बोकारो विधानसभा : 77 से जीतते-हारते रहे समरेश की विरासत बहू को, झाविमो-आजसू भी ठोक रहे ताल

By Prabhat Khabar Digital Desk
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सीपी सिंह, बोकारो : मतदाताओं की संख्या के आधार पर बोकारो झारखंड का सबसे बड़ा विधानसभा क्षेत्र है. क्षेत्र में 5,15,971 मतदाता हैं. 1977 में बोकारो विधानसभा क्षेत्र राजनीतिक मानचित्र में आया. 1972 तक बोकारो विस का कुछ हिस्सा जरीडीह विधानसभा तो कुछ चंदनकियारी विस के अंतर्गत आता था.
77 में हुए चुनाव में समरेश सिंह ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में जीत हासिल की थी. 2014 के चुनाव तक समरेश सिंह इस विधानसभा सीट से लड़ते रहे. कभी जीते, तो कभी हार का भी सामना करना पड़ा. लेकिन उम्र के इस पड़ाव में लगातार अस्वस्थता के कारण इस बार वह चुनावी मैदान में नहीं है.
वर्ष 1980 में जनता पार्टी के उम्मीदवार अकलू राम महतो ने समरेश सिंह को हराया. लेकिन 1985 व 90 में समरेश सिंह तो 1995 में अकलू राम महतो ने दोबारा वापसी की. 2000 में समरेश सिंह, 2005 में इजरायल अंसारी, 2009 में फिर समरेश सिंह विधायक बने. 2014 में बिरंची नारायण ने रिकॉर्ड 72, 643 मतों से विजय हासिल की.
एक बार फिर यहां भाजपा, कांग्रेस के बीच मुकाबला की संभावना है. पूर्व मंत्री समरेश सिंह की बहू श्वेता सिंह कांग्रेस के टिकट पर चुनाव मैदान में है. परिवार के राजनीतिक परंपरा को आगे बढ़ाने के लिए आयी है. जेवीएम, आजसू भी यहां से ताल ठोके हुए हैं.

कुल वोटर 514405

पुरुष वोटर 279274
महिला वोटर 235131
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो हुए
1. हैसाबातु पेयजलापूर्ति योजना शुरू
2. 14 गांव में पहली बार बिजली पहुंची
3. एयरपोर्ट विस्तारीकरण शुरू
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए
1. पिंडराजोरा प्रखंड नहीं बन सका
2. मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं
3. विस्थापित गांव को नहीं मिली सुविधा
तीन महत्वपूर्ण कार्य जो नहीं हुए
1. पिंडराजोरा प्रखंड नहीं बन सका
2. मेडिकल कॉलेज का निर्माण नहीं
3. विस्थापित गांव को नहीं मिली सुविधा
कई योजनाएं शुरू हुईं : विरंची
बोकारो विधायक विरंची नारायण ने कहा कि पिछले पांच साल में बहुत काम हुआ है. ऐसी कई योजना की नींव रखी गयी, जो भविष्य में बोकारो की पहचान बनेगी. कई पुराने लंबित काम को पूरा कराया गया. आधारभूत संरचना को पूरा किया गया. हर क्षेत्र में विकास किया.
सपना दिखाया गया : समरेश
बोकारो में सिर्फ विकास का सपना दिखाया गया, योजनाएं धरातल पर नहीं उतरी. हवाई अड्डा का काम शुरू तो हुआ पर पूरा नहीं हुआ. विधायक का यह दावा कि आजादी के बाद सर्वाधिक विकास किया गया, तथ्य से परे है. डॉक्टरों का अभाव है.
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