ट्रेनिंग अवधि में कर्मी नहीं जा सकते हड़ताल पर, काम लें
Updated at : 16 Sep 2019 8:32 AM (IST)
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रांची : राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन ने राज्य भर के राजस्वकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सारे उपायुक्तों को पत्र लिखा है. सचिव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कार्यरत 645 राजस्व उपनिरीक्षक अभी ट्रेनिंग अवधि में हैं. ऐसे में दो साल तक वे हड़ताल में नहीं जा सकते […]
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रांची : राजस्व, निबंधन एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव केके सोन ने राज्य भर के राजस्वकर्मियों की अनिश्चितकालीन हड़ताल पर सारे उपायुक्तों को पत्र लिखा है. सचिव ने स्पष्ट किया है कि राज्य में कार्यरत 645 राजस्व उपनिरीक्षक अभी ट्रेनिंग अवधि में हैं.
ऐसे में दो साल तक वे हड़ताल में नहीं जा सकते हैं. यानी उनका हड़ताल पर जाना निषिद्ध है. इसलिए अपने स्तर से कार्रवाई करते हुए सभी अंचलों में नव नियुक्त इन अंचल उप निरीक्षकों से कार्य कराया जाये.
सचिव ने लिखा है कि इन राजस्व उप निरीक्षकों की नियुक्ति नवंबर 2018 में की गयी थी. इस तरह उनकी दो वर्ष की अवधि नवंबर 2020 में पूरी होगी. अभी वे ट्रेनिंग अवधि में हैं. हड़ताल को लेकर सचिव ने सारे उपायुक्तों से कहा है कि अंचल निरीक्षक हड़ताल पर नहीं हैं. ऐसे में उपनिरीक्षकों के कार्यों का अतिरिक्त प्रभार अंचल निरीक्षकों की जाये, ताकि कामकाज हो सके.
जाति-आवासीय प्रमाण पत्र मिले : सचिव ने लिखा है कि हड़ताल के दौरान अंचल से संबंधित महत्वपूर्ण कामकाज प्रभावित न हो, इसका खास ध्यान दिया जाये. यह सुनिश्चित की जाये कि विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र व आवासीय प्रमाण पत्र हर हाल में मिले. उनका यह कार्य प्रभावित न हो. इसके साथ ही जमीन संबंध कार्य दाखिल खारिज, लगान लेना, रसीद निर्गत करना, एलपीसी सहित अन्य काम भी हो. सचिव ने अंचल के सभी काम सुचारू तरीके से निष्पादन के लिए सारे उपायुक्तों को निर्देश दिया है.
पांच सितंबर से बेमियादी हड़ताल पर हैं कर्मी
288 प्रखंड कार्यालय में काम प्रभावित
झारखंड राज्य राजस्व उप निरीक्षक संघ के बैनर तले राज्य के 288 अंचलों के राजस्व उप निरीक्षक पांच सितंबर से हड़ताल पर हैं. वे अपनी नौ सूत्री मांगों को लेकर हड़ताल कर रहे हैं. करीब 1500 उप निरीक्षक हड़ताल पर हैं. इससे पूर्व उन्होंने सात मार्च 2017 और 24 फरवरी 2018 को भी हड़ताल किया था. इस दौरान भी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर रहे. संरक्षक भरत प्रसाद सिन्हा व महासचिव दुर्गेश मुंडा का कहना है कि आश्वासन के बाद भी मांगें पूरी नहीं हुई, इसलिए फिर हड़ताल पर जाना पड़ा.
संघ की प्रमुख मांगें
राजस्व उप निरीक्षकों का न्यूनतम ग्रेड पे 2400 व तीन वर्षों बाद 2800 किया जाये
झारखंड में राजस्व प्रोटेक्शन एक्ट लागू हो
सीआइ की सीधी बहाली पर रोक लगा कर 50 फीसदी पद वरीयता व 50 फीसदी पद सीमित परीक्षा से भरी जाये
सीमित प्रतियोगिता परीक्षा के लिए उप निरीक्षकों की कार्य अवधि पांच वर्ष निर्धारित की जाये
हल्का इकाई का पुनर्गठन हो और क्षेत्र भ्रमण के लिए दो पहिया वाहन उपलब्ध कराया जाये
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