Bokaro News: स्कूल में बिजली का कनेक्शन नहीं, खिड़की खोल ली जाती है क्लास

Published at :10 Feb 2025 11:10 PM (IST)
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Bokaro News: स्कूल में बिजली का कनेक्शन नहीं, खिड़की खोल ली जाती है क्लास

Bokaro News: राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन सेक्टर 12 का हाल, गर्मी व बरसात में बच्चे को होती है बहुत परेशानी

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बोकारो, विद्यालयों में गुणवत्ता युक्त शिक्षा देने के लिए नयी-नयी तकनीक का इस्तेमाल किया जा रहा है. ऑनलाइन प्रोजेक्टर बोर्ड से स्मार्ट कक्षाएं भी संचालित की जा रही है. वहीं दूसरी ओर बोकारो के सरकारी स्कूल अब तक बिजली कनेक्शन से ही वंचित रह गये हैं. यह देखने को मिला राजकीय प्राथमिक विद्यालय पुलिस लाइन सेक्टर 12 में. विद्यालय में मूलभूत सुविधा का घोर अभाव भी दिखा. क्लास में प्रकाश लाने के लिए खिड़की को खोलकर रखना पड़ता है. विद्यालय आसपास जंगल-झाड़ी से घिरा हुआ है. ऐसे में खिड़की खोलने से कीड़े-मकोड़े प्रवेश कर जाते हैं. वहीं गर्मी में बिना पंखे के कारण परेशानी होती है. वहीं बारिश में भी दिक्कत होती है.

आयरनयुक्त पानी पीने की विवशता

यहां के छात्र-छात्राएं और शिक्षक चापाकल का आयरन युक्त पानी पीने को विवश हैं. वहीं इन स्कूलों में मध्याह्न भोजन बनाने साफ पानी के लिए रसोइयां भी मशक्कत कर रही हैं. शुद्ध पानी नहीं मलने से छात्र-छात्राओं के स्वास्थ्य पर काफी दुष्प्रभाव पड़ता है. इसकी जानकारी विभाग के अधिकारियों को भी है, लेकिन वे अब तक इस पर कोई ठोस पहल नहीं कर रहे हैं. चिकित्सकों की मानें तो आर्सेनिक युक्त जल पीने से चर्मरोग, कैंसर के साथ ही किडनी फेल होने समेत कई बीमारियां होती हैं.

जर्जर रसाेई घर में बन रहा भोजन

विद्यालय का रसोई घर जर्जर हो चुका है. दीवारों में दरार आ गयी है और यह कभी भी गिर सकता है, लेकिन इसकी मरम्मत नहीं करायी जा रही है. मध्याह्न भोजन बनाने वाले समूह की महिलाओं को खतरा बना रहता है. रसोइयों की ओर से मजबूरी में इसी शेड में खाना तैयार किया जा रहा है. रसोइयों ने बताया कि इसकी मरम्मत के लिए कई बार संबंधित पदाधिकारी को अवगत करा चुके हैं, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया जा रहा है.

विद्यालय की स्थिति एक नजर में

विद्यालय में 104 बच्चे नामांकित है और तीन शिक्षक कार्यरत है. आठ क्लास रूम है. पानी के पीने के लिए एक चापाकल है और एक चापाकल खराब हुआ है. विद्यालय में बाउंड्रीवाल नहीं है और जंगल झाड़ी से घिरा हुआ है. बच्चों को छात्रवृति मिल रही है. साथ ही पोशाक का वितरण किया गया है. बालक-बालिका के लिए शौचालय है. तड़ित चालक लगा हुआ है. बेंच की कमी नहीं है.

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