लगभग 55 प्रतिशत की कमी हासिल की है.

जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणालियों में किये गये क्रमिक सुधार

बीएसएल की यह उपलब्धि प्रबंधन की ओर से अपनाये गये सुविचारित व चरणबद्ध उपायों का प्रतिफल है. प्रमुख पहलों के अंतर्गत जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रणालियों में क्रमिक सुधार किये गये, जिससे अपशिष्ट जल के संग्रहण, उपचार एवं पुनः उपयोग की क्षमता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई. आंतरिक जल पुनः उपयोग को अधिकतम करते हुए ताजे जल की खपत को न्यूनतम करने की दिशा में प्रभावी कदम उठाये गये.

प्रतिस्थापन व पुनर्वास से दीर्घकालिक रिसाव व अनियंत्रित जल हानि पर नियंत्रण

बीएसएल प्रबंधन की ओर से प्रमुख जल टनलों व वितरण नेटवर्क में पुरानी व क्षतिग्रस्त पाइपलाइनों के प्रतिस्थापन व पुनर्वास से दीर्घकालिक रिसाव व अनियंत्रित जल हानि पर प्रभावी नियंत्रण संभव हो सका. स्लज कम्पार्टमेंट्स, क्लेरिफायर व जलाशयों से बड़े पैमाने पर गाद व स्लज की सफाई कर उनकी जल वहन क्षमता को पुनर्स्थापित किया गया. इससे बीएसएल में जल की खपत में कमी आयी है.

सतत निगरानी व्यवस्था, मीटरिंग के युक्तिकरण व उपयोगिताओं में संचालनात्मक

पीएच मान, टोटल सस्पेंडेड सॉलिड (टीएसएस) व स्लज निष्कासन पर बेहतर प्रक्रिया नियंत्रण के माध्यम से पुनः उपयोग के लिए उपचारित जल की गुणवत्ता भी सुनिश्चित की गई. साथ हीं, सतत निगरानी व्यवस्था, मीटरिंग के युक्तिकरण व उपयोगिताओं में संचालनात्मक अनुशासन को सुदृढ़ बनाकर इन पहलों की प्रभावशीलता को व मजबूती प्रदान की गई. इससे बीएसएल में जल संरक्षण को बढ़ावा मिला.

ताजे जल स्रोतों पर निर्भरता कम करने की पहल

जल संरक्षण के समग्र प्रयासों के परिणामस्वरूप जहां एक ओर बीएसएल को उल्लेखनीय वित्तीय बचत हुई, वहीं दूसरी ओर पर्यावरणीय दायित्वों, नियामक अनुपालन व सतत विकास के प्रति बोकारो स्टील की प्रतिबद्धता व सशक्त हुई है. विशेष रूप से जीरो लिक्विड डिस्चार्ज प्रथाओं को सुदृढ़ करने व ताजे जल स्रोतों पर निर्भरता को कम करने की दिशा में यह उपलब्धि एक महत्वपूर्ण कदम सिद्ध हुई है.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

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ANAND KUMAR UPADHYAY

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