Bokaro News: आपात स्थिति से निबटने के लिए आसपास के लोगों को करें जागरूक : उपायुक्त

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Bokaro News: आपात स्थिति से निबटने के लिए आसपास के लोगों को करें जागरूक : उपायुक्त

Bokaro News: चास स्थित एक निजी अस्पताल में सिविल डिफेंस का छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र संपन्न हुआ.

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बोकारो, चास स्थित एक निजी अस्पताल में शनिवार को सिविल डिफेंस का छह दिवसीय आवासीय प्रशिक्षण सत्र संपन्न हुआ. समापन समारोह में डीसी अजय नाथ झा व उप विकास आयुक्त शताब्दी मजूमदार शामिल हुए. नव-प्रशिक्षित वोलेंटियर्स ने विभिन्न आपातकालीन परिस्थितियों में राहत व बचाव कार्यों का प्रदर्शन कर दक्षता का परिचय दिया.

डीसी श्री झा ने कहा कि सिविल डिफेंस के स्वयंसेवक केवल प्रशिक्षण प्राप्त व्यक्ति नहीं, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं. प्रशिक्षु वॉलेंटियर मास्टर ट्रेनर की भूमिका निभाते हुए आसपास के लोगों को प्राथमिक उपचार, आपदा प्रबंधन व आपातकालीन प्रतिक्रिया के प्रति जागरूक करें. डीसी ने सुझाव दिया कि स्नेक बाइट, सड़क दुर्घटना, सीपीआर, फ्रैक्चर या आग लगने जैसी घटनाओं के बाद किए जाने वाले प्राथमिक उपचार की छोटी-छोटी वीडियो व रील तैयार कर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा करें, ताकि आमजन तक सही व त्वरित जानकारी पहुंच सके.

सूचना मिलते ही तत्परता से निभाएं भूमिका

डीसी ने कहा कि सिविल डिफेंस से जुड़ना केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज सेवा का सशक्त माध्यम है. इस कार्य को चुनने के लिए सभी स्वयंसेवक बधाई के पात्र हैं और उन्हें अपने कार्य पर गर्व होना चाहिए. प्रशिक्षण का उद्देश्य संकट की घड़ी में लोगों की जान बचाना है. उन्होंने कहा कि आपदा या दुर्घटना की सूचना मिलते ही स्वयंसेवक बिना विलंब के घटनास्थल पर पहुंचकर समन्वित व सुरक्षित तरीका से कार्य करें. डीसी ने टीमवर्क, अनुशासन व त्वरित निर्णय क्षमता को सिविल डिफेंस की सबसे बड़ी ताकत बताया.

व्यावहारिक प्रशिक्षण के साथ कराया गया डेमो

डीडीसी शताब्दी मजूमदार ने कहा कि छह दिवसीय प्रशिक्षण सत्र के दौरान प्रतिभागियों को सैद्धांतिक जानकारी के साथ-साथ व्यापक व्यावहारिक प्रशिक्षण भी दिया गया. विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की ओर से स्नेक बाइट प्रबंधन, सीपीआर, रोड एक्सीडेंट रेस्क्यू, इमरजेंसी स्ट्रेचर उपयोग, फ्रैक्चर व बर्न प्रबंधन के संबंध में बारिकी से बताया गया. प्रशिक्षण के दौरान मॉक ड्रिल व लाइव डेमो से प्रतिभागियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव कराया गया, जिससे आपातकालीन स्थिति में आत्मविश्वास के साथ कार्य कर सकें.

नव-प्रशिक्षित स्वयंसेवकों ने किया कौशल प्रदर्शन

नव-प्रशिक्षित वॉलेंटियर्स ने समूहों में विभाजित होकर विभिन्न आपातकालीन परिदृश्यों का प्रदर्शन किया. डीसी ने कहा कि जिला में सिविल डिफेंस की सशक्त टीम किसी भी आपदा की स्थिति में प्रशासन का सहयोग करने के लिए तैयार है. प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र दिया गया. भविष्य में नियमित मॉक ड्रिल व रिफ्रेशर प्रशिक्षण आयोजित करने की भी बात कही गयी. प्रशिक्षण सत्र जिला में आपदा प्रबंधन प्रणाली को और अधिक सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा.

मौके पर डॉ एसपी वर्मा (स्टेट ट्रेनिंग ऑफिसर), डॉ निशांत कुमार (डिप्टी डिविजनल वार्डन), डॉ पूजा (प्राथमिक उपचार व्याख्याता), डॉ करण, इंजीनियर रवि, जय प्रकाश सिंह, एमएम झा, इंस्पेक्टर आजाद खान, अंजनी कुमार सिन्हा (जीएम, बीएसएल) सहित कुल 54 विद्यार्थियों ने भाग लिया.

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Anand Kumar Upadhyay

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