Bokaro News : सामुदायिक सहभागिता से ही मिलेगी सफलता : डीसी
Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 19 Jun 2025 11:07 PM
Bokaro News : स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के तहत जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित, सर्वेक्षण के लक्ष्य, उद्देश्य व मूल्यांकन पद्धति पर विस्तार से हुई चर्चा.
बोकारो, स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण-2025 के सफल संचालन व जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को समाहरणालय स्थित सभागार में पेयजल एवं स्वच्छता विभाग के तत्वावधान में जिला स्तर पर कार्यशाला का आयोजन हुआ. अध्यक्षता उपायुक्त अजय नाथ झा ने की. उपायुक्त ने कहा कि स्वच्छता का सर्वेक्षण सिर्फ एक आंकड़ा नहीं, बल्कि गांव-समाज के आत्मसम्मान और जीवन स्तर से जुड़ा है. सामुदायिक सहभागिता के बिना यह लक्ष्य अधूरा रहेगा. सभी लोग मिलकर इसे जन आंदोलन बनायें
कार्यपालक अभियंता, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग-चास प्रमंडल राम प्रवेश राम ने स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण के लक्ष्य, उद्देश्य और मूल्यांकन के घटकों पर जानकारी दी. कार्यपालक अभियंता ने कहा कि सर्वेक्षण का उद्देश्य ग्रामीण स्वच्छता को प्रोत्साहित करना और जनसहभागिता के माध्यम से ठोस सुधार लाना है. इस बार का सर्वेक्षण देश में 761 जिला, 21,000 गांव, 3.36 लाख परिवार व 1.05 लाख सार्वजनिक स्थल में किया जाएगा.मिशन मोड में करें कार्य
उपायुक्त ने स्पष्ट निर्देश दिया कि सभी जिला स्तरीय पदाधिकारी स्वच्छ सर्वेक्षण ग्रामीण को मिशन मोड में लें और बेहतर रैंकिंग के लिए कार्य करें. उन्होंने सभी बीडीओ को प्रखंड स्तर पर कार्यशाला आयोजित करने, डीपीएम जेएसएलपीएस की एसएचजी से सहयोग लेने, मुखिया, जलसहिया, शिक्षक, आंगनबाड़ी कर्मी, पंचायत प्रतिनिधि को सक्रिय रूप से जोड़ने, प्रचार-प्रसार, जागरूकता व सहभागिता को अभियान के रूप में चलाने का निर्देश दिया.सर्वेक्षण में जिलों को 1000 अंकों के आधार पर किया जाएगा मूल्यांकन
कार्यपालक अभियंता पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बताया कि मूल्यांकन के प्रमुख घटक कुल 1000 अंक का सर्वेक्षण है. सर्वेक्षण में जिलों को 1000 अंकों के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा, जिनमें सेवा स्तर की प्रगति – 240 अंक, सीधा अवलोकन (फील्ड सर्वे) – 540 अंक, सुविधा आधारित प्लांट (गोबर गैस, कचरा प्रबंधन इकाई) -120 अंक, नागरिक प्रतिक्रिया-100 अंक शामिल है. यह सर्वेक्षण जल शक्ति मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा नामित स्वतंत्र एजेंसी एकेडमी ऑफ मैनेजमेंट स्ट्डीज की ओर से किया जाएगा.वहीं, स्वच्छता मूल्यांकन के मुख्य बिंदु ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, सामुदायिक व व्यक्तिगत शौचालयों का उपयोग, आंगनबाड़ी-स्कूल और पंचायत भवन में स्वच्छता की स्थिति, प्लास्टिक कचरे का निष्पादन, स्थायी स्वच्छता व्यवस्थाओं की निरंतरता आदि सर्वेक्षण में अवलोकन किया जाएगा. मौके पर सर्वेक्षण से संबंधित विभाग के प्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे.
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