65 की जगह मात्र 13 कर्मी के सहारे चल रहा जियाडा

Updated at : 16 Feb 2020 4:12 AM (IST)
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65 की जगह मात्र 13 कर्मी के सहारे चल रहा जियाडा

बोकारो : जियाडा में कर्मियों की कमी का प्रतिकूल असर काम काज पर पड़ रहा है. आलम यह है वर्क लोड अधिक होने की वजह से कई काम समय पर नहीं हो पा रहा है. कार्यालय में पत्र टाइप करने में भी मशक्कत करनी पड़ती है. बियाडा में अधिकतर पुराने कर्मी ही है. उन्हें हिंदी […]

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बोकारो : जियाडा में कर्मियों की कमी का प्रतिकूल असर काम काज पर पड़ रहा है. आलम यह है वर्क लोड अधिक होने की वजह से कई काम समय पर नहीं हो पा रहा है. कार्यालय में पत्र टाइप करने में भी मशक्कत करनी पड़ती है. बियाडा में अधिकतर पुराने कर्मी ही है. उन्हें हिंदी टाइपिंग नहीं आती है. इस कारण एक कर्मी पर हिंदी टाइपिंग का काम सौंपा गया है. अगर कर्मी किसी कारणवश नहीं आया तो जियाडा के पदाधिकारी जुगाड़ लगाकर पत्र आदि टाइपिंग कराते हैं.

उद्योग विस्तार पदाधिकारी का काम करते हैं सहायक विकास पदाधिकारी : उद्योग विस्तार पदाधिकारी का पद रिक्त रहने के कारण इकाइ का निरीक्षण रिपोर्ट देने का काम सहायक विकास पदाधिकारी कर रहे हैं. एक पदाधिकारी के जिम्मे बोकारो, सिंदरी, कांड्रा व गिरिडीह का औद्योगिक जिम्मा है. इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि काम किस गति से और कितने समय से होता होगा. इसी प्रकार सहायक नहीं रहने के कारण दो सहायक पर पूरा कार्यभार भी है.

कार्यालय में झाड़ू लगाने के लिए भी बाहरी मजदूर : कार्यालय में झाड़ू लगाने व सफाई करने के लिए अनुबंध पर एक कर्मी को रखा गया है. उसी के जिम्मे कार्यालय के अलावा परिसर की साफ सफाई है. हांलांकि वह पूर्व से कार्यरत है. लेकिन सेवानिवृत्ति के बाद स्थानीय पदाधिकारियों ने उसे अनुबंध पर रखा है. उसे आठ हजार रुपये मासिक भुगतान किया जाता है.

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