Bokaro News : जिले को हरा-भरा बनाने लिए लगाये जायेंगे 18 लाख पौधे
Published by : ANAND KUMAR UPADHYAY Updated At : 01 Jul 2025 10:52 PM
Bokaro News : वन विभाग, जिला प्रशासन व बीएसएल मिलकर करेंगे पौधरोपण, व्हाट्सएप नंबर पर संपर्क कर आम लोग प्राप्त कर सकते हैं पौधे.
बोकारो, बोकारो जिला को हरा-भरा और प्रदूषण मुक्त बनाने की दिशा में आने वाला समय सकारात्मक साबित होगा. जिले में 18 लाख पौधरोपण किया जायेगा. सात से 15 जुलाई तक पौधारोपण सप्ताह मनाया जायेगा. अभियान में वन विभाग, जिला प्रशासन व बीएसएल प्रबंधन संयुक्त रूप से शामिल होंगे. वन विभाग 11 लाख पौधे, जिला प्रशासन 1.25 लाख पौधे व बीएसएल प्रबंधन छह लाख पौधे लगायेगा.
आम लोग भी मुहिम में हो सकते हैं शामिल
आम लोग भी इस मुहिम में शामिल हो सकते हैं. इच्छुक लोग व्हाट्सएप नंबर 7063166616 पर संपर्क कर पौधे की डिमांड कर सकते हैं. प्रशासन की ओर से उन्हें निःशुल्क पौधे उपलब्ध कराए जाएंगे. इसके सुचारू संचालन के लिए टास्क फोर्स कमेटी का गठन किया गया है. वहीं पेटरवार क्षेत्र में इको टूरिज्म और वर्क फ्रॉम फॉरेस्ट जैसी परियोजना को बढ़ावा देने के लिए वन विभाग प्रस्ताव तैयार करेगा. दामोदर नद के सहायक नदियों के किनारे स्थित वनभूमि को भी चिन्हित कर विभाग क्षेत्र को विकसित करेगा.
बोकारो में जंगल मानक से कम
बोकारो जिले में मात्र 19.85 प्रतिशत क्षेत्र वनक्षेत्र है. जबकि, मानक 33 प्रतिशत का है. भारत वन स्थिति रिपोर्ट-2023 की माने तो जिला में 572.41 वर्ग किमी वन क्षेत्र है. भारतीय वन सर्वे 2021 की रिपोर्ट की माने तो बोकारो जिला के 576.00 वर्ग किमी क्षेत्र में वन था. जबकि 2019 सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिला में 573.55 वर्ग किमी जंगल क्षेत्र था. वहीं 2017 सर्वे रिपोर्ट के अनुसार जिला का 570 वर्ग किमी क्षेत्र जंगल था. बोकारो जिला में बहुत घने वन ( वीडीएफ) क्षेत्र 59.04 वर्ग किमी है. वहीं मध्यम घने वन क्षेत्र 231.40 वर्ग किमी है. वहीं खुला क्षेत्र का जंगल 281.97 वर्ग किमी है.
जिले में छह ऑक्सीजन जोन
जंगल को प्राकृतिक का फेफड़ा माना जाता है. साथ ही ऑक्सजीन जोन को भी. जिले के छह जंगल ऑक्सीजन जोन का काम करते हैं. गोमिया प्रखंड का लुगू पहाड़, चंद्रपुरा प्रखंड का सोनाडाली पहाड़ी क्षेत्र नावाडीह प्रखंड का ऊपरघाट वन क्षेत्र पेटरवार प्रखंड का चरगी, कसमार प्रखंड का हिसिम केदला व जरीडीह प्रखंड का भस्की वन क्षेत्र ऑक्सीजन जोन माने जाते हैं. इन जंगल में भारी मात्रा में महुआ, पॉली, लाइकेन, पीपल व नीम के पेड़ हैं. जो भारी मात्रा में ऑक्सीजन देते हैं.डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है
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