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Bokaro News: विपक्ष की उपस्थिति के बिना संहिताओं को संसद में पारित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का माखौल उड़ाया गया

Updated at : 02 Feb 2026 11:11 PM (IST)
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Bokaro News: विपक्ष की उपस्थिति के बिना संहिताओं को संसद में पारित कर लोकतांत्रिक प्रक्रिया का माखौल उड़ाया गया

Bokaro News: ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो ने आरएमएचपी में मजदूरों के साथ की बैठक, 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल बीएसएल में सफल होने का दावा, श्रम अधिकारों को खत्म करने का अभियान है चार लेबर कोड.

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बोकारो, ट्रेड यूनियन संयुक्त मोर्चा बोकारो की ओर से 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को बीएसएल में सफल बनाने के लिए जागरूकता अभियान लगातार जारी है. इसी क्रम में सोमवार को आरएमएचपी विभाग के बीएसएल कैंटीन रेस्ट रूम में मजदूरों की बैठक हुई. सीटू के महामंत्री आरके गोरांई ने कहा कि केंद्र सरकार अधिसूचना जारी कर श्रम संहिताओं को मजदूर समर्थक और आधुनिकीकरण के रूप में चित्रित करने का प्रयास करती है, जबकि वास्तव में वे आजादी के बाद से मजदूरों के कड़े संघर्षों से हासिल अधिकारों और हकों का सबसे व्यापक और आक्रामक हनन हैं, जिसका मकसद काॅरपोरेट के शोषण, ठेकेदारी, अनियंत्रित नियुक्ति व बर्खास्तगी को सुविधाजनक बनाना है.

देश का सर्वोच्च त्रिपक्षीय आधिकारिक मंच, भारतीय श्रम सम्मेलन (आइएलसी), ट्रेड यूनियनों के लगातार आग्रह के बावजूद पिछले 10 वर्षों से नहीं बुलाया गया है. सीटू, एटक, इंटक, एचएमएस, सेवा, एआईयूटीयूसी, एआईसीसीटीयू, यूटीयूसी, टीयूसीसी अन्य सहित सभी केंद्रीय ट्रेड यूनियनों ने हर परामर्श में ठोस और अकाट्य तर्कों और दस्तावेजी प्रमाणों के साथ इन संहिताओं का सर्वसम्मति से विरोध किया. सरकार ने ट्रेड यूनियनों द्वारा उठायी गयी हर बड़ी आपत्ति को नजरअंदाज कर दिया. विपक्ष की उपस्थिति के बिना ही इन संहिताओं को संसद में पारित कर दिया गया, जिससे लोकतांत्रिक प्रक्रिया का मखौल उड़ाया गया.

चारों श्रम संहिता का मकसद सामाजिक सुरक्षा को प्रतीकात्मक योजनाओं तक सीमित करना

चारों श्रम संहिता, काॅरपोरेट द्वारा संचालित श्रम बाजार विनियमन का एक साधन हैं, जिनका मकसद है नौकरी की सुरक्षा को नष्ट करना, हड़ताल के अधिकार का दमन, श्रम निरीक्षण को खत्म करना, ठेकेदारी और निश्चित अवधि के रोजगार का विस्तार करना, यूनियनों और सामूहिक सौदेबाजी को कमजोर करना और सामाजिक सुरक्षा को प्रतीकात्मक योजनाओं तक सीमित करना है. इन सभी का मकसद श्रम लागत को न्यूनतम करने और श्रम अधिकारों को खत्म करने का एक पागल अभियान है.

सामूहिक रूप से उन अधिकारों पर जोर दें, जिन्हें छीनने का प्रयास किया जा रहा : ब्रजेश

एटक के अवर महामंत्री ब्रजेश कुमार ने कहा कि हम भारत के मजदूर वर्ग से आह्वान करते हैं कि वे केंद्रीय ट्रेड यूनियनों के संयुक्त मंच के एकजुट आह्वान में शामिल हों और क्षेत्रीय व राष्ट्रीय स्तर पर जुझारू एकजुट संघर्ष के माध्यम से ऐसे क्रूर जनविरोधी कदमों का डटकर विरोध करें. सामूहिक रूप से उन अधिकारों पर जोर दें, जिन्हें छीनने का प्रयास किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि भारत का मजदूर वर्ग पहले भी मजदूर विरोधी नीतियों से लड़कर उन्हें पराजित कर चुका है. वह फिर से ऐसा ही करेगा और 12 फरवरी की आहूत देशव्यापी हड़ताल को बोकारो स्टील प्लांट में सफल बनाया जायेगा. एसपी सिंह, देव कुमार, संजीव पोद्दार, प्राण सिंह ने भी संबोधित किया. बैठक की अध्यक्षता एमए अंसारी ने की.

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ANAND KUMAR UPADHYAY

लेखक के बारे में

By ANAND KUMAR UPADHYAY

ANAND KUMAR UPADHYAY is a contributor at Prabhat Khabar.

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